कशिश हत्याकांड: पीलीभीत के डीएम ने शासन को भेजी विस्तृत रिपोर्ट, उच्चस्तरीय जांच समिति गठित करने की सिफारिश
Pilibhit News: पीलीभीत में पैरामेडिकल छात्रा कशिश पटेल की हत्या का मामला शासन तक पहुंचा। जिला प्रशासन ने चार दिन बाद विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजी है। रिपोर्ट में घटना से लेकर पुलिस कार्रवाई तक का पूरा ब्योरा लिखा गया है।
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पीलीभीत के जिला अस्पताल के सीटी स्कैन कक्ष में पैरामेडिकल की छात्रा कशिश पटेल की हत्या का मामला अब शासन स्तर तक पहुंच गया है। घटना के चार दिन बाद जिला प्रशासन ने पूरे प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेज दी है। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने बृहस्पतिवार को प्रमुख सचिव, चिकित्सा शिक्षा अमित घोष को भेजी रिपोर्ट में न केवल हत्या की पूरी घटना का सिलसिलेवार विवरण दिया है, बल्कि पुलिस की कार्रवाई, मेडिकल कॉलेज प्रशासन की भूमिका, छात्रों के आरोप और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े तमाम पहलुओं का भी उल्लेख किया है। साथ ही शासन से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच के लिए उच्चस्तरीय स्वतंत्र जांच समिति गठित करने की सिफारिश की है।
मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा पर सवाल
डीएम की ओर से भेजी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि इस घटना के बाद पैरामेडिकल छात्र-छात्राओं में भारी आक्रोश है। छात्रों ने मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, प्रशिक्षण के दौरान सुरक्षा प्रबंध, प्रवेश नियंत्रण प्रणाली तथा प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराए बिना पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकेगी, इसलिए शासन स्तर से स्वतंत्र समिति गठित कर पूरे मामले की गहन जांच कराई जानी आवश्यक है।
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रिपोर्ट में पूरा घटनाक्रम दर्ज
रिपोर्ट में घटना के दिन का पूरा घटनाक्रम भी दर्ज किया गया है। उल्लेख किया गया है कि 13 जुलाई की सुबह करीब साढ़े आठ बजे पैरामेडिकल छात्रा कशिश पटेल अपनी नियमित ट्रेनिंग के दौरान जिला अस्पताल के सीटी स्कैन कक्ष में मौजूद थी। इसी दौरान उसके सहपाठी सागर सिंह ने वहां पहुंचकर चाकू से हमला कर दिया। छात्रा की मौके पर ही मौत हो गई। रिपोर्ट में बताया गया है कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उसके खिलाफ हत्या सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और पूरे मामले की विवेचना शुरू कर दी।
छात्रों की समस्याओं का भी किया जिक्र
जिलाधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया है कि घटना के बाद मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने लगातार प्रदर्शन कर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए। छात्रों का कहना था कि अस्पताल और मेडिकल कॉलेज परिसर में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं है, इससे छात्राएं खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं। उन्होंने परिसर में सुरक्षा गार्ड बढ़ाने, सीसीटीवी कैमरों की प्रभावी निगरानी, संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की नियमित मौजूदगी और प्रशिक्षण के दौरान सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने की मांग उठाई।
रिपोर्ट में मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी को भी शामिल किया गया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि छात्रों द्वारा लगाए गए आरोपों तथा कॉलेज की व्यवस्थाओं में कथित कमियों की स्वतंत्र जांच आवश्यक है, ताकि यदि किसी स्तर पर लापरवाही या व्यवस्थागत खामी सामने आती है तो उसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।
भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रयास
जिला प्रशासन का मानना है कि यह केवल हत्या का मामला नहीं है, बल्कि मेडिकल कॉलेज परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और संस्थागत प्रबंधन से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रश्न भी इससे जुड़े हुए हैं। यही कारण है कि शासन से पूरे प्रकरण की व्यापक जांच कराने का अनुरोध किया गया है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके और छात्र-छात्राओं का विश्वास बहाल हो।
डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि कशिश हत्याकांड के पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट प्रमुख सचिव, चिकित्सा शिक्षा को भेज दी गई है। रिपोर्ट में शासन स्तर से स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय जांच समिति गठित कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने का अनुरोध किया गया है। छात्र-छात्राओं की ओर से उठाए गए सुरक्षा संबंधी सभी बिंदुओं की गंभीरता से जांच कराई जानी जरूरी है। प्रशासन पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने तथा दोषी के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।