Bareilly News: बहेड़ी में पानी की टंकी पर चढ़ी महिला, फर्जीवाड़ा कर जमीन नामांतरण कराने का आरोप
बरेली के बहेड़ी में मंगलवार को एक महिला पानी की टंकी पर चढ़ गई। उसने आरोप लगाया कि विपक्षी पक्ष के लोगों ने उसके पिता की जमीन फर्जीवाड़ा कर नामांतरण करा ली। महिला ने तहसीलदार पर भी मिलीभगत का आरोप लगाया है।
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बरेली की बहेड़ी तहसील में राजस्व विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। इज्जतनगर थाना क्षेत्र के त्रिलोक विहार निवासी जयश्री गंगवार ने आरोप लगाया है कि तहसीलदार की मिलीभगत से उनके मृत पिता और मृत दादी के नाम पर जमीन का नामांतरण कर दिया गया। न्याय न मिलने से परेशान होकर सोमवार को जयश्री बहेड़ी में पानी की टंकी पर चढ़ गईं। उन्होंने वीडियो बनाकर कहा कि या तो उन्हें न्याय दिलाया जाए या मरने दिया जाए। मौके पर पहुंचे अफसरों के समझाने पर करीब डेढ़ घंटे बाद जयश्री टंकी से नीचे उतरीं।
जयश्री ने बताया कि उनके भाई अंजनि की नवंबर 2016 में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। इसके बाद जमुनिया निवासी पिता वीरेंद्र कुमार की दिमागी हालत खराब हो गई थी। आरोप है कि 22 नवंबर 2017 को रेंज कॉलोनी भरतौल निवासी पोशाकी लाल और जाजूनगर निवासी गंगाधर पिता को कार में डालकर ले गए और धोखे से वसीयत करवा ली। पिता वीरेंद्र कुमार की मृत्यु 7 दिसंबर 2025 को हुई, जबकि दादी इंद्रा देवी की मृत्यु 20 अक्तूबर 2024 को हो चुकी थी।
जयश्री का आरोप है कि पिता की मृत्यु के बाद 4 अप्रैल 2026 को उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 34 के तहत तहसीलदार न्यायालय में वाद संख्या 4022/26 दाखिल कर गाटा संख्या 107 की जमीन भरतौल निवासी देवाश पुत्र देवेंद्र के नाम कर दी गई। जबकि देवाश की दादी इंद्रा देवी डेढ़ साल पहले ही मर चुकी थी। जयश्री ने कहा कि पोशाकी लाल, गंगाधर और मीरा देवी ने फर्जी दस्तावेज और अंगूठे लगाकर यह सारा खेल किया है। विरोध करने पर आरोपियों ने धमकी दी कि शिकायत की तो पूरे परिवार की लाश भी नहीं मिलेगी।
अफसरों ने दिया निष्पक्ष जांच का भरोसा
न्याय के लिए भटकने के बाद जयश्री ने टंकी पर चढ़कर आत्महत्या का प्रयास किया। सूचना पर एसडीएम गोपाल शर्मा और पुलिस मौके पर पहुंची। एसडीएम ने करीब 20 मिनट तक महिला को समझाया और भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी। एसडीएम के आश्वासन के बाद जयश्री डेढ़ घंटे बाद टंकी से नीचे उतरी। वहीं पीड़िता ने तहसीलदार भानु प्रताप पर सीधा आरोप लगाया है।
जयश्री ने कहा कि जब से तहसीलदार की यहां तैनाती हुई है तब से तहसील में भ्रष्टाचार बढ़ गया है। मांग की कि तहसीलदार के कार्यकाल में जितने भी विरासत और नामांतरण के आदेश हुए हैं, उनकी जांच कराई जाए तो सारी पोल खुल जाएगी। इस संबंध में तहसीलदार भानु प्रताप से पक्ष जानने की कोशिश की गई तो उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। पीड़िता का दावा है कि उसके पास पिता और दादी का मृत्यु प्रमाण पत्र, तहसील का आदेश और वाद की प्रति मौजूद है। उसने थानाध्यक्ष बहेड़ी को भी तहरीर सौंपी है। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है।