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UP: साक्ष्य के बिना बना दिया हत्या व गैंगस्टर एक्ट का आरोपी, तीन दोषमुक्त; कोर्ट ने विवेचना पर उठाए सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Published by: Mukesh Kumar
Updated Wed, 11 Mar 2026 05:44 PM IST
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सार
बरेली में हत्या व गैंगस्टर एक्ट के आरोपी तीन लोगों को कोर्ट ने दोषमुक्त करार दिया है। कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए पुलिस की विवेचना पर सवाल उठाए।
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बरेली के अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष जज गैंगस्टर एक्ट तबरेज अहमद की अदालत ने हत्या व गैंगस्टर एक्ट के आरोपी भोजीपुरा थाना क्षेत्र के गांव रम्पुरा माफी निवासी हसीन, जाहिद खां और सखावत उर्फ हिप्पी को सात मार्च को दोषमुक्त करार दिया। कोर्ट ने कहा कि स्वतंत्र विवेचना नहीं की गई। कोई स्वतंत्र गवाह भी पेश नहीं किया गया। गैंग चार्ट जारी करते वक्त अफसरों ने विवेक का इस्तेमाल नहीं किया।
थाना व कस्बा हाफिजगंज निवासी शकील उर्फ पप्पू ने सात अप्रैल 2008 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह पत्नी फरजाना व बच्चों के साथ घर में सो रहा था। रात तीन बजे चार लोग उसके घर में घुस आए और उसे पीटने लगे। उसकी पत्नी व बच्चे जाग गए। शोर सुनकर दूसरे मकान में रह रहे पिता लाठी लेकर आए और हमलावरों को ललकारा। इस पर हमलावरों ने उसके पिता की गोली मारकर हत्या कर दी।
विवेचक यतींद्र बाबू भारद्वाज को पता लगा कि हसीन घटना में शामिल था। 19 अप्रैल को उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसने जाहिद और सखावत के नाम बताए। इसके बाद तीन मई को सखावत को तमंचे के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या, गैंगस्टर एक्ट की धाराओं में चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के दौरान वादी शकील समेत तीन गवाहों ने आरोपियों को पहचानने से इन्कार कर दिया। यह भी कहा कि वे घटना में शामिल नहीं थे।
क्या कहा कोर्ट ने
कोर्ट ने कहा कि विवेचक ने कोई ऐसा साक्ष्य संकलित नहीं किया कि अभियुक्त गिरोह बनाकर अपराध करते हैं। पत्रावली पर ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है जिससे यह पता चले कि जिलाधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बरेली ने संयुक्त बैठक कर उचित चर्चा के बाद गैंगचार्ट का अनुमोदन किया है। ऐसे में आरोपियों को दोषमुक्त किया जाता है।
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थाना व कस्बा हाफिजगंज निवासी शकील उर्फ पप्पू ने सात अप्रैल 2008 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह पत्नी फरजाना व बच्चों के साथ घर में सो रहा था। रात तीन बजे चार लोग उसके घर में घुस आए और उसे पीटने लगे। उसकी पत्नी व बच्चे जाग गए। शोर सुनकर दूसरे मकान में रह रहे पिता लाठी लेकर आए और हमलावरों को ललकारा। इस पर हमलावरों ने उसके पिता की गोली मारकर हत्या कर दी।
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विवेचक यतींद्र बाबू भारद्वाज को पता लगा कि हसीन घटना में शामिल था। 19 अप्रैल को उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसने जाहिद और सखावत के नाम बताए। इसके बाद तीन मई को सखावत को तमंचे के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या, गैंगस्टर एक्ट की धाराओं में चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के दौरान वादी शकील समेत तीन गवाहों ने आरोपियों को पहचानने से इन्कार कर दिया। यह भी कहा कि वे घटना में शामिल नहीं थे।
क्या कहा कोर्ट ने
कोर्ट ने कहा कि विवेचक ने कोई ऐसा साक्ष्य संकलित नहीं किया कि अभियुक्त गिरोह बनाकर अपराध करते हैं। पत्रावली पर ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है जिससे यह पता चले कि जिलाधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बरेली ने संयुक्त बैठक कर उचित चर्चा के बाद गैंगचार्ट का अनुमोदन किया है। ऐसे में आरोपियों को दोषमुक्त किया जाता है।