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Basti News: डायवर्जन बना जंजाल...हाईवे पर वाहनों का दबाव, लग रहा जाम
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पॉलीटेक्निक चौराहे के पास हाईवे पर लगा वाहनों का लंबा जाम। संवाद
- फोटो : shrinagar news
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बस्ती। चैत्र रामनवमी पर इस बार अयोध्या-बस्ती हाईवे बंद होने से संकट ज्यादा गहरा गया है। गोरखपुर, संतकबीरनगर के अलावा बिहार की तरफ से आने वाले भारी वाहनों को सुरक्षित लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज निकालने के लिए प्रशासन के पास कोई ठोस विकल्प नहीं है। गोरखपुर और संतकबीरनगर सीमा में हाईवे पर नाकेबंदी के बाद भी तमाम भारी वाहन बस्ती पहुंच रहे हैं, इससे जाम लग रहा है।
यहां पॉलिटेक्निक चौराहे पर दोपहर तक इन वाहनों को डायवर्ट करके गौरा चौराहे से मनौरी के रास्ते बस्ती-डुमरियागंज मार्ग पर निकाला गया। मगर कुछ देर के बाद यह व्यवस्था लड़खड़ा गई। हाईवे के गोरखपुर लेन पर ट्रक, ट्रेलर एवं अन्य भारी वाहनों की इतनी भीड़ हो गई कि यातायात और सिविल पुलिस से स्थिति संभालने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है।
शाम होते-होते पॉलिटेक्निक चौराहे से लेकर परसा चौराहे तक तीन किमी से अधिक वाहनों का लंबा जाम लग गया है। इसमें कई रोडवेज की सरकारी बसें और निजी लग्जरी वाहनों कड़ी धूप के बीच लोग हाईवे पर जाम खुलने का इंतजार करते रहे।
बता दें कि इससे पहले जब बस्ती-अयोध्या फोरलेन बंद होता था तो प्रशासन के पास भारी वाहनों को निकालने के लिए दो विकल्प होते थे। पहला पॉलिटेक्निक चौराहे से बस्ती-डुमरियागंज मार्ग के रास्ते बलरामपुर, गोंडा होकर लखनऊ के लिए गाड़ियां निकाल दी जाती थीं। दूसरा डायवर्जन फुटहिया चौराहे पर किया जाता था।
यहां से कलवारी-टांडा के रास्ते पूर्वांचल एक्सप्रेस की ओर भारी वाहन निकाले जाते रहे। इस बार यह दोनों विकल्प उपयोग लायक नहीं है।
कलवारी-टांडा पुल सात महीने मरम्मत कार्य होने के कारण बंद चल रहा है। सिर्फ एक विकल्प बस्ती-डुमरियागंज मार्ग बचा है, यहां सड़क चौड़ीकरण का कार्य होने के कारण यह मार्ग भी अस्त-व्यस्त है।
अधिकांश जगहों पर सड़क के दोनों तरफ खुदाई की गई है। जिससे सड़क सिकुड़ गई है। ऐसे में अचानक हाईवे के भारी वाहनों का दबाव बढ़ने से इस मार्ग पर लोकल आवागमन भी बुरी तरह प्रभावित हो गया है। पॉलिटेक्निक और गौरा चौराहे पर भारी वाहनों के मुड़ने के कारण गोरखपुर लेन में बेतहाशा जाम लग गया है।
टांडा पुल के मरम्मत कार्य में लेटलतीफी से बढ़ी समस्या : कलवारी टांडा पुल के मरम्मत कार्य के लिए एनएचएआई ने प्रशासन से महज तीन महीने का वक्त मांगा था। सात महीने बीतने के बाद भी यह पुल चलने योग्य तैयार नहीं हो सका। इसकी वजह से लुंबिनी-दुद्धी मार्ग का आवागमन बंद कर दिया गया है।
इधर राम नवमी के पर्व पर अयोध्या में भीड़ को देखते हुए फोरलेन बंद हुआ तो संतकबीरनगर, गोरखपुर, सिवान, बिहार और बंगाल से आने वाले वाहनों को पॉलिटेक्निक चौराहे से बस्ती-डुमरियागंज मार्ग के रास्ते निकाला जा रहा है। जिससे आवागमन का संकट गहरा गया है।
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यहां पॉलिटेक्निक चौराहे पर दोपहर तक इन वाहनों को डायवर्ट करके गौरा चौराहे से मनौरी के रास्ते बस्ती-डुमरियागंज मार्ग पर निकाला गया। मगर कुछ देर के बाद यह व्यवस्था लड़खड़ा गई। हाईवे के गोरखपुर लेन पर ट्रक, ट्रेलर एवं अन्य भारी वाहनों की इतनी भीड़ हो गई कि यातायात और सिविल पुलिस से स्थिति संभालने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है।
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शाम होते-होते पॉलिटेक्निक चौराहे से लेकर परसा चौराहे तक तीन किमी से अधिक वाहनों का लंबा जाम लग गया है। इसमें कई रोडवेज की सरकारी बसें और निजी लग्जरी वाहनों कड़ी धूप के बीच लोग हाईवे पर जाम खुलने का इंतजार करते रहे।
बता दें कि इससे पहले जब बस्ती-अयोध्या फोरलेन बंद होता था तो प्रशासन के पास भारी वाहनों को निकालने के लिए दो विकल्प होते थे। पहला पॉलिटेक्निक चौराहे से बस्ती-डुमरियागंज मार्ग के रास्ते बलरामपुर, गोंडा होकर लखनऊ के लिए गाड़ियां निकाल दी जाती थीं। दूसरा डायवर्जन फुटहिया चौराहे पर किया जाता था।
यहां से कलवारी-टांडा के रास्ते पूर्वांचल एक्सप्रेस की ओर भारी वाहन निकाले जाते रहे। इस बार यह दोनों विकल्प उपयोग लायक नहीं है।
कलवारी-टांडा पुल सात महीने मरम्मत कार्य होने के कारण बंद चल रहा है। सिर्फ एक विकल्प बस्ती-डुमरियागंज मार्ग बचा है, यहां सड़क चौड़ीकरण का कार्य होने के कारण यह मार्ग भी अस्त-व्यस्त है।
अधिकांश जगहों पर सड़क के दोनों तरफ खुदाई की गई है। जिससे सड़क सिकुड़ गई है। ऐसे में अचानक हाईवे के भारी वाहनों का दबाव बढ़ने से इस मार्ग पर लोकल आवागमन भी बुरी तरह प्रभावित हो गया है। पॉलिटेक्निक और गौरा चौराहे पर भारी वाहनों के मुड़ने के कारण गोरखपुर लेन में बेतहाशा जाम लग गया है।
टांडा पुल के मरम्मत कार्य में लेटलतीफी से बढ़ी समस्या : कलवारी टांडा पुल के मरम्मत कार्य के लिए एनएचएआई ने प्रशासन से महज तीन महीने का वक्त मांगा था। सात महीने बीतने के बाद भी यह पुल चलने योग्य तैयार नहीं हो सका। इसकी वजह से लुंबिनी-दुद्धी मार्ग का आवागमन बंद कर दिया गया है।
इधर राम नवमी के पर्व पर अयोध्या में भीड़ को देखते हुए फोरलेन बंद हुआ तो संतकबीरनगर, गोरखपुर, सिवान, बिहार और बंगाल से आने वाले वाहनों को पॉलिटेक्निक चौराहे से बस्ती-डुमरियागंज मार्ग के रास्ते निकाला जा रहा है। जिससे आवागमन का संकट गहरा गया है।