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Ganga Expressway: कनेक्टिविटी और विकास का नया ग्रोथ इंजन, पूर्वांचल और एनसीआर से बरेली मंडल का सीधा जुड़ाव
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: Mukesh Kumar
Updated Wed, 29 Apr 2026 06:18 AM IST
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सार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को हरदोई में प्रदेश के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करेंगे। 594 किलोमीटर लंबा मेरठ-प्रयागराज गंगा एक्सप्रेसवे बरेली मंडल के बदायूं और शाहजहांपुर से निकला है। गंगा एक्सप्रेसवे को कनेक्टिविटी और विकास का नया ग्रोथ इंजन कहा जा रहा है, जिससे पूरब से पश्चिम तक सीधा जुड़ाव होने के साथ ही रुहेलखंड के विकास को रफ्तार मिलेगी।
ganga expressway
- फोटो : संवाद
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विस्तार
शिलान्यास के पांच साल चार माह के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को 594 किलोमीटर लंबे मेरठ-प्रयागराज गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करेंगे। इसके साथ ही बरेली, बदायूं और शाहजहांपुर के औद्योगिक विकास की राह आसान हो जाएगी। एक्सप्रेसवे पर वाहन 120 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगे। इससे न सिर्फ यात्रा का समय घटेगा बल्कि बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर का सीधा जुड़ाव पूर्वांचल और एनसीआर व दिल्ली से हो जाएगा।
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एक्सप्रेसवे के दोनों ओर औद्योगिक गलियारा और भमोरा में औद्योगिक गलियारा विकास को रफ्तार देंगे। किसान, व्यापारी, उद्योगपति कम परिवहन लागत और समय में अपने उत्पाद प्रदेश के कोने कोने के साथ देश के कई हिस्सों में भेज सकेंगे। आने वाले समय में हजारों लोगों को रोजगार भी मिलेगा।
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गौर करने की बात यह है कि गंगा एक्सप्रेसवे को यमुना एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे भी कनेक्ट करते हैं। इसके अलावा बरेली-मथुरा हाईवे, मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे, मेरठ हरिद्वार हाईवे भी कनेक्ट करते हैं।
गंगा एक्सप्रेसवे का रूट चार्ज
बरेली से इस तरह पहुंचे गंगा एक्सप्रेसवे
प्रस्तावित औद्योगिक गलियारे से महज 15 किलोमीटर पर एक्सप्रेसवे बरेली की आंवला तहसील के भमोरा में भी 1000 हेक्टेयर से ज्यादा भूमि औद्योगिक गलियारा विकसित किया जाएगा। बदायूं के घटपुरी में इंटरचेंज के पास और दातागंज में औद्योगिक गलियारा विकसित किया जाएगा।
भमोरा औद्योगिक गलियारा से घटपुरी की दूरी महज 15 किलोमीटर है। दोनों औद्योगिक गलियारों के बीच सड़क और रेल कनेक्टिविटी भी पहले से बेहतर है। बदायूं के कुंवरगांव से भी एक्सप्रेसवे निकल रहा है। कुंवरगांव से आंवला की दूरी भी करीब 15 किलोमीटर है। आंवला में पहले से इफको फैक्ट्री और पेट्रोलियम कंपनियों के डिपो हैं।
