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Basti News: शहर में बढ़ रही वारदात...कई मामलों में पुलिस के हाथ खाली
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बस्ती। शहर की कोतवाली पुलिस कई मामलों में विफल साबित हो रही है। रात्रि गश्त से लेकर सुरक्षा चौकस रखने में पुलिस की नाकामी कई बार सामने आ चुकी है। रौता पार मोहल्ले के एक घर को निशाना बनाकर फायरिंग करने वाले तीन युवकों को 24 घंटे बीतने के बाद भी पुलिस पकड़ नहीं पाई है। जबकि आरोपियों की पहचान सीसीटीवी कैमरों से कर ली गई है। गिरफ्तारी न होने से परिवार के लोग अभी भी दहशत में है। इसके अलावा महरीखांवा मोहल्ले के एक घर से 20 लाख रुपये कीमत के गहनों के चोरी के मामले में एक महीने बीतने के बाद भी पुलिस खाली हाथ है।
मंडल मुख्यालय होने के नाते कोतवाली पुलिस की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। मगर समूचे शहर में ग्रामीण अंचल के थानों जैसी भी सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। यहीं वजह हैं कि शहर में आपराधिक गतिविधियां बढ़ती जा रही है। इसको लेकर आम नागरिकों में भय भी है। सुरक्षा की दृष्टि से कोतवाली थाने की शहर एवं पॉस इलाकों की सुरक्षा के लिए दस चौकियां स्थापित है। नागरिकों का कहना हैं कि इन चौकी पर तैनात चीता एवं पुलिस की टीम क्षेत्र में रात्रिकालीन गश्त से तौबा कर ली है। चौकियों पर तैनात जिम्मेदार उपनिरीक्षक भी शाम ढलने के बाद ड्यूटी पर नहीं दिखते हैं। किसी तरह की वारदात होने पर हल्का सिपाही या होमगार्ड को फोन पर सूचना देकर उन्हें बुलाना पड़ता है। शहर के विस्तार क्षेत्र में अराजकतत्वों का जमावड़ा सूनी गलियों एवं खाली मैदान में रोजाना हो रहा है। रौतापार चौकी क्षेत्र के मंगला कॉलोनी के शिव प्रकाश बताते हैं कि शाम ढलने के बाद से रात 11 बजे तक युवक युवतियां मालवीय रोड से मंगला कॉलोनी जाने वाली सड़क के किनारे खाली जगहों पर खड़े होकर मस्ती करते हैं। इसके अलावा रात में चोर भी घूमते रहते हैं। इस मोहल्ले में आधा दर्जन चोरी की घटनाएं एक साल के भीतर हो चुकी है। चौकी से लेकर कोतवाली तक प्रार्थना पत्र पड़े हैं। बावजूद इसके पुलिस गश्त करने कभी नहीं आती है। यहीं हाल सिविल लाइंस, बड़ेवन, पटेल चौक, अस्पताल, सोनूपार, जेल रोड चौकी क्षेत्र में भी है। इसी वजह से अराजकतत्वों का मनोबल बढ़ा हुआ है। जानकार तो यहां तक बताते हैं कि कोतवाली पुलिस शाम ढलने के बाद रोडवेज, अस्पताल चौराहा, पटेल चौक के आसपास और हाईवे के ढाबों पर कुछ देर तक सक्रिय दिखती है। यहां गिमटियों, ढाबों, रेस्टोरेंट की आड़ में बार जैसी सुविधा देने वालों संचालकों से मनमाफिक मुराद पूरी करने के बाद पुलिस चलती बनती है।
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घर पर फायरिंग करने वाले युवक को नहीं ढूंढ सकी पुलिस
एक दिन पहले रौता पुलिस चौकी से तीन सौ मीटर की दूरी पर स्थित मुकेश श्रीवास्तव के घर पर सुबह कुछ युवक बाइक से पहुंचे और उनके गेट को निशाना बनाकर लगातार दो फायर किए। जब तक लोग आवाज सुनकर घर से बाहर निकलते मनबढ़ युवक भाग निकले। परिजनों का कहना हैं कि उनके घर पर दूसरी बार इस तरह की वारदात हुई है। पहली बार बम फेंकने का मामला सामने आया था। इसके बाद भी पुलिस ने कोई रूचि नहीं दिखाई। दूसरी बार फायरिंग का मामला सामने आने के बाद परिवार के सदस्य सौरभ श्रीवास्तव की तहरीर पर युवराज सिंह निवासी महारानी होटल के बगल, प्रिंस चौधरी निवासी विवेकानंद कॉलोनी, प्रिंस यादव निवासी ब्लाॅक रोड के खिलाफ जान से मारने की नीयत से हमला करने की प्राथमिकी दर्ज की गई है। मगर 24 घंटे बीतने के बाद भी कोतवाली पुलिस एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। पीड़ित मुकेश बताते हैं दूसरी बार घटना होने के बाद से उनका पूरा परिवार दहशत में है। मनबढ़ युवक कभी भी किसी बड़ी घटना को अंजाम दे सकते हैं।
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महरीखांवा में 29 अप्रैल को हुई चोरी का खुलासा नहीं
कोतवाली क्षेत्र के सिविल लाइन चौकी क्षेत्र के महरीखांवा मोहल्ले में सुनील पांडेय के ताला बंद घर में 29 अप्रैल की रात 9 बजे अज्ञात चोर पीछे की चहारदीवारी कूदकर घुस आए। इसी बीच उनके दोनों बेटे भी सामने से ताला खोलकर घर के अंदर पहुंचे। इस दौरान एक चोर भागते हुए दिख गए। बड़े बेटे ने चोर को पकड़ लिया था लेकिन, उनके सिर पर प्रहार चोर भाग निकला। पीड़ित सुनील का कहना हैं कि उनके घर से बीस लाख रुपये कीमत के गहने और दस हजार रुपये नकद लेकर चोर भाग गए थे। जबकि पुलिस इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के बाद शांत