HPCL Murder Case: बदायूं में आरोपी अजय प्रताप सिंह की दुकानों पर चला बुलडोजर, प्रशासन ने की बड़ी कार्रवाई
Budaun News: बदायूं के सैंजनी गांव स्थित एचपीसीएल प्लांट में हुई दो अफसरों की हत्या के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। हत्यारोपी अजय प्रताप सिंह की दुकानों पर प्रशासन ने मंगलवार को बुलडोजर चला दिया।
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बदायूं के चर्चित एचपीसीएल प्लांट हत्याकांड के मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह के खिलाफ प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए मंगलवार को सुबह उसके सैजनी गांव स्थित अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चला दिया। दातागंज तहसील प्रशासन के नेतृत्व में शुरू की गई इस कार्रवाई के दौरान आरोपी की छह दुकानों को ध्वस्त किया जा रहा है।
मंगलवार सुबह से ही सैजनी गांव में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई थी। मौके पर एसडीएम दातागंज के नेतृत्व में राजस्व टीम और भारी पुलिस बल तैनात किया गया, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। बुलडोजर की कार्रवाई शुरू होते ही आसपास के क्षेत्र में लोगों की भीड़ जुट गई, हालांकि पुलिस ने सुरक्षा घेरा बनाकर स्थिति को नियंत्रण में रखा।
अवैध रूप से बनाई गई थीं दुकानें
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, आरोपी अजय प्रताप सिंह की ये दुकानें अवैध रूप से बनाई गई थीं, जिनके खिलाफ पहले से लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने नोटिस जारी किया गया था। नियमानुसार जवाब न मिलने और दस्तावेज प्रस्तुत न किए जाने पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई अमल में लाई गई।
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गौरतलब है कि सैजनी गांव स्थित एचपीसीएल प्लांट में हुए दोहरे हत्याकांड के बाद से प्रशासन पूरी तरह सख्त रुख अपनाए हुए है। घटना के बाद से ही आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ उनकी संपत्तियों की जांच भी की जा रही थी। आरोपी अजय प्रताप सिंह को लेकर रोज नए खुलासे हो रहे हैं।
दबंगई के दम पर अजय ने सैजनी चौराहे पर बना ली थी मार्केट
दोहरे हत्याकांड के आरोपी अजय प्रताप सिंह ने दबंगई और रसूख के दम पर सैजनी गांव में चौराहे के पास पूरा मार्केट बना लिया था। नोटिस लगने के बाद रविवार रात में ही किरायेदार दुकानदारों ने दुकानें खाली कर दीं, अजय के परिजनों व करीबियों ने शटर और जंगले भी तोड़कर कहीं छुपा दिए।
शाहजहांपुर के दबंग परिवार से जुड़ा अजय प्रताप सिंह पूरी दबंगई से सैजनी में आकर बस गया था। चौराहे के पास ही उसने सड़क किनारे पूरा बाजार विकसित किया हुआ है। इनमें छह दुकानों के साथ ही आवासीय जगह भी है। लगभग सभी दुकानें किराये पर दी गई थीं। इनमें से एक में चप्पल-जूतों की दुकान, दूसरी में मेडिकल स्टोर, एक में जनसेवा केंद्र व अन्य तरह के धंधे चल रहे थे। घटना के बाद दहशत में सभी दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दी थीं।
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रविवार सुबह इन दुकानों को निर्माण मानकों के विपरीत बताकर ध्वस्तीकरण पूर्व कार्रवाई का नोटिस चस्पा हुआ तो शाम ढलते ही दुकानदारों ने अपना सामान यहां से हटा लिया। इनमें से एक दुकानदार ने अमर उजाला को बताया कि उन्होंने पगड़ी के रूप में अच्छी खासी रकम अजय को दी थी, काम भी ठीक चल रहा था। अब उनकी वह रकम भी मारी गई। दुकान भी कहीं दूसरी जगह पता नहीं कब मिल सकेगी। फिलहाल, सामान उन्होंने अपने घर पर रख लिया है। सभी दुकानों के लोहे के शटर भी उखड़े हुए थे। इस बारे में संबंधित दुकानदारों ने जानकारी न होने की बात कही।
प्लांट में 12 मार्च को दिनदहाड़े हुई थी दो अफसरों की हत्या
मूसाझाग थाना क्षेत्र के अंतर्गत गांव सैंजनी में बने हिंदुस्तान पेट्रोलियम के कम्प्रेस्ड बायोगैस प्लांट में उप महाप्रबंधक सुधीर कुमार गुप्ता व सहायक मुख्य प्रबंधक हर्षित मिश्रा की 12 मार्च को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद आरोपी अजय प्रताप सिंह खुद ही थाने पहुंचा और आत्मसमर्पण कर दिया था।
एचपीसीएल डबल मर्डर केस की जांच के लिए शासन की ओर से गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) सोमवार शाम बदायूं पहुंचा। बरेली मंडलायुक्त की अध्यक्षता में पहुंची टीम ने शाम पांच बजे सैंजनी गांव स्थित एचपीसीएल प्लांट का दौरा कर घटनास्थल का मुआयना किया और वहां मौजूद कर्मचारियों व सुरक्षाकर्मियों के बयान दर्ज किए।
सरकारी जमीन कब्जाने के साथ ही आरोपी ने अपने तीनों भाइयों के नाम से मुख्यमंत्री आवास योजना का भी लाभ ले लिया। मौजूदा समय में हत्यारोपी अजय के ताऊ प्रधान हैं। ऐसे में उन्होंने अपने तीनों भतीजों को सरकारी आवास का लाभ भी दिला दिया है। तीनों भाइयों की पत्नियों के नाम आवास बने हुए हैं।
बोलेरो चालक समेत आठ लोग पुलिस हिरासत में
दोनों अधिकारियों की हत्या के मामले में आरोपी अजय प्रताप सिंह जेल जा चुका है, जबकि आठ लोग ऐसे हैं जिनको पुलिस संदिग्ध मान रही हैं। इसमें प्लांट की गाड़ी बोलेरो चलाने वाला चालक समेत आठ लोग हैं। हत्या के बाद से इन लोगों से पुलिस पूछताछ कर रही है। आठ लोग आज भी पुलिस की हिरासत में हैं। इंस्पेक्टर वीरेंद्र तोमर ने बताया संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है। साक्ष्य मिलने के बाद विवेचना में नाम शामिल किए जाएंगे।
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