Bareilly News: धान की बोरियों के नीचे दबकर दो मजदूरों की मौत, राइस मिल में हुआ दर्दनाक हादसा
बरेली के देवरनियां स्थित मुस्कान राइस मिल में रविवार को दर्दनाक हादसा हुआ। मिल में काम करते समय दो मजदूरों के ऊपर धान की बोरियां गिर गईं। बोरियों के नीचे दबने से दोनों की मौत हो गई।
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बरेली के देवरनियां स्थित मुस्कान राइस मिल में धान की बोरियों के नीचे दबने से दो मजदूरों की मौत हो गई। परिजनों ने मिल संचालक पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है। खिरनी गांव के रहने वाले पप्पू ने थाना प्रभारी को बताया कि उनका भाई सर्वेश (32) और पड़ोस के रहने वाले विनोद (29) राइस मिल में मजदूरी करते थे। दोनों धान की बोरियों का चट्टा लगाते थे।
रविवार को दोनों धान कुटाई के लिए बोरियां निकाल रहे थे। अचानक एक-दूसरे के ऊपर रखी बोरियां का चट्टा भरभराकर उनके ऊपर गिर गया। दूसरे मजदूर मौके पर पहुंचे, पर करीब 50-50 किलो वजनी बोरियों को हटाने में समय लगा। दोनों को बरेली के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। यहां उनकी मौत हो गई।
देर शाम परिजन तहरीर लेकर थाने पहुंचे। आरोप लगाया कि मिल संचालक ने ही नीचे रखीं बोरियां निकालने के लिए कहा था। इसी वजह से हादसा हुआ। थाना प्रभारी आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
काम पर जाते समय पति ने शाम को जल्दी लौटकर आने और उसके बाद खरीदारी के लिए ले जाने का वादा किया था। अब यह कभी पूरा नहीं हो पाएगा। ये कहते हुए विनोद की पत्नी प्रीति बिलख पड़ीं। उसे रोता देख अन्य लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
राइस मिल में धान की बोरियां गिरने से हुए हादसे में जान गंवाने वाले विनोद की शादी करीब नौ महीने पहले पड़ोस के गांव की प्रीति के साथ हुई थी। रविवार को हादसे के बाद काफी देर तक परिजन ये जानकारी प्रीति को देने की हिम्मत ही नहीं जुटा पाए। गांव के लोगों के जुटने पर उसे जानकारी हो पाई।
पति की मौत का पता चलने पर पहले तो प्रीति गुमसुम हो गई, इसके बाद फूट-फूटकर रोने लगी। वहीं, हादसे में जान गंवाने वाले सर्वेश का विवाह 2019 में हुआ था। उसके परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटियां और एक बेटा है। हादसे के बाद विलाप कर रहीं मां को दोनों बेटियां ढांढ़स बंधाती दिखीं।
एक साथ उठीं दोनों की अर्थियां
हादसे के बाद रविवार को ही देर शाम गमगीन माहौल में दोनों के शवों का अंतिम संस्कार कर दिया। एक साथ दोनों की अर्थियां उठीं तो मौके पर मौजूद हर शख्स बिलख पड़ा। अंतिम संस्कार में गांव वालों के साथ ही बड़ी संख्या में अन्य परिजन भी पहुंचे। गांव में मातम का माहौल बना हुआ है। कई घरों में रविवार को चूल्हे भी नहीं जले।
