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Bareilly News: गैंगस्टर के पांच आरोपी दोषमुक्त, सुनवाई के दौरान एक की मौत
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Tue, 17 Mar 2026 03:11 AM IST
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बरेली। स्पेशल जज गैंगस्टर एक्ट तबरेज अहमद ने थाना किला के मामले में एक और थाना भोजीपुरा के मामले में गैंगस्टर के चार आरोपियों को गत शुक्रवार को दोषमुक्त करते हुए बरी कर दिया है। थाना किला के मामले में कोर्ट ने विवेचना पर सवाल उठाए और कहा कि नियमों का पालन किए बिना गैंग चार्ट जारी कर दिया गया। अधिकारियों ने विवेक का इस्तेमाल नहीं किया।
किला थाने के तत्कालीन उप निरीक्षक रोहन लाल ने 18 जुलाई 2006 को गैंग चार्ट स्वीकृत होने के बाद प्रेमनगर थाना क्षेत्र के बानखाना निवासी नवाब हुसैन उर्फ नब्बू व मुख्तार उर्फ मुखिया के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचना के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी।
सुनवाई के दौरान मुख्तार उर्फ मुखिया की मौत होने पर उसका नाम पृथक कर दिया गया। अभियोजन पक्ष नवाब हुसैन के खिलाफ ठोस साक्ष्य नहीं दे सका। कोर्ट ने कहा कि विवेचना भी निष्पक्ष नहीं है। गैंग चार्ट स्वीकृत करने में अधिकारियों ने विवेक का इस्तेमाल नहीं किया। ऐसे में आरोपी को दोषमुक्त किया जाता है।
दूसरा मामला भोजीपुरा थाने का है। भोजीपुरा के तत्कालीन थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार ने थाना क्षेत्र के गांव भीकमपुर निवासी अजीम उर्फ हाकिम अली, जफर उर्फ कल्लू, मुन्ने और आजम अली के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत 27 सितंबर 2009 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि जिन मामलों को दर्शाते हुए गैंग चार्ट बनाया गया है, उन मामलों में आरोपी दोषमुक्त हो चुके हैं। ऐसे में गैंगस्टर एक्ट में उनको दोषी ठहराना न्यायोचित नहीं होगा। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने चारों आरोपियों को दोषमुक्त करार देते हुए बरी कर दिया।
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पीड़िता बयान से मुकरी, दुष्कर्म का आरोपी दोषमुक्त
- पीड़िता को नाबालिग साबित करने में नाकाम रहा अभियोजन पक्ष
संवाद न्यूज एजेंसी
बरेली। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट देवाशीष ने थाना भमोरा क्षेत्र के एक गांव के निवासी अभिजीत को दोषमुक्त करते हुए शुक्रवार को बरी कर दिया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान पीड़िता ने बयान बदल दिया। दूसरी ओर अभियोजन पक्ष उसे नाबालिग साबित करने में भी नाकाम रहा।
भमोरा थाना क्षेत्र के एक गांव के व्यक्ति ने गांव के ही अभिजीत के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि 14 सितंबर 2016 को उसकी नाबालिग भतीजी को अभिजीत खींचकर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। विवेचना के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी।
सुनवाई के दौरान प्रति परीक्षा में युवती ने कहा कि अभिजीत ने उसके साथ कोई बुरा काम नहीं किया। उसके ताऊ ने झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट दर्ज कराने वाले वादी ने भी कहा कि उसने अभिजीत के खिलाफ दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई थी। इस संबंध में वह कई बार अधिकारियों को बता चुका है। पंजीकृत डाक से भी अपनी बात अधिकारियों तक भेज चुका है। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अभिजीत को दोषमुक्त करार दिया।
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किला थाने के तत्कालीन उप निरीक्षक रोहन लाल ने 18 जुलाई 2006 को गैंग चार्ट स्वीकृत होने के बाद प्रेमनगर थाना क्षेत्र के बानखाना निवासी नवाब हुसैन उर्फ नब्बू व मुख्तार उर्फ मुखिया के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचना के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी।
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सुनवाई के दौरान मुख्तार उर्फ मुखिया की मौत होने पर उसका नाम पृथक कर दिया गया। अभियोजन पक्ष नवाब हुसैन के खिलाफ ठोस साक्ष्य नहीं दे सका। कोर्ट ने कहा कि विवेचना भी निष्पक्ष नहीं है। गैंग चार्ट स्वीकृत करने में अधिकारियों ने विवेक का इस्तेमाल नहीं किया। ऐसे में आरोपी को दोषमुक्त किया जाता है।
दूसरा मामला भोजीपुरा थाने का है। भोजीपुरा के तत्कालीन थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार ने थाना क्षेत्र के गांव भीकमपुर निवासी अजीम उर्फ हाकिम अली, जफर उर्फ कल्लू, मुन्ने और आजम अली के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत 27 सितंबर 2009 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि जिन मामलों को दर्शाते हुए गैंग चार्ट बनाया गया है, उन मामलों में आरोपी दोषमुक्त हो चुके हैं। ऐसे में गैंगस्टर एक्ट में उनको दोषी ठहराना न्यायोचित नहीं होगा। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने चारों आरोपियों को दोषमुक्त करार देते हुए बरी कर दिया।
पीड़िता बयान से मुकरी, दुष्कर्म का आरोपी दोषमुक्त
- पीड़िता को नाबालिग साबित करने में नाकाम रहा अभियोजन पक्ष
संवाद न्यूज एजेंसी
बरेली। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट देवाशीष ने थाना भमोरा क्षेत्र के एक गांव के निवासी अभिजीत को दोषमुक्त करते हुए शुक्रवार को बरी कर दिया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान पीड़िता ने बयान बदल दिया। दूसरी ओर अभियोजन पक्ष उसे नाबालिग साबित करने में भी नाकाम रहा।
भमोरा थाना क्षेत्र के एक गांव के व्यक्ति ने गांव के ही अभिजीत के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि 14 सितंबर 2016 को उसकी नाबालिग भतीजी को अभिजीत खींचकर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। विवेचना के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी।
सुनवाई के दौरान प्रति परीक्षा में युवती ने कहा कि अभिजीत ने उसके साथ कोई बुरा काम नहीं किया। उसके ताऊ ने झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट दर्ज कराने वाले वादी ने भी कहा कि उसने अभिजीत के खिलाफ दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई थी। इस संबंध में वह कई बार अधिकारियों को बता चुका है। पंजीकृत डाक से भी अपनी बात अधिकारियों तक भेज चुका है। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अभिजीत को दोषमुक्त करार दिया।