प्रस्तावित औद्योगिक गलियारे से महज 15 किलोमीटर पर एक्सप्रेसवे बरेली की आंवला तहसील के भमोरा में भी 1000 हेक्टेयर से ज्यादा भूमि औद्योगिक गलियारा विकसित किया जाएगा। बदायूं के घटपुरी में इंटरचेंज के पास और दातागंज में औद्योगिक गलियारा विकसित किया जाएगा।
भमोरा औद्योगिक गलियारा से घटपुरी की दूरी महज 15 किलोमीटर है। दोनों औद्योगिक गलियारों के बीच सड़क और रेल कनेक्टिविटी भी पहले से बेहतर है। बदायूं के कुंवरगांव से भी एक्सप्रेसवे निकल रहा है। कुंवरगांव से आंवला की दूरी भी करीब 15 किलोमीटर है। आंवला में पहले से इफको फैक्ट्री और पेट्रोलियम कंपनियों के डिपो हैं।
बरेली से इस तरह होगा जुड़ाव
बरेली से गंगा एक्सप्रेसवे तक पहुंचने को सबसे पास और सीधा रास्ता बदायूं में बिनावर के पास स्थित घटपुरी इंटरचेंज है। इसकी दूरी बरेली जिला मुख्यालय से 35 किलोमीटर है। बरेली-मथुरा हाईवे से घटपुरी पहुंच कर एंट्री की जा सकती है। यही एग्जिट पॉइंट है। घटपुरी इंटरचेंज से एक्सप्रेस-वे पर एंट्री कर मेरठ या प्रयागराज जा सकते हैं। दोनों ओर अन्य इंटरचेंज भी हैं, इनके जरिये दूसरे एक्सप्रेसवे और हाईवे पर एंट्री ली जा सकती है।
मेंथॉल, जरी, फर्नीचर, सुनारी बांस-बेत कारोबार भी बढ़ेगा
मेंथॉल एवं इत्र निर्यातक गौरव मित्तल के मुताबिक रुहेलखंड मेंथॉल का प्रमुख केंद्र है। सालाना पांच हजार करोड़ का टर्नओवर है। जो एक्सप्रेस-वे से और बढ़ेगा। डीलरों की फैक्ट्री विजिट, क्वालिटी चेकिंग आसान होने से उत्पादों की मांग बढ़ेगी। जरी निर्यातक सुदीप रजगडिया के मुताबिक जरी उत्पाद का निर्यात आसान होने से कामगारों की आय बढ़ेगी। फर्नीचर, बांस-बेत समेत अन्य पारंपरिक उद्योगों को राष्ट्र स्तरीय पहचान मिलेगी।
बरेली मंडल में निवेश
जीबीसी एक से चार: 36,261.35 करोड़ के 308 एमओयू, 8858.77 करोड़ निवेश, 277 इकाई शुरू।
जीबीसी 5: 9741.31 करोड़ के 141 एमओयू, 6064.65 करोड़ निवेश, 98 इकाई में उत्पादन शुरू।
बरेली से गंगा एक्सप्रेसवे तक पहुंचने को सबसे पास और सीधा रास्ता बदायूं में बिनावर के पास स्थित घटपुरी इंटरचेंज है। इसकी दूरी बरेली जिला मुख्यालय से 35 किलोमीटर है। बरेली-मथुरा हाईवे से घटपुरी पहुंच कर एंट्री की जा सकती है। यही एग्जिट पॉइंट है। घटपुरी इंटरचेंज से एक्सप्रेस-वे पर एंट्री कर मेरठ या प्रयागराज जा सकते हैं। दोनों ओर अन्य इंटरचेंज भी हैं, इनके जरिये दूसरे एक्सप्रेसवे और हाईवे पर एंट्री ली जा सकती है।
मेंथॉल, जरी, फर्नीचर, सुनारी बांस-बेत कारोबार भी बढ़ेगा
मेंथॉल एवं इत्र निर्यातक गौरव मित्तल के मुताबिक रुहेलखंड मेंथॉल का प्रमुख केंद्र है। सालाना पांच हजार करोड़ का टर्नओवर है। जो एक्सप्रेस-वे से और बढ़ेगा। डीलरों की फैक्ट्री विजिट, क्वालिटी चेकिंग आसान होने से उत्पादों की मांग बढ़ेगी। जरी निर्यातक सुदीप रजगडिया के मुताबिक जरी उत्पाद का निर्यात आसान होने से कामगारों की आय बढ़ेगी। फर्नीचर, बांस-बेत समेत अन्य पारंपरिक उद्योगों को राष्ट्र स्तरीय पहचान मिलेगी।
बरेली मंडल में निवेश
जीबीसी एक से चार: 36,261.35 करोड़ के 308 एमओयू, 8858.77 करोड़ निवेश, 277 इकाई शुरू।
जीबीसी 5: 9741.31 करोड़ के 141 एमओयू, 6064.65 करोड़ निवेश, 98 इकाई में उत्पादन शुरू।

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