Urs-e-Razvi 2026: बरेली में उर्स-ए-रजवी की तारीखों में बदलाव, अब छह अगस्त से होगा आयोजन, तैयारियां तेज
बरेली में आला हजरत इमाम अहमद रजा खां फाजिले बरेलवी के 108वें उर्स-ए-रज़वी की अंतिम तारीखों का मंगलवार को एलान कर दिया गया। यह तीन दिवसीय उर्स 6 अगस्त 2026 से शुरू होगा। उर्स की रस्में 8 अगस्त 2026 को कुल शरीफ के साथ समाप्त होंगी।
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बरेली में उर्स-ए-रजवी अब छह, सात व आठ अगस्त को मनाया जाएगा। सावन माह के सोमवार से पहले नौ अगस्त को शहर में उमड़ने वाले कांवड़ियों की भारी भीड़ के चलते उर्स की तारीखों में बदलाव किया गया है। मंगलवार को नई तारीखों के एलान के साथ ही उर्स की तैयारियां भी तेज हो गई हैं।
आला हजरत इमाम अहमद रजा खां फाजिले बरेलवी का तीन दिवसीय उर्स पहले सात, आठ व नौ अगस्त को होना था। नौ अगस्त को प्रस्तावित कुल शरीफ वाले दिन रविवार था। सावन माह के सोमवार को जलाभिषेक के लिए आने वाले हजारों कांवड़िये इस दिन सड़कों पर होते। जायरीन व कांवड़ियों की भारी भीड़ एकसाथ उमड़ने से व्यवस्थाएं बनाने में परेशानी आती। इसको लेकर प्रशासन की ओर से भी उर्स की तिथियों में बदलाव की अपील की गई थी।
जायरीन की सुरक्षा व सहूलियत, उलमा की राय और पुलिस प्रशासन के प्रस्ताव का सम्मान करते हुए दरगाह प्रमुख, काजी-ए-हिंदुस्तान और दरगाह के सज्जादानशीन ने उर्स की तिथियों में बदलाव का फैसला लिया। दरगाह प्रवक्ता नासिर कुरैशी ने बताया कि नई तिथियों की सूचना सोशल मीडिया सहित अन्य माध्यमों से भेजी जा रही है।
दरगाह के जिम्मेदारान से मिले अधिकारी
उर्स-ए-रजवी की तारीखों के संबंध में अपर जिलाधिकारी नगर मानुष पारीक, पुलिस अधीक्षक नगर अविनाश त्रिपाठी, सीओ एलआईयू विजय राणा आदि ने दरगाह पहुंचकर दरगाह प्रमुख सुब्हानी मियां और काजी-ए-हिंदुस्तान मुफ्ती असजद मियां से मिलकर उर्स-ए-रजवी की तिथियों में परिवर्तन के लिए बातचीत की। जिलाधिकारी अविनाश सिंह व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य की ओर से पत्र भी सौंपा।
काज़ी-ए-हिंदुस्तान की सरपरस्ती में होंगे रस्में
उर्स की सभी रस्में काज़ी-ए-हिंदुस्तान मुफ्ती मोहम्मद असजद रज़ा खां कादरी की सरपरस्ती में होंगी। जमात रज़ा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सलमान मिया इसकी सदारत करेंगे। जमात रज़ा के राष्ट्रीय महासचिव फरमान मियां देखरेख करेंगे। सलमान मिया ने चार दिन पहले आठ उलमा-ए-इकराम की एक टीम बनाई थी। इस टीम ने उर्स की अंतिम तारीखों पर फैसला दिया था।
सोमवार को उलमा-ए-इकराम ने अपना फैसला दरगाह के जिम्मेदारों को बंद लिफाफे में सौंपा था। जमात रज़ा के प्रवक्ता समरान खान ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुफ्ती मोहम्मद असजद रजा खां कादरी, दरगाह प्रमुख सुब्हान रज़ा खां और सज्जादानशीन अहसन रज़ा कादरी ने पत्र जारी कर तारीखों का एलान किया। जिला प्रशासन ने भी उर्स को लेकर एक अनुरोध पत्र दिया था।