UP News: सेना के लड़ाकू विमानों ने चूमा था गंगा एक्सप्रेसवे, यह हवाई पट्टी है खास, रात में हो सकेगी लैंडिंग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को हरदोई में गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया। गंगा एक्सप्रेसवे का काफी हिस्सा शाहजहांपुर के जलालाबाद से गुजर रहा है। यहां हवाई पट्टी भी बनाई गई है, जिस पर एक साल पहले लड़ाकू विमानों की लैंडिंग कराई गई थी।
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जलालाबाद से करीब 12 किलोमीटर और बरेली-फर्रुखाबाद हाईवे से मात्र चार किलोमीटर की दूरी पर गांव पीरू के पास इस एक्सप्रेसवे पर साढ़े तीन किलोमीटर की एयर स्ट्रिप बनाई गई है। इस बीच स्थायी डिवाइडर नहीं बनाया गया है, ताकि आपात स्थिति में समय गंवाए बगैर अस्थायी डिवाइडर को किनारे हटाकर सेना इसका उपयोग कर सके।
लड़ाकू विमानों ने चूमा था एक्सप्रेसवे
पिछले साल दो मई को वायुसेना ने इस स्ट्रिप पर राफेल, सुखोई, मिराज, हरक्यूलिस तथा मिग 29 सहित 16 लड़ाकू विमानों ने दिन और रात में टेक ऑफ व लैंडिंग का अभ्यास करके इसकी उपयोगिता को परखा था। आपात स्थिति में सेना इस स्ट्रिप को तत्काल अपने उपयोग में ला सकेगी।
एयर मार्शल एके गोयल युद्ध की स्थिति में दुश्मन देश हवाई ठिकानों को निशाना बनाते हैं। भविष्य में यदि युद्ध हुआ तो दुश्मन देश हमारे एयरबेस को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे में सिर्फ एयरबेस पर निर्भर रहने के बजाय एक्सप्रेसवे पर भी ऐसी एयर स्ट्रिप वायुसेना के लिए रीढ़ की हड्डी साबित होंगी। देश में ऐसे 27 एयरस्ट्रिप की पहचान वायुसेना कर चुकी है। एके गोयल, एयर मार्शल (सेवानिवृत्त)
स्पीड के साथ सुरक्षा के भी भरपूर इंतजाम
गंगा एक्सप्रेसवे स्पीड के साथ सुविधाजनक और सुरक्षित सफर की सौगात देगा। जहां कहीं अंडरपास या फ्लाईओवर बने हैं, वहां सुरक्षा की दृष्टि से सर्विस रोड और एक्सप्रेस वे के बीच सीमेंटेड दीवार खड़ी की गई है। अन्य जगह खाई बनाई गई है ताकि वहां बेसहारा पशु या अनधिकृत वाहन प्रवेश न कर सकें। हर जिले में बनाए गए रेस्ट एरिया में अस्पताल की सुविधा होगी।
एक्सप्रेसवे की निगरानी के साथ ओवरस्पीड व ओवरलोड वाहनों पर नजर रखने के लिए हाइटेक सेंसर वाले कैमरे लगाए गए हैं। 120 से अधिक की रफ्तार पर तुरंत चालान कट जाएगा। हवाई पट्टी की सुरक्षा के लिए साढ़े तीन किलोमीटर के क्षेत्र में दोनों तरफ लोहे की करीब आठ फुट ऊंची जालीदार रेलिंग लगाई गई है।

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