{"_id":"698ce123b831adccf9092d10","slug":"diatom-test-will-tell-whether-the-inspector-drowned-or-the-body-was-thrown-away-basti-news-c-7-1-gkp1039-1227249-2026-02-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: डायटम टेस्ट बताएगा दरोगा डूबे या फेंकी गई थी लाश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: डायटम टेस्ट बताएगा दरोगा डूबे या फेंकी गई थी लाश
विज्ञापन
सीसीटीवी फुटेज में अयोध्या की तरफ जाते हुए दिख रहे दरोगा अजय गौड़।
विज्ञापन
बस्ती। परशुरामपुर थाने में तैनात दरोगा अजय गौड़ की मौत नदी में डूबने से हुई या उनकी मौत के बाद लाश नदी में फेंकी गई यह साफ करने के लिए विसरा डायटम टेस्ट के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा गया है। इसके साथ ही सरयू पुल से अमहट घाट के बीच लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।
इसमें सरयू घाट से बाइक अमहट ले आने वाले का भी सुराग तलाशा जा रहा है। दरोगा के लापता होने से शव मिलने तक के घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने के लिए पुलिस टीमें साक्ष्य जुटाने में लगीं हैं। पुलिस अफसरों का कहना है कि कुछ अहम साक्ष्य मिले हैं और जल्द ही मामले का पर्दाफाश हो सकता है।
आठ फरवरी की शाम को दरोगा का शव मिलने के बाद से बस्ती पुलिस की टीमें अयोध्या में लगातार कैंप कर रहीं हैं। सीसीटीवी कैमरों की छानबीन कर घटनाक्रम से जुड़े डिजिटल साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। मंगलवार तक की छानबीन में सीसीटीवी फुटेज में दरोगा को सरयू पुल से दो सौ मीटर पहले तक बस्ती से अयोध्या की तरफ जाते देखा गया था। बुधवार को पुलिस ने यह भी तस्दीक कर ली है कि दरोगा अपनी बाइक से सरयू पुल के पार तक गए थे। पुल खत्म होते ही एक अवैध कट है। पुलिस को संदेह हैं इसी अवैध कट से दरोगा की बाइक बस्ती लाई गई। क्योंकि इसके आगे दरोगा की बाइक कहीं सीसीटीवी कैमरे में नहीं दिख रही है। अब पुलिस अयोध्या से बस्ती तक बाइक पहुंचाने वाले शख्स की तस्दीक करने में जुटी है।
हाईवे के किनारे कुछ जगहों पर लगे कैमरों में दरोगा की बाइक बस्ती की ओर आती दिख रही है, मगर उस पर सवार शख्स की पहचान नहीं हो पा रही है। कैमरे में बाइक का नंबर साफ नहीं हो सका है। बाइक की पहचान हैंडिल के अगले हिस्से के वाइजर पर लगे लाल स्टीकर से जगह-जगह हो रही है। इसके अलावा पुलिस को दरोगा के खोए मोबाइल की भी जानकारी मिली है। संभावना जताई जा रही हैं दरोगा का मोबाइल बहुत जल्द पुलिस के हाथ लगने वाला है। इससे काफी राज खुल सकते हैं।
हेलमेट पहने बाइक चलाते दिखे थे दरोगा : सीसीटीवी फुटेज में दरोगा अजय गौंड़ अपनी बाइक पर बस्ती से अयोध्या जाते समय हेलमेट और जैकेट पहने दिख रहे हैं। सरयू में शव बिना हेलमेट के वर्दी और जैकेट में बरामद हुआ था। दरोगा का मोबाइल भी गायब है जो अब तक ढूंढ़ा नहीं जा सका है। पुलिस मोबाइल की छानबीन कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, संदेह है कि, जिस शख्स ने अहमट घाट पर बाइक छोड़ी थी उसी के पास दरोगा का मोबाइल भी हो सकता है। जांच में यह भी पता चला है कि दरोगा बिना जैकेट पहने थाने से निकले थे, रास्ते में उन्होंने जैकेट पहनी थी।
लापता होने के चौथे दिन सरयू में मिली थी लाश : परशुरामपुर थाने में तैनात दरोगा अजय गौड़ पांच फरवरी की शाम करीब चार बजे अचानक लापता हो गए थे। दूसरे दिन दरोगा की बाइक एसपी आवास के पास अमहट घाट से लावारिस हाल में बरामद हुई थी। चौथे दिन अयोध्या जिले की सीमा से बस्ती के छावनी क्षेत्र में दरोगा का शव सरयू नदी में उतराया हुआ पाया गया था। बस्ती में किराये के मकान में बच्चे के साथ रह रही पत्नी रंजीता व अन्य परिजनों ने उनकी मौत के पीछे गहरी साजिश की आशंका जताई है। झांसी के एडीएम और दरोगा के भाई अरुण गौंड़ इस मामले को लेकर पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। इसे लेकर वह पोस्टमार्टम हाउस पर धरने पर भी बैठ गए थे।
ये है डायटम टेस्ट : एक महत्वपूर्ण फॉरेंसिक जांच है जिसका उपयोग यह पुष्टि करने के लिए किया जाता है कि किसी व्यक्ति की मौत पानी में डूबने से हुई है या मरने के बाद उसे पानी में फेंका गया है। यह टेस्ट शरीर के अंगों (जैसे फेफड़े, बोन मैरो) में सूक्ष्म शैवाल (डायटम) की उपस्थिति की जांच करता है। अगर डूबते समय व्यक्ति जीवित था तो डायटम रक्त प्रवाह के साथ फेफड़े और बोन मैरो में पहुंच जाते हैं। इस जांच के लिए पोस्टमार्टम के दौरान फेफड़ों, हड्डी (अस्थि मज्जा), हृदय या किडनी के नमूने लेकर फॉरेंसिक लैब में भेजे जाते हैं।
Trending Videos
इसमें सरयू घाट से बाइक अमहट ले आने वाले का भी सुराग तलाशा जा रहा है। दरोगा के लापता होने से शव मिलने तक के घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने के लिए पुलिस टीमें साक्ष्य जुटाने में लगीं हैं। पुलिस अफसरों का कहना है कि कुछ अहम साक्ष्य मिले हैं और जल्द ही मामले का पर्दाफाश हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
आठ फरवरी की शाम को दरोगा का शव मिलने के बाद से बस्ती पुलिस की टीमें अयोध्या में लगातार कैंप कर रहीं हैं। सीसीटीवी कैमरों की छानबीन कर घटनाक्रम से जुड़े डिजिटल साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। मंगलवार तक की छानबीन में सीसीटीवी फुटेज में दरोगा को सरयू पुल से दो सौ मीटर पहले तक बस्ती से अयोध्या की तरफ जाते देखा गया था। बुधवार को पुलिस ने यह भी तस्दीक कर ली है कि दरोगा अपनी बाइक से सरयू पुल के पार तक गए थे। पुल खत्म होते ही एक अवैध कट है। पुलिस को संदेह हैं इसी अवैध कट से दरोगा की बाइक बस्ती लाई गई। क्योंकि इसके आगे दरोगा की बाइक कहीं सीसीटीवी कैमरे में नहीं दिख रही है। अब पुलिस अयोध्या से बस्ती तक बाइक पहुंचाने वाले शख्स की तस्दीक करने में जुटी है।
हाईवे के किनारे कुछ जगहों पर लगे कैमरों में दरोगा की बाइक बस्ती की ओर आती दिख रही है, मगर उस पर सवार शख्स की पहचान नहीं हो पा रही है। कैमरे में बाइक का नंबर साफ नहीं हो सका है। बाइक की पहचान हैंडिल के अगले हिस्से के वाइजर पर लगे लाल स्टीकर से जगह-जगह हो रही है। इसके अलावा पुलिस को दरोगा के खोए मोबाइल की भी जानकारी मिली है। संभावना जताई जा रही हैं दरोगा का मोबाइल बहुत जल्द पुलिस के हाथ लगने वाला है। इससे काफी राज खुल सकते हैं।
हेलमेट पहने बाइक चलाते दिखे थे दरोगा : सीसीटीवी फुटेज में दरोगा अजय गौंड़ अपनी बाइक पर बस्ती से अयोध्या जाते समय हेलमेट और जैकेट पहने दिख रहे हैं। सरयू में शव बिना हेलमेट के वर्दी और जैकेट में बरामद हुआ था। दरोगा का मोबाइल भी गायब है जो अब तक ढूंढ़ा नहीं जा सका है। पुलिस मोबाइल की छानबीन कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, संदेह है कि, जिस शख्स ने अहमट घाट पर बाइक छोड़ी थी उसी के पास दरोगा का मोबाइल भी हो सकता है। जांच में यह भी पता चला है कि दरोगा बिना जैकेट पहने थाने से निकले थे, रास्ते में उन्होंने जैकेट पहनी थी।
लापता होने के चौथे दिन सरयू में मिली थी लाश : परशुरामपुर थाने में तैनात दरोगा अजय गौड़ पांच फरवरी की शाम करीब चार बजे अचानक लापता हो गए थे। दूसरे दिन दरोगा की बाइक एसपी आवास के पास अमहट घाट से लावारिस हाल में बरामद हुई थी। चौथे दिन अयोध्या जिले की सीमा से बस्ती के छावनी क्षेत्र में दरोगा का शव सरयू नदी में उतराया हुआ पाया गया था। बस्ती में किराये के मकान में बच्चे के साथ रह रही पत्नी रंजीता व अन्य परिजनों ने उनकी मौत के पीछे गहरी साजिश की आशंका जताई है। झांसी के एडीएम और दरोगा के भाई अरुण गौंड़ इस मामले को लेकर पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। इसे लेकर वह पोस्टमार्टम हाउस पर धरने पर भी बैठ गए थे।
ये है डायटम टेस्ट : एक महत्वपूर्ण फॉरेंसिक जांच है जिसका उपयोग यह पुष्टि करने के लिए किया जाता है कि किसी व्यक्ति की मौत पानी में डूबने से हुई है या मरने के बाद उसे पानी में फेंका गया है। यह टेस्ट शरीर के अंगों (जैसे फेफड़े, बोन मैरो) में सूक्ष्म शैवाल (डायटम) की उपस्थिति की जांच करता है। अगर डूबते समय व्यक्ति जीवित था तो डायटम रक्त प्रवाह के साथ फेफड़े और बोन मैरो में पहुंच जाते हैं। इस जांच के लिए पोस्टमार्टम के दौरान फेफड़ों, हड्डी (अस्थि मज्जा), हृदय या किडनी के नमूने लेकर फॉरेंसिक लैब में भेजे जाते हैं।
