सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   96 lakh rupees were distributed... but it's unknown whose accounts the money was sent to, and the investigation is stalled.

Basti News: बांट दिए 96 लाख...किनके खाते में भेजे पता ही नहीं, जांच अटकी

Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 14 Jan 2026 01:31 AM IST
विज्ञापन
96 lakh rupees were distributed... but it's unknown whose accounts the money was sent to, and the investigation is stalled.
विज्ञापन
बस्ती। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में हुई सेंधमारी की जांच करीब महीने भर बाद भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। जांच टीम का कहना है कि 96 लाख रुपये किन लोगों के खाते में भेजे गए यह स्पष्ट करने के लिए कोई रिकॉर्ड नहीं मिल पा रहा है।
Trending Videos

ऑनलाइन उपलब्ध रिकॉर्ड में खाता नंबरों के अंतिम चार अंक ही दिखने से लाभार्थियों के बारे में जानकारी नहीं मिल पा रही है। जांच टीम ने लीड बैंक मैनेजर से सहयोग मांगा है। मातृ वंदना योजना के तहत फर्जी लाभार्थियों के खाते में रकम भेजकर 96 लाख रुपये की हेराफेरी की गई है। रुधौली विकास खंड में 17 सौ से अधिक खातों में दूसरी किस्त के रूप में छह-छह हजार रुपये भेजे गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

हालांकि, इनमें डेढ़ से दो सौ ही पात्र लाभार्थी होंगे। डीएम ने इस मामले की जांच के लिए टीम गठित की है। जांच टीम में शामिल सीआरओ कीर्ति प्रकाश भारती, सीटीओ अशोक कुमार प्रजापति और जिला सूचना विज्ञान अधिकारी शामिल हैं।
जांच टीम अब तक भुगतान प्रक्रिया की प्रारंभिक जानकारी ही जुटा पाई है। इसके अलावा कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। लाभार्थियों का पता नहीं मिल पा रहा है। इससे अब साइबर सेल की मदद लेने की बात कही जा रही है।
डीपीओ से ओटीपी आने संबंधी स्क्रीनशॉट, बैंक डिटेल समेत अन्य अभिलेख मांगे गए हैं। जांच टीम से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि कई गांवों में 20 से 25 लाभार्थियों की सूची निकाल कर आंगनबाड़ी और सहायिका से मिलान कराया गया तो पता चला कि लाभ लेने वाली कई महिलाओं का गांव से कोई जुड़ाव ही नहीं है।
वहीं, डीपीओ राजेश कुमार ने जांच टीम को बताया है कि भुगतान ऑनलाइन हुआ है मगर बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं दे पाया है जिससे पता चले कि भुगतान किनके खातों में किया गया। डीपीओ ने बताया कि जो अभिलेख जांच टीम की ओर से मांगे गए हैं, उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
सीडीपीओ ऑफिस पहुंचकर कागजात खंगाल चुकी है टीम : सीआरओ, सीटीओ और डीसी एनआईसी की टीम सीडीपीओ रुधौली के ऑफिस पहुंचकर सितंबर में हुए अत्याधिक आवेदन और भुगतान से जुड़े अभिलेख खंगाल चुकी है।
हालांकि, सिर्फ यह बताया गया कि ऑनलाइन भुगतान हुआ है। उससे जुड़े अभिलेख नहीं मिलने से मामला संदिग्ध होता जा रहा है। पोर्टल के जरिये जांच की गई मगर खातों के सिर्फ चार अंक दिखने से कोई नतीजा नहीं निकला।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed