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UP News: बरेली में गुलाटी गैंग पर दो और रिपोर्ट दर्ज, शाहजहांपुर और हरदोई के निवेशकों के लाखों रुपये हड़पे
Thu, 13 Aug 2026 10:56 AM IST
Mukesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: Mukesh Kumar
Updated Thu, 13 Aug 2026 10:56 AM IST
सार
बरेली में करोड़ों रुपये की ठगी के आरोपी कन्हैया गुलाटी और उसके गिरोह के खिलाफ बारादरी थाने में दो नई रिपोर्ट दर्ज हुई हैं। इसमें शाहजहांपुर और हरदोई के निवेशकों ने गुलाटी गैंग पर लाखों रुपये हड़पने का आरोप लगाया है।
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कन्हैया गुलाटी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बरेली में करोड़ों रुपये की ठगी के आरोपी कन्हैया गुलाटी और उसके गिरोह के खिलाफ बारादरी थाने में दो नई रिपोर्ट दर्ज की गई हैं। शाहजहांपुर और हरदोई जिलों के निवेशकों ने गुलाटी के जाल में फंसकर लाखों रुपये गंवा दिए हैं। पुलिस अब तक गुलाटी का सुराग नहीं लगा पाई है, जबकि उसके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। एसएसपी के आदेश पर ये रिपोर्ट दर्ज की गई हैं।
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शाहजहांपुर निवासी विश्वमोहन मिश्रा ने बताया कि उन्होंने और उनके भाई श्याम मोहन मिश्रा ने कैनविज कंपनी के केएम एसोसिएट के खाते में कुल बारह लाख रुपये जमा किए थे। यह राशि गुलाटी के गुर्गे जगतपाल के जरिये जमा कराई गई थी। जगतपाल ने 22 माह तक जमा राशि पर पांच फीसदी ब्याज और अवधि पूरी होने पर मूलधन वापसी का वादा किया था। गारंटी के तौर पर चेक भी दिए गए थे।
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जब ब्याज नहीं मिला तो जगतपाल ने पुराने चेक वापस लेकर नए चेक देने का बहाना बनाया। डीडीपुरम स्थित दफ्तर में जगतपाल, ओमप्रकाश मौर्य, सुरेश कुशवाह, सोनू चंद्रा और उमेश गंगवार ने निवेशकों से मुलाकात की। उन्होंने नए चेक देने का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में गुलाटी के कंपनी बंद कर भाग जाने की जानकारी दी।
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हरदोई के निवेशकों से भी ठगी
हरदोई के विनोद तिवारी ने भी एक रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने जनवरी 2025 में जगतपाल के माध्यम से केएम एसोसिएट के खाते में पांच लाख रुपये जमा किए थे। उन्हें भी 22 माह तक पांच फीसदी ब्याज का झांसा दिया गया। दो माह तक ब्याज मिलने के बाद विनोद ने अपनी बहन सीमा त्रिवेदी और बहनोई राजेश त्रिवेदी के ढाई-ढाई लाख रुपये भी निवेश करा दिए। डीडीपुरम कार्यालय पर इन लोगों ने भी गारंटी के चेक वापस ले लिए और नए चेक नहीं दिए। पुलिस ने दोनों मामलों में जांच शुरू कर दी है।
हरदोई के विनोद तिवारी ने भी एक रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने जनवरी 2025 में जगतपाल के माध्यम से केएम एसोसिएट के खाते में पांच लाख रुपये जमा किए थे। उन्हें भी 22 माह तक पांच फीसदी ब्याज का झांसा दिया गया। दो माह तक ब्याज मिलने के बाद विनोद ने अपनी बहन सीमा त्रिवेदी और बहनोई राजेश त्रिवेदी के ढाई-ढाई लाख रुपये भी निवेश करा दिए। डीडीपुरम कार्यालय पर इन लोगों ने भी गारंटी के चेक वापस ले लिए और नए चेक नहीं दिए। पुलिस ने दोनों मामलों में जांच शुरू कर दी है।
गुलाटी के मामलों की जांच कर रही ईओडब्ल्यू और ईडी
कन्हैया गुलाटी के खिलाफ बरेली में करीब 68 मामले दर्ज हैं। इन मामलों की विवेचना अब तक पुलिस अधीक्षक यातायात के अधीन बनी एसआईटी कर रही थी। अब शासन स्तर से यह मामला लखनऊ पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को स्थानांतरित कर दिया गया है। इसके लिए आदेश भी मिल चुका है और दस्तावेज हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
कन्हैया गुलाटी के खिलाफ बरेली में करीब 68 मामले दर्ज हैं। इन मामलों की विवेचना अब तक पुलिस अधीक्षक यातायात के अधीन बनी एसआईटी कर रही थी। अब शासन स्तर से यह मामला लखनऊ पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को स्थानांतरित कर दिया गया है। इसके लिए आदेश भी मिल चुका है और दस्तावेज हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
कैनविज कंपनी में विदेशी निवेश की जानकारी सामने आने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी गुलाटी की कंपनी की जांच कर रहा है। बारादरी थाने का हिस्ट्रीशीटर और इनामी कन्हैया गुलाटी पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। कयास लगाए जा रहे हैं कि कन्हैया गुलाटी सफेदपोशों की शरण में है। पुलिस ने उसकी हिस्ट्रीशीट भी खुलवाई थी।
एसआईटी प्रभारी मोहम्मद अकमल खान ने बताया कि कन्हैया गुलाटी पर दर्ज नए मामलों की रिपोर्ट की विवेचना फिलहाल स्थानीय स्तर पर ही होगी। चूंकि ठगी की रकम करोड़ों में है इसलिए बाकी मामलों की विवेचना ईओडब्ल्यूडी को सौंप दी गई है। मुकदमों की पत्रावली भेजी जा रही हैं।