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Basti News: बुखार से तप रहे नौनिहाल, चिल्ड्रेन वार्ड फुल, इलाज के लिए कतार
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जिला अस्पताल में चिकित्सीय परामर्श के लिए इंतजार करते मरीज संवाद
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बस्ती। जिले में मौसम के लगातार बदलते मिजाज का असर लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। कभी तेज धूप, कभी बारिश और उमस के बीच वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है। इसका सबसे अधिक असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में शुक्रवार को 1146 मरीज पहुंचे, जिनमें करीब 30 फीसदी सर्दी-जुकाम, गले के संक्रमण और वायरल बुखार से पीड़ित थे। बच्चों की बढ़ती संख्या के चलते चिल्ड्रेन वार्ड पूरी तरह भर गया, जबकि कई बच्चों को पीआईसीयू में भर्ती करना पड़ा। दोपहर दो बजे तक जिला अस्पताल की ओपीडी के बाहर मरीजों और तीमारदारों की लंबी कतार लगी रही।
तेज बुखार से पीड़ित बच्चों को गोद में लेकर अभिभावक अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। अस्पताल में बुखार से पीड़ित करीब 80 मरीजों की पैथोलॉजी जांच भी कराई गई।
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फिजिशियन डॉ. बीएल कन्नौजिया ने बताया कि मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, जिससे वायरल संक्रमण तेजी से फैलता है। बच्चों और बुजुर्गों की प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत कम होने के कारण वे संक्रमण की चपेट में जल्दी आ रहे हैं।
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एसबी त्रिपाठी ने बताया कि बारिश के बाद वायरल बुखार के मामलों में अचानक बढ़ोतरी हुई है। कमजोर बच्चों में तेज बुखार का असर अधिक देखने को मिल रहा है, जबकि बुजुर्गों में सर्दी के बाद तेज बुखार की शिकायत बढ़ी है। अस्पताल में सबसे अधिक मरीज मेडिसिन और बाल रोग विभाग में पहुंचे।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एके सिंह ने बताया कि बच्चों में तेज बुखार के साथ दूषित पानी पीने से पेट के संक्रमण के मामले भी सामने आ रहे हैं। मरीजों की संख्या बढ़ने से चिल्ड्रेन वार्ड पूरी तरह भर गया है।
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जिला अस्पताल की ओपीडी में शुक्रवार को 1146 मरीज पहुंचे, जिनमें करीब 30 फीसदी सर्दी-जुकाम, गले के संक्रमण और वायरल बुखार से पीड़ित थे। बच्चों की बढ़ती संख्या के चलते चिल्ड्रेन वार्ड पूरी तरह भर गया, जबकि कई बच्चों को पीआईसीयू में भर्ती करना पड़ा। दोपहर दो बजे तक जिला अस्पताल की ओपीडी के बाहर मरीजों और तीमारदारों की लंबी कतार लगी रही।
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तेज बुखार से पीड़ित बच्चों को गोद में लेकर अभिभावक अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। अस्पताल में बुखार से पीड़ित करीब 80 मरीजों की पैथोलॉजी जांच भी कराई गई।
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फिजिशियन डॉ. बीएल कन्नौजिया ने बताया कि मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, जिससे वायरल संक्रमण तेजी से फैलता है। बच्चों और बुजुर्गों की प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत कम होने के कारण वे संक्रमण की चपेट में जल्दी आ रहे हैं।
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एसबी त्रिपाठी ने बताया कि बारिश के बाद वायरल बुखार के मामलों में अचानक बढ़ोतरी हुई है। कमजोर बच्चों में तेज बुखार का असर अधिक देखने को मिल रहा है, जबकि बुजुर्गों में सर्दी के बाद तेज बुखार की शिकायत बढ़ी है। अस्पताल में सबसे अधिक मरीज मेडिसिन और बाल रोग विभाग में पहुंचे।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एके सिंह ने बताया कि बच्चों में तेज बुखार के साथ दूषित पानी पीने से पेट के संक्रमण के मामले भी सामने आ रहे हैं। मरीजों की संख्या बढ़ने से चिल्ड्रेन वार्ड पूरी तरह भर गया है।