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गंगा एक्सप्रेसवे: बदायूं-बरेली में रफ्तार के साथ जमीन की कीमतों ने भी भरी उड़ान, पांच गुना तक बढ़े दाम

अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: Mukesh Kumar Updated Wed, 29 Apr 2026 06:40 AM IST
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सार

गंगा एक्सप्रेसवे बनने से बदायूं और शाहजहांपुर जिले के किसानों को खासा फायदा हुआ है। जिन इलाकों में लोग जमीन खरीदने से कतराते थे, वहां अब जमीन की कीमतें चार से पांच गुना तक बढ़ गई है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। 

Ganga Expressway land prices have soared alongside the speed—rates have surged by up to five times in Bareilly
गंगा एक्सप्रेसवे - फोटो : amar ujala
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विस्तार

गंगा एक्सप्रेसवे ने बदायूं और शाहजहांपुर के किसानों की आर्थिक तस्वीर बदलनी शुरू कर दी है। जहां कभी खेतों की जमीन सीमित कीमत पर बिकती थी, वहीं अब एक्सप्रेसवे और प्रस्तावित औद्योगिक गलियारों के चलते जमीन के दाम चार से पांच गुना तक बढ़ गए हैं। बरेली के भमोरा में 1000 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर औद्योगिक गलियारे की योजना ने आसपास के गांवों को निवेश के केंद्र में ला दिया है।

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एक्सप्रेसवे से नजदीकी वाले गांवों भमोरा, पखुर्न, कुड्ढा, मकरंदपुर ताराचंद, भीकमपुर और हजरतपुर में कीमतों में सबसे ज्यादा उछाल आया है। वहीं दूसरी ओर गांवों के आसपास टाउनशिप, स्कूल और अस्पताल जैसी सुविधाएं विकसित होने की उम्मीद भी बढ़ने लगी हैं। बदायूं, बरेली और शाहजहांपुर के गांव अब सिर्फ उत्पादन केंद्र नहीं रहेंगे, बल्कि सीधे बाजार से जुड़ते हुए लोकल टू ग्लोबल सप्लाई चेन का हिस्सा बनते दिख रहे हैं। 
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गंगा एक्सप्रेसवे के आसपास विकसित हो रहे लॉजिस्टिक हब, वेयरहाउस और औद्योगिक इकाइयों के कारण किसानों को अब अपनी उपज बेचने के लिए दूर शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

किसानों को अब अपनी उपज बेचने के लिए दूर शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा
स्थानीय स्तर पर ही खरीद केंद्र, संग्रहण इकाइयां और प्रोसेसिंग यूनिट्स स्थापित होने से गांव में ही वाजार जैसी व्यवस्था मजबूत होगी। क्षेत्र में प्रस्तावित फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स और कोल्ड स्टोरेज नेटवर्क से किसानों को अपनी उपज लंबे समय तक सुरक्षित रखने और बेहतर कीमत पर बेचने का अवसर मिलेगा। इससे खासकर आलू, गेहूं, गन्ना और सब्जी उत्पादक किसानों को सीधा लाभ होगा। 

पंजाब और हरियाणा के निवेशकों ने खरीदी भूमि
594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज के बीच 12 जिलों को जोड़ेगा। शिलान्यास के बाद से ही पंजाब, हरियाणा, दिल्ली के निवेशक इस ओर आकर्षित होने लगे थे। कई निवेशकों ने पहले से भूमि खरीद ली है। 

बरेली-मथुरा हाईवे का काम पूरा होने का इंतजार
बरेली-मथुरा हाईवे के चौड़ीकरण के साथ भमोरा-देवचरा बाइपास का निर्माण चल रहा है। देवचरा-दातागंज और भमोरा-आंवला मार्ग पर फ्लाईओवर भी बनाए जा रहे हैं। बरेली-मथुरा नेशनल हाईवे का काम पूरा होने के बाद गंगा एक्सप्रेस-वे से बरेली सीधे कनेक्ट हो जाएगा। इसके बाद विकास का पहिया घूमेगा और रोजगार के हजारों अवसर पैदा होंगे।

भमोरा क्षेत्र में विकसित किया जाएगा औद्योगिक गलियारा 
बरेली के आंवला तहसील क्षेत्र के भमोरा में औद्योगिक गलियारे की तैयारी है। यहां इसके लिए भूमि चिह्नित भी कर ली गई है। हाल ही में यूपीडा के अफसरों ने इसका निरीक्षण कर इसे हरी झंडी दे दी है मतलब, यह जमीन औद्योगिक गलियारे के लिए मुफीद मानी गई है। अब निवेशकों ने इसमें रुचि दिखानी शुरू कर दी है। 
 
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