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Bareilly News: अंतरिक्ष का मिलेगा अनुभव, समुद्री जैव विविधता को महसूस कर सकेंगे शहरी
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प्रदेश कैबिनेट ने दी मंजूरी, इस साल के आखिरी तक मिलेगी स्पेस म्यूजियम, मरीन पार्क और नक्षत्रशाला की सौगात
बरेली। हमारा ब्रह्मांड कैसा है... समुद्री जैव विविधता कैसी होती है... अंतरिक्ष में उपग्रह कैसे काम करते हैं... यह सब देखने और समझने का सपना अब शहर में ही साकार हो सकेगा। बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) प्रशासन के मुताबिक, शहरवासियों को इस साल के आखिरी तक स्पेस म्यूजियम, मरीन पार्क और नक्षत्रशाला की सौगात मिल जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को लखनऊ में हुई कैबिनेट की बैठक में इसे मंजूरी दी गई। शासन स्तर से बीडीए को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है।
बीडीए प्रशासन के अनुसार, रामगंगानगर परियोजना के सेक्टर आठ में साइंस पार्क और नक्षत्रशाला के लिए 5.33 एकड़ जमीन चिह्नित की गई है। 3,000 वर्गमीटर जमीन पर लगभग 47 करोड़ रुपये की लागत से नक्षत्रशाला का खाका खींचा जाएगा। 8,988 वर्ग मीटर जमीन पर 56.78 करोड़ रुपये से मरीन पार्क तैयार किया जाएगा। इसके अलावा 7,605 वर्गमीटर जमीन पर 35.26 करोड़ रुपये की लागत से स्पेस म्यूजियम तैयार किया जाएगा। अत्याधुनिक तकनीक से लैस तीनों पार्कों का निर्माण बीडीए और प्रदेश सरकार मिल कर कराएंगे।
थ्री-डी शो से करेंगे ब्रह्मांड की यात्रा, देखेंगे खगोलीय घटनाएं
बीडीए प्रशासन के अनुसार, स्पेस म्यूजियम उपग्रहों और रॉकेटों के साथ ही अंतरिक्ष से संबंधित शोध की जानकारी देगा। यहां रॉकेट मॉडल, मंगलयान, चंद्रयान और ब्रह्मांड के रहस्यों को थ्री-डी शो के माध्यम से समझा जा सकेगा। नक्षत्रशाला में खगोल विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़ी चीजों को समझने में आसानी होगी। तारों, ग्रहों और ब्रह्मांड के रहस्यों को दिखाने के लिए टू-डी और थ्री-डी शो का सहारा लिया जाएगा। इससे नक्षत्रशाला में आने वाले अंतरिक्ष का अनुभव कर सकेंगे। इसी तरह मरीन पार्क समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र, समुद्री जीवों और प्रवाल भित्तियों की नजदीक से जानकारी देगा। यहां आने वाले लोगों को यह सीख भी मिल सकेगी कि मानवीय गतिविधियों पर नियंत्रण रखकर पर्यावरण की रक्षा कैसे की जाती है। ब्यूरो
इन परियोजनाओं का यह है उद्देश्य
- दिल्ली और लखनऊ के बीचोंबीच बसे उत्तराखंड के प्रवेश द्वार बरेली में पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देना।
- विद्यार्थियों और खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले शहरवासियों को इस बारे में शिक्षित करना।
- बरेली और आसपास की युवा पीढ़ी में तार्किक सोच-समझ के साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास करना।
- समुद्री जैव विविधता को समझाकर उसे खतरों से बचाने और संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित करना।
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साइंस पार्क के लिए हम कदम आगे बढ़ा चुके हैं। अन्य दो प्रोजेक्ट के लिए जल्द ही जरूरी कार्रवाई शुरू की जाएगी। पूरा प्रयास रहेगा कि इस साल के आखिरी तक हम तीनों प्रोजेक्ट आमजन को समर्पित कर दें। हमारा उद्देश्य है कि महानगरों की तरह बरेली की युवा पीढ़ी भी तकनीक के इस दौर में आगे बढ़े। यहां के युवा खुद को किसी से पीछे न पाएं। - डॉ. मनिकंडन ए., उपाध्यक्ष, बीडीए
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बरेली। हमारा ब्रह्मांड कैसा है... समुद्री जैव विविधता कैसी होती है... अंतरिक्ष में उपग्रह कैसे काम करते हैं... यह सब देखने और समझने का सपना अब शहर में ही साकार हो सकेगा। बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) प्रशासन के मुताबिक, शहरवासियों को इस साल के आखिरी तक स्पेस म्यूजियम, मरीन पार्क और नक्षत्रशाला की सौगात मिल जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को लखनऊ में हुई कैबिनेट की बैठक में इसे मंजूरी दी गई। शासन स्तर से बीडीए को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है।
बीडीए प्रशासन के अनुसार, रामगंगानगर परियोजना के सेक्टर आठ में साइंस पार्क और नक्षत्रशाला के लिए 5.33 एकड़ जमीन चिह्नित की गई है। 3,000 वर्गमीटर जमीन पर लगभग 47 करोड़ रुपये की लागत से नक्षत्रशाला का खाका खींचा जाएगा। 8,988 वर्ग मीटर जमीन पर 56.78 करोड़ रुपये से मरीन पार्क तैयार किया जाएगा। इसके अलावा 7,605 वर्गमीटर जमीन पर 35.26 करोड़ रुपये की लागत से स्पेस म्यूजियम तैयार किया जाएगा। अत्याधुनिक तकनीक से लैस तीनों पार्कों का निर्माण बीडीए और प्रदेश सरकार मिल कर कराएंगे।
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थ्री-डी शो से करेंगे ब्रह्मांड की यात्रा, देखेंगे खगोलीय घटनाएं
बीडीए प्रशासन के अनुसार, स्पेस म्यूजियम उपग्रहों और रॉकेटों के साथ ही अंतरिक्ष से संबंधित शोध की जानकारी देगा। यहां रॉकेट मॉडल, मंगलयान, चंद्रयान और ब्रह्मांड के रहस्यों को थ्री-डी शो के माध्यम से समझा जा सकेगा। नक्षत्रशाला में खगोल विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़ी चीजों को समझने में आसानी होगी। तारों, ग्रहों और ब्रह्मांड के रहस्यों को दिखाने के लिए टू-डी और थ्री-डी शो का सहारा लिया जाएगा। इससे नक्षत्रशाला में आने वाले अंतरिक्ष का अनुभव कर सकेंगे। इसी तरह मरीन पार्क समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र, समुद्री जीवों और प्रवाल भित्तियों की नजदीक से जानकारी देगा। यहां आने वाले लोगों को यह सीख भी मिल सकेगी कि मानवीय गतिविधियों पर नियंत्रण रखकर पर्यावरण की रक्षा कैसे की जाती है। ब्यूरो
इन परियोजनाओं का यह है उद्देश्य
- दिल्ली और लखनऊ के बीचोंबीच बसे उत्तराखंड के प्रवेश द्वार बरेली में पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देना।
- विद्यार्थियों और खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले शहरवासियों को इस बारे में शिक्षित करना।
- बरेली और आसपास की युवा पीढ़ी में तार्किक सोच-समझ के साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास करना।
- समुद्री जैव विविधता को समझाकर उसे खतरों से बचाने और संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित करना।
साइंस पार्क के लिए हम कदम आगे बढ़ा चुके हैं। अन्य दो प्रोजेक्ट के लिए जल्द ही जरूरी कार्रवाई शुरू की जाएगी। पूरा प्रयास रहेगा कि इस साल के आखिरी तक हम तीनों प्रोजेक्ट आमजन को समर्पित कर दें। हमारा उद्देश्य है कि महानगरों की तरह बरेली की युवा पीढ़ी भी तकनीक के इस दौर में आगे बढ़े। यहां के युवा खुद को किसी से पीछे न पाएं। - डॉ. मनिकंडन ए., उपाध्यक्ष, बीडीए
