बरेली: शंखा नदी में नहाने गए ममेरे-फुफेरे भाई डूबे, छह घंटे बाद निकाले जा सके दोनों के शव
बरेली के सीबीगंज क्षेत्र में रविवार को शंखा नदी में नहाने गए ममेरे-फुफेरे भाई तेज बहाव के कारण बह गए। गोताखोरों ने छह घंटे तक दोनों की तलाश की। इसके बाद दोनों के शव निकाले जा सके।
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विस्तार
बरेली के सीबीगंज इलाके में शंखा नदी में नहाते समय रविवार को पूर्वाह्न करीब 11 बजे ममेरे-फुफेरे भाई डूब गए। छह घंटे की मशक्कत के बाद गोताखोरों ने दोनों के शव नदी से निकाले। दोनों की मौत से उनके परिवारों में कोहराम मच गया।
पुलिस के मुताबिक, सनईया रानी मेवा कुंवर निवासी अजय कुमार कश्यप (18) रविवार सुबह अपनी ननिहाल परसाखेड़ा गौंटिया आया था। वह अपने ममेरे भाई रोहित (17) के यहां रुका था। पूर्वाह्न करीब 11 बजे दोनों भाई चार-पांच अन्य साथियों के साथ शंखा नदी में नहाने गए। नहाते समय दोनों गहरे पानी में चले गए।
एक-दूसरे को बचाने के प्रयास में दोनों ही डूब गए। साथियों ने गांव जाकर परिवार को सूचना दी। इसके बाद परिजन और ग्रामीण नदी पर पहुंचे। जानकारी पर एसपी सिटी मानुष पारीक, सीओ द्वितीय नितिन कुमार, थाना प्रभारी विनोद सिंह और अन्य पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचे। एसडीएम सदर और राजस्व निरीक्षक ने भी घटनास्थल पर जाकर जानकारी ली।
परिवार के लोगों को नदी में कूदने से रोका
चौबारी से 15 गोताखोरों की टीम बुलाई गई। गोताखोरों ने छह घंटे तक नदी में तलाशी अभियान चलाया। फिर नदी किनारे खड़ी झाड़ियों से शाम के वक्त दोनों शवों को बरामद किया। परिवारवालों का रो-रोकर बुरा हाल था। परिवार के कुछ सदस्य तलाश के लिए नदी में कूदने की कोशिश कर रहे थे, पुलिस ने उन्हें रोक लिया।
रोहित अपने छह भाई-बहनों में दूसरे नंबर का था। उसके पिता मजदूरी करते हैं। रोहित भी उनका हाथ बंटाता था। अजय कश्यप भी अपने छह भाई-बहनों में चौथे नंबर का था। अजय के परिवार के सदस्य भी मजदूरी करते हैं।