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बरेली: बेटों ने पुआल का शव बनाकर किया पिता का अंतिम संस्कार, जानिए क्या है कारण

Mon, 05 Oct 2026 03:21 PM IST
Mukesh Kumar अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: Mukesh Kumar Updated Mon, 05 Oct 2026 03:21 PM IST
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Sons performed their father last rites using an effigy made of straw in Bareilly
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

बरेली के इज्जतनगर में रेलवे ट्रैक पर मिले चंद्रिका यादव के शव की गलत पहचान कर एक परिवार ने उनका अंतिम संस्कार कर दिया था। बाद में सही पहचान होने पर रविवार को मृतक चंद्रिका यादव के परिजनों ने पुआल का शव बनाकर अंत्येष्टि की। 

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शुक्रवार को डिफेंस कॉलोनी निवासी रेलवे के लोको पायलट पद से सेवानिवृत्त चंद्रिका प्रसाद की ट्रेन की चपेट में आकर मौत हो गई थी। सूचना पर पहुंचे केशव ने शव की पहचान अपने पिता मंशालाल के रूप में कर ली। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद शव केशव को सौंप दिया। केशव ने उसकी अंत्येष्टि कर दी। 
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केशव ने अमर उजाला को बताया कि शनिवार को जब घर की कुंडी बजी तो वह बाहर निकले। वहां पिता मंशालाल को जीवित खड़े थे। पिता को देख उनके होश उड़ गए। केशव उनको लेकर बैरियर वन चौकी पहुंचे। वहीं चंद्रिका यादव की गुमशुदगी दर्ज कराने उनके परिजन भी पहुंचे थे। 
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परिजन ने कपड़े देखकर रेलवे लाइन पर मिले शव की पहचान चंद्रिका यादव के रूप में की, लेकिन चंद्रिका यादव के शव का अंतिम संस्कार गलत पहचान के कारण केशव कर चुके थे। चंद्रिका यादव के बेटे अखिलेश और आलोक ने रविवार को पुआल का शव अर्थी पर रखकर अंत्येष्टि की। इसके बाद अस्थियां विसर्जित कर दीं।

जिस लाइन पर ट्रेन चलाई उसी पर हुई मौत
बेटे आलोक ने बताया कि पिता चंद्रिका यादव ने लोको पायलट रहते इज्जतनगर और काठगोदाम के बीच कई साल ट्रेन चलाई थी। अब उसी लाइन पर ट्रेन की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई। 

केशव के पिता मंशालाल भी रेलवे से सेवानिवृत्त हैं। मंशालाल ने बताया कि वह घर से दूर गिरधारीपुर में अकेले किराये पर रहते हैं। फोन भी नहीं रखते। इसलिए परिवार से ज्यादा संपर्क नहीं रहता। इधर, चंद्रिका यादव के पुत्र शैलेश यादव की भी पांच साल पहले बरेली जंक्शन पर ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई थी।

एक परिवार में खुशी, दूसरे में छाया मातम 
शिनाख्त के कारण पहले केशव के परिवार में मातम छा गया। अगले दिन मंशालाल जीवित घर पहुंचे तो खुशी की लहर दौड़ गई। वहीं, जब चंद्रिका यादव की मौत और अंतिम संस्कार होने की सूचना उनके परिजन को मिली तो उनके घर में मातम पसर गया।

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