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Bareilly News: जौनपुर व प्रतापगढ़ के लिए उपयोगी
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बरेली। जौनपुर निवासी शाहजहां बानो धर्म बदलकर प्रतीक्षा यादव बन गईं और बरेली में प्रतापगढ़ निवासी प्रेमी पवन यादव से विवाह कर लिया। अगस्त्य मुनि आश्रम में फेरे लेने के बाद उसने सनातन धर्म में शामिल होने को गौरव का क्षण बताया।
जौनपुर के गांव नाहरमऊ निवासी समीउल्ला की बेटी शाहजहां बानो शनिवार को प्रतापगढ़ के गांव भोजेपुर निवासी भारत राम के बेटे पवन यादव के साथ बरेली के अगस्त्य मुनि आश्रम पहुंचीं और आचार्य केके शंखधार से विवाह कराने का आग्रह किया। आचार्य ने उनके जन्म व शैक्षिक प्रमाणपत्र देखे। दोनों के बालिग होने की दशा में सनातन धर्म में वापसी की प्रक्रिया पूरी कराई। गंगाजल से आचमन कराया गया। शाहजहां बानो का नया नाम प्रतीक्षा यादव रखा, फिर वैदिक रीति से दोनों का विवाह कराया गया।
दोनों ने आचार्य को बताया कि उनके जिले भले ही अलग हैं, लेकिन गांवों के बीच में 12 किमी का ही फासला है। दोनों काफी समय से एक-दूसरे को चाहते हैं। प्रतीक्षा ने बताया कि वह बीए पास है। पवन का लखनऊ में टूर एंड ट्रेवल्स का काम है। अब दोनों साथ रहेंगे।
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दो साल पहले भी आया था युगल
आचार्य केके शंखधार ने बताया कि वर्ष 2024 में भी शाहजहां बानो और पवन उनके पास विवाह के इरादे से आए थे। तब शाहजहां बानो ने कहा था कि रस्म पूरी करने के लिए वह अपने भाई को बुलाना चाहती है। भाई को बुलाया तो उसने शाहजहां बानो से कहा कि उसके इस तरह दूसरे धर्म में विवाह करने से छोटी बहन की शादी नहीं हो सकेगी। तब ये लोग चले गए थे। छोटी बहन का निकाह होने के बाद शाहजहां बानो अपने वादे के मुताबिक परिवार को बताकर चली आई।
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जौनपुर के गांव नाहरमऊ निवासी समीउल्ला की बेटी शाहजहां बानो शनिवार को प्रतापगढ़ के गांव भोजेपुर निवासी भारत राम के बेटे पवन यादव के साथ बरेली के अगस्त्य मुनि आश्रम पहुंचीं और आचार्य केके शंखधार से विवाह कराने का आग्रह किया। आचार्य ने उनके जन्म व शैक्षिक प्रमाणपत्र देखे। दोनों के बालिग होने की दशा में सनातन धर्म में वापसी की प्रक्रिया पूरी कराई। गंगाजल से आचमन कराया गया। शाहजहां बानो का नया नाम प्रतीक्षा यादव रखा, फिर वैदिक रीति से दोनों का विवाह कराया गया।
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दोनों ने आचार्य को बताया कि उनके जिले भले ही अलग हैं, लेकिन गांवों के बीच में 12 किमी का ही फासला है। दोनों काफी समय से एक-दूसरे को चाहते हैं। प्रतीक्षा ने बताया कि वह बीए पास है। पवन का लखनऊ में टूर एंड ट्रेवल्स का काम है। अब दोनों साथ रहेंगे।
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दो साल पहले भी आया था युगल
आचार्य केके शंखधार ने बताया कि वर्ष 2024 में भी शाहजहां बानो और पवन उनके पास विवाह के इरादे से आए थे। तब शाहजहां बानो ने कहा था कि रस्म पूरी करने के लिए वह अपने भाई को बुलाना चाहती है। भाई को बुलाया तो उसने शाहजहां बानो से कहा कि उसके इस तरह दूसरे धर्म में विवाह करने से छोटी बहन की शादी नहीं हो सकेगी। तब ये लोग चले गए थे। छोटी बहन का निकाह होने के बाद शाहजहां बानो अपने वादे के मुताबिक परिवार को बताकर चली आई।