UP News: बरेली में वकीलों के चैंबर पर चला बुलडोजर, नगर निगम ने रात में की ध्वस्तीकरण की कार्रवाई
बरेली में नगर निगम ने बृहस्पतिवार रात बड़ी कार्रवाई की। निगम की टीम ने कचहरी के पास बुलडोजर चलाकर वकीलों के अस्थायी चैंबर ध्वस्त कर दिए। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल मौजूद रहा।
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बरेली में नगर निगम की टीम ने बृहस्पतिवार रात साढ़े दस बजे कचहरी के पास बुलडोजर चलाकर वकीलों के अस्थायी चैंबर व अन्य अतिक्रमण को ध्वस्त कर दिया। पुलिस टीम की मौजूदगी में आसपास का रास्ता और बिजली आपूर्ति बंद कर यह कार्रवाई की गई।
अधिकारियों को काफी समय से कचहरी के आसपास अतिक्रमण की शिकायतें मिल रही थीं। बताया जा रहा है कि वकीलों ने रोड किनारे स्थायी चैंबर बना लिए थे। इससे वहां दिनभर जाम लगता था। स्थिति से निपटने के लिए रात में दो बुलडोजर के साथ टीम मौके पर पहुंची।
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डेढ़ घंटे तक चली कार्रवाई
वकीलों के हंगामे की आशंका के चलते सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। डेढ़ घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान सभी कब्जों को ध्वस्त कर दिया गया। कचहरी के पास का यह क्षेत्र वीआईपी इलाका है। यहां वनमंत्री डॉ. अरुण कुमार के अलावा मंडलायुक्त, एसएसपी और सीडीओ के आवास भी हैं।
इसके बावजूद यहां अतिक्रमण फैला हुआ था। कार्रवाई के बाद कई वकील भी मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक टीम जा चुकी थी। सीओ प्रथम आशुतोष शिवम ने बताया कि नगर निगम की टीम ने कार्रवाई की है। सुरक्षा के लिए पुलिस टीम तैनात रही।
बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष शिरीष कुमार मेहरोत्रा ने बताया कि बेहद अफसोस की बात है। वैकल्पिक व्यवस्था होने तक ध्वस्तीकरण को टोला जा सकता था। ऑफिसर ऑफ द कोर्ट की परिकल्पना मात्र जुमला प्रतीत होती है।
सहायक नगर आयुक्त मयंक ने बताया कि कचहरी के पास रोड के किनारे किए गए अतिक्रमण को ध्वस्त किया गया है, ताकि वहां जाम न लगे और लोगों आवागमन में सहूलियत हो।
सरकारी जमीन पर लगाया कॉलोनी का गेट, निगम ने चलाया बुलडोजर
नगर निगम ने बृहस्पतिवार को प्रेम नगर क्षेत्र की कीर्ति नगर कॉलोनी के गेट नंबर चार को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के चलते की गई। कॉलोनी के निवासियों ने इस अचानक हुई कार्रवाई पर रोष जताया है। उनका कहना है कि उन्हें पहले कोई सूचना या नोटिस नहीं दिया गया। कॉलोनी निवासी एसएस चौधरी ने बताया कि सूचना मिलने पर वे स्वयं गेट हटा लेते।
स्थानीय लोगों ने इस तोड़फोड़ को नगर निगम की तानाशाही और अवैधानिक बताया। वे अब इसे अपनी सुरक्षा के लिए खतरा मान रहे हैं। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने कहा कि गेट अतिक्रमण में था। उन्होंने बताया कि कॉलोनी वालों को इसे हटाने के लिए पहले ही कहा गया था। चेतावनी के बाद भी गेट न हटाने पर यह कार्रवाई की गई।