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Basti News: परिषदीय स्कूलों में शुरू होगी 30 मिनट की रीडिंग क्लास
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बस्ती। परिषदीय विद्यालयों में नए शैक्षणिक सत्र से बच्चों में पुस्तक पढ़ने की रुचि विकसित करने और मोबाइल के बढ़ते स्क्रीन टाइम को कम करने के उद्देश्य से ड्रॉप एवरीथिंग एंड रीड (डीईएआर) अभियान शुरू किया जाएगा। अभियान के तहत सप्ताह में एक दिन 30 मिनट का विशेष रीडिंग सत्र आयोजित होगा, जिसमें छात्र-छात्राएं अपनी पसंद की कहानी, कविता, बाल साहित्य, प्रेरक प्रसंग और समाचार पत्र पढ़ेंगे।
शासन के निर्देश पर सभी परिषदीय विद्यालयों की समय-सारिणी में पुस्तकालय के लिए अलग से एक कालांश निर्धारित किया जाएगा, ताकि विद्यार्थी पाठ्य पुस्तकों के साथ-साथ अन्य साहित्य का भी अध्ययन कर सकें। रीडिंग सत्र को रोचक बनाने के लिए शिक्षक केवल पुस्तकें उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि कहानी वाचन, कविता पाठ, पुस्तक समीक्षा, समूह चर्चा और रचनात्मक लेखन जैसी गतिविधियां भी कराएंगे। अभियान के तहत प्रत्येक विद्यालय में रीडिंग क्लब का गठन किया जाएगा, जो नियमित पठन-पाठन गतिविधियों का संचालन करेगा। साथ ही पुस्तक समीक्षा, कहानी लेखन, प्रश्नोत्तरी और समाचार पत्र अध्ययन जैसी प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाएगा।
बेसिक शिक्षा अधिकारी अनूप तिवारी ने बताया कि बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा के निर्देश पर इस अभियान को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नियमित पुस्तक पठन से विद्यार्थियों की शब्दावली, भाषा दक्षता, लेखन क्षमता, कल्पनाशक्ति, सामान्य ज्ञान और आत्मविश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
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शासन के निर्देश पर सभी परिषदीय विद्यालयों की समय-सारिणी में पुस्तकालय के लिए अलग से एक कालांश निर्धारित किया जाएगा, ताकि विद्यार्थी पाठ्य पुस्तकों के साथ-साथ अन्य साहित्य का भी अध्ययन कर सकें। रीडिंग सत्र को रोचक बनाने के लिए शिक्षक केवल पुस्तकें उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि कहानी वाचन, कविता पाठ, पुस्तक समीक्षा, समूह चर्चा और रचनात्मक लेखन जैसी गतिविधियां भी कराएंगे। अभियान के तहत प्रत्येक विद्यालय में रीडिंग क्लब का गठन किया जाएगा, जो नियमित पठन-पाठन गतिविधियों का संचालन करेगा। साथ ही पुस्तक समीक्षा, कहानी लेखन, प्रश्नोत्तरी और समाचार पत्र अध्ययन जैसी प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाएगा।
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बेसिक शिक्षा अधिकारी अनूप तिवारी ने बताया कि बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा के निर्देश पर इस अभियान को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नियमित पुस्तक पठन से विद्यार्थियों की शब्दावली, भाषा दक्षता, लेखन क्षमता, कल्पनाशक्ति, सामान्य ज्ञान और आत्मविश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
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