बरेली: साइबर ठगों ने छह लोगों के 5.40 लाख रुपये उड़ाए, पुलिसकर्मियों को भी बनाया निशाना
साइबर धोखाधड़ी के मामले थम नहीं रहे हैं। बरेली में छह लोगों के खातों से लाखों रुपये निकाल लिए गए। पीड़ितों ने अलग-अलग थानों में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
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बरेली में साइबर ठगों ने लोगों की नींद उड़ा दी है। ठगों ने कई लोगों के बैंक खातों से अलग-अलग तरीकों से लाखों रुपये उड़ा लिए। छह अलग-अलग मामलों में पीड़ितों ने करीब 5.40 लाख रुपये ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने सभी मामलों में जांच शुरू कर दी है।
इन लोगों से हुई ठगी
एक मामले में माइक्रोवेब ठीक कराने और रोजगार दिलाने जैसे बहाने बनाकर ठगी की गई। कोतवाली क्षेत्र के अविनेंद्र कुमार शर्मा के दो बैंक खातों से 23 से 25 सितंबर के बीच करीब 1.11 लाख रुपये निकाले गए। उन्हें माइक्रोवेब ठीक कराने के बहाने एक अनजान नंबर से संपर्क किया गया था। इज्जतनगर के अहलादपुर निवासी रामबाबू के खाते से 20 सितंबर को 99,800 रुपये निकाल लिए गए।
नगरिया परीक्षित निवासी हिमांशु कश्यप के बंधन बैंक खाते से किसी ने 21 सितंबर को 95 हजार रुपये स्थानांतरित कर लिए। सीबीगंज की शिवानी से रोजगार दिलाने के नाम पर 24 सितंबर को 87 हजार रुपये की ठगी हुई। बिथरी क्षेत्र के पुलिसकर्मी कपिल चौधरी के खाते से 22 अप्रैल को 80 हजार रुपये उड़ाए गए। उडला जागीर निवासी आरिफ खान के बैंक खाते से 15 जुलाई को 67,274 रुपये निकाले गए।
टेलीग्राम पर आए लिंक पर क्लिक करना बहेड़ी के महादेवपुरम निवासी एक युवक को भारी पड़ गया। साइबर ठगों ने खाते से 4.42 लाख रुपये उड़ा दिए। मोहल्ला महादेवपुरम निवासी शिवांग गंगवार ने थाने में रिपोर्ट कराई कि 28 सितंबर को टेलीग्राम पर अज्ञात व्यक्ति ने एक लिंक भेजा था।
लिंक खोलते ही उनके खाते से रुपये निकल गए। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस टेलीग्राम लिंक और बैंक ट्रांजेक्शन की जांच कर रही है। सीओ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि टेलीग्राम लिंक से ठगी मामले में साइबर सेल की मदद से जांच कराई जा रही है।
- किसी को आधारकार्ड या पैनकार्ड न भेजें।
- किसी नए लिंक पर क्लिक न करें, आपकी निजी जानकारी ठगों को मिल सकती है।
- किसी ऑफर या इनाम के झांसे में न आएं।
- किसी को ओटीपी न बताएं, बैंक संबंधी डिटेल न दें।
- वीडियो कॉल पर न्यूड वीडियो बनाकर ठगी के मामले बढ़े हैं, इनसे सावधान रहें।
- रात में सोते वक्त मोबाइल पर इंटरनेट बंद करना भी ठगी से बचाता है।
- फिजूल के एप डाउनलोड करने से बचें।
- ठगी होते ही 1930 टोल फ्री नंबर पर कॉल करें।
- सोशल मीडिया अकाउंट पर प्राइवेसी लगाकर रखें।
- ठगी का पता चलते ही तत्काल cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
साइबर हेल्पलाइन पर तत्काल करें शिकायत
एसपी क्राइम मनीष कुमार सोनकर ने बताया कि साइबर ठगी के मामलों में सभी पीड़ितों ने साइबर हेल्पलाइन या एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद बिथरी चैनपुर, इज्जतनगर, कोतवाली और सीबीगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने मोबाइल नंबर धारकों और साइबर ठगों के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं। पुलिस इन सभी मामलों की गहनता से जांच कर रही है।