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Bareilly News: डॉग शो में चमके ‘शाही श्वान’
Mon, 26 Oct 2026 02:14 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Mon, 26 Oct 2026 02:14 AM IST
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बरेली। आईवीआरआई में आयोजित डॉग शो में रविवार को अलग-अलग नस्ल के श्वानों ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। इसमें कई श्वान ऐसे भी रहे, जिन पर हर महीने हजारों रुपये का खर्चा किया जाता है। कुछ ऐसे भी श्वान रहे, जिनके लिए खास डाइट और अनुकूल माहौल जरूरी है। श्वान प्रेमियों ने बताया कि कई प्रतियोगिताओं और विभिन्न जगहों पर प्रतिभाग करने के बाद अब वे इस डॉग शो में आए हैं। दिल्ली से आए सुशांत ने बताया कि वह समोयेड नस्ल का श्वान लेकर आए हैं। उन्होंने इसे रूस से मंगाया है।
इसके खानपान और देखभाल पर हर महीने करीब 30 हजार रुपये खर्च होते हैं। इसकी देखरेख के लिए उन्होंने दो केयरटेकर रखे हैं। उनका श्वान कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुका है। इसकी डाइट भी खास है और जरूरत पड़ने पर खाना रूस से भी मंगवाते हैं। इस शो में भी इसे विजेताओं में जगह मिली। शिट्जू नस्ल के श्वान को लेकर आए देवांश भारद्वाज ने बताया कि उनका कुत्ता लुधियाना और दिल्ली समेत कई जगहों पर आयोजित प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुका है और कई बार जीत भी हासिल कर चुका है। हाल ही में प्रतियोगिता में भाग लेने के कारण इस बार उन्होंने इसे शो में प्रतिस्पर्धा के लिए नहीं उतारा। देवांश के अनुसार, इस नस्ल के श्वान को खेलने और घूमने के लिए पर्याप्त जगह चाहिए। इसका स्वभाव शांत होता है, जिसके चलते यह किसी को काटता नहीं है।
शहर निवासी शशांक रस्तोगी अपने रॉटविलर नस्ल के श्वान को लेकर प्रतियोगिता में पहुंचे। उन्होंने बताया कि इसके रखरखाव पर विशेष ध्यान देना पड़ता है। इसके लिए अलग से डॉग फूड मंगवाया जाता है।
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गर्मी से बचाने के लिए एसी की व्यवस्था भी जरूरी है। इसे बच्चे की तरह रखना पड़ता है। कई बार यह नाराज भी हो जाता है। डॉग शो में इन श्वानों की मौजूदगी ने लोगों को अपनी ओर आकर्षित किया।
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इसके खानपान और देखभाल पर हर महीने करीब 30 हजार रुपये खर्च होते हैं। इसकी देखरेख के लिए उन्होंने दो केयरटेकर रखे हैं। उनका श्वान कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुका है। इसकी डाइट भी खास है और जरूरत पड़ने पर खाना रूस से भी मंगवाते हैं। इस शो में भी इसे विजेताओं में जगह मिली। शिट्जू नस्ल के श्वान को लेकर आए देवांश भारद्वाज ने बताया कि उनका कुत्ता लुधियाना और दिल्ली समेत कई जगहों पर आयोजित प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुका है और कई बार जीत भी हासिल कर चुका है। हाल ही में प्रतियोगिता में भाग लेने के कारण इस बार उन्होंने इसे शो में प्रतिस्पर्धा के लिए नहीं उतारा। देवांश के अनुसार, इस नस्ल के श्वान को खेलने और घूमने के लिए पर्याप्त जगह चाहिए। इसका स्वभाव शांत होता है, जिसके चलते यह किसी को काटता नहीं है।
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शहर निवासी शशांक रस्तोगी अपने रॉटविलर नस्ल के श्वान को लेकर प्रतियोगिता में पहुंचे। उन्होंने बताया कि इसके रखरखाव पर विशेष ध्यान देना पड़ता है। इसके लिए अलग से डॉग फूड मंगवाया जाता है।
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गर्मी से बचाने के लिए एसी की व्यवस्था भी जरूरी है। इसे बच्चे की तरह रखना पड़ता है। कई बार यह नाराज भी हो जाता है। डॉग शो में इन श्वानों की मौजूदगी ने लोगों को अपनी ओर आकर्षित किया।