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Basti News: पांच ग्राम पंचायतों में दुरुस्त होगी पेयजल व्यवस्था, चार परियोजना पूर्ण
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मड़वानगर ग्राम पंचायत में चल रहा है ओवरहेड टैंक का निर्माण संवाद
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बस्ती। जिले की पांच बड़ी ग्राम पंचायतों में पेयजल व्यवस्था दुरुस्त होगी। इसके लिए शासन से स्वीकृत परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। कुछ परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, जिसे हैंडओवर करना है। इन सभी परियोजनाओं पर 15.79 करोड़ रुपये विभिन्नि योजनाओं में खर्च होने हैं। कार्यदायी संस्था यूपी जल निगम ग्रामीण कार्य करा रही है।
सबसे महत्वपूर्ण परियोजना शहर से सटे मड़वानगर कॉलोनी की है। यहां पेयजल संकट खत्म होगा। यहां 10 करोड़ की परियोजना पर काम चल रहा है। इससे पूरे गांव पंचायत को पेयजल की सुविधा मिलेगी। अभी अधिकांश परिवार पेयजल से दूर हैं। जल्द ही घर-घर पानी पहुंचेगा। जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों की मांग पर यहां 10.25 करोड़ रुपये की बड़ी परियोजना 13 जुलाई 2023 में स्वीकृत हुई थी। 31 दिसंबर 2026 में इस परियोजना को पूर्ण करना है। अभी 62 प्रतिशत कार्य दिखाया गया है।
2.64 करोड़ रुपये आवंटित हुआ था, उतना व्यय हो चुका है। यहां ओवरहेड टैंक, नलकूप, पाइपलाइन का कार्य होना है। इससे शहर की तरह ही जलापूर्ति हो सकेगी। यह परियोजना नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग योजना के तहत है। विभाग के अनुसार, यहां कनेक्शन होना है। बताया गया कि यहां रास्ते का कुछ विवाद था, जिसे सुलझा दिया गया है। अब कार्य तेजी से चल रहा है। करीब 10 हजार की आबादी इससे आच्छादित होगी। दो हजार से अधिक कनेक्शन देने का लक्ष्य है। पाइपलाइन 48 किमी. में पड़ेगी। ओवरहेड टैंक की क्षमता 650 किलो लीटर/14 मीटर है।
इसके अलावा पिरैला गरीब ग्राम पंचायत में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के तहत पेयजल परियोजना स्वीकृत है। यहां 1.29 करोड़ रुपये से ओवरहेड टैंक व पाइपलाइन का कार्य होगा। यह परियोजना पूर्ण है, जिसे हैंडओवर किया जाना है। अभी मामला लंबित है। इसी प्रकार खम्हरिया पश्चिम ग्राम पंचायत में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के तहत पेयजल परियोजना स्वीकृत है। यह परियोजना 1.36 करोड़ रुपये की है। परियोजना पूर्ण है। हैंडओवर की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
कोहड़ी ग्राम पंचायत में 1.4 करोड़ की पेयजल परियोजना चल रही है। परियोजना पूर्ण होने के बाद इसे हैंडओवर किया जाना है। इसी तरह भोलापुर ग्राम पंचायत पेयजल परियोजना पर 1.49 करोड़ रुपये खर्च होना है। कार्य पूर्ण दिखा दिया गया है, मगर हैंडओवर अभी नहीं किए। बताया जा रहा है कि जल्द ही परियोजनाएं हैंडओवर होगी, इससे शुद्ध पेयजल की आस ग्रामीणों की पूरी होगी। लाखों की आबादी पेयजल योजना से आच्छादित होगी। जो चार परियोजनाएं पूर्ण हैं, वहां हैंडओवर की प्रक्रिया पोर्टल के जरिये शुरू हो चुकी है।
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10 साल तक जल निगम को करना होगा देखरेख
पांचों बड़ी परियोजनाओं की देखरेख की जिम्मेदारी 10 साल तक यूपी जल निगम ग्रामीण की होगी। जो फर्म कार्य कर रही है। उससे परियोजना हैंडओवर होनी है। इसके बाद संचालन की जिम्मेदारी जल निगम ग्रामीण की है। निगरानी जेई करेंगे।
कोट
चार पूर्ण परियोजनाओं को जल्द ही हैंडओवर करवा दिया जाएगा। इसके बाद जलापूर्ति शुरू हो जाएगी। वहीं, मड़वानगर में कार्य तेजी से चल रहा है। रास्ते का विवाद था, उसे सुलझा लिया गया है।
-योगेंद्र प्रसाद, एक्सईएन, जलनिगम, ग्रामीण, बस्ती।
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सबसे महत्वपूर्ण परियोजना शहर से सटे मड़वानगर कॉलोनी की है। यहां पेयजल संकट खत्म होगा। यहां 10 करोड़ की परियोजना पर काम चल रहा है। इससे पूरे गांव पंचायत को पेयजल की सुविधा मिलेगी। अभी अधिकांश परिवार पेयजल से दूर हैं। जल्द ही घर-घर पानी पहुंचेगा। जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों की मांग पर यहां 10.25 करोड़ रुपये की बड़ी परियोजना 13 जुलाई 2023 में स्वीकृत हुई थी। 31 दिसंबर 2026 में इस परियोजना को पूर्ण करना है। अभी 62 प्रतिशत कार्य दिखाया गया है।
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2.64 करोड़ रुपये आवंटित हुआ था, उतना व्यय हो चुका है। यहां ओवरहेड टैंक, नलकूप, पाइपलाइन का कार्य होना है। इससे शहर की तरह ही जलापूर्ति हो सकेगी। यह परियोजना नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग योजना के तहत है। विभाग के अनुसार, यहां कनेक्शन होना है। बताया गया कि यहां रास्ते का कुछ विवाद था, जिसे सुलझा दिया गया है। अब कार्य तेजी से चल रहा है। करीब 10 हजार की आबादी इससे आच्छादित होगी। दो हजार से अधिक कनेक्शन देने का लक्ष्य है। पाइपलाइन 48 किमी. में पड़ेगी। ओवरहेड टैंक की क्षमता 650 किलो लीटर/14 मीटर है।
इसके अलावा पिरैला गरीब ग्राम पंचायत में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के तहत पेयजल परियोजना स्वीकृत है। यहां 1.29 करोड़ रुपये से ओवरहेड टैंक व पाइपलाइन का कार्य होगा। यह परियोजना पूर्ण है, जिसे हैंडओवर किया जाना है। अभी मामला लंबित है। इसी प्रकार खम्हरिया पश्चिम ग्राम पंचायत में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के तहत पेयजल परियोजना स्वीकृत है। यह परियोजना 1.36 करोड़ रुपये की है। परियोजना पूर्ण है। हैंडओवर की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
कोहड़ी ग्राम पंचायत में 1.4 करोड़ की पेयजल परियोजना चल रही है। परियोजना पूर्ण होने के बाद इसे हैंडओवर किया जाना है। इसी तरह भोलापुर ग्राम पंचायत पेयजल परियोजना पर 1.49 करोड़ रुपये खर्च होना है। कार्य पूर्ण दिखा दिया गया है, मगर हैंडओवर अभी नहीं किए। बताया जा रहा है कि जल्द ही परियोजनाएं हैंडओवर होगी, इससे शुद्ध पेयजल की आस ग्रामीणों की पूरी होगी। लाखों की आबादी पेयजल योजना से आच्छादित होगी। जो चार परियोजनाएं पूर्ण हैं, वहां हैंडओवर की प्रक्रिया पोर्टल के जरिये शुरू हो चुकी है।
10 साल तक जल निगम को करना होगा देखरेख
पांचों बड़ी परियोजनाओं की देखरेख की जिम्मेदारी 10 साल तक यूपी जल निगम ग्रामीण की होगी। जो फर्म कार्य कर रही है। उससे परियोजना हैंडओवर होनी है। इसके बाद संचालन की जिम्मेदारी जल निगम ग्रामीण की है। निगरानी जेई करेंगे।
कोट
चार पूर्ण परियोजनाओं को जल्द ही हैंडओवर करवा दिया जाएगा। इसके बाद जलापूर्ति शुरू हो जाएगी। वहीं, मड़वानगर में कार्य तेजी से चल रहा है। रास्ते का विवाद था, उसे सुलझा लिया गया है।
-योगेंद्र प्रसाद, एक्सईएन, जलनिगम, ग्रामीण, बस्ती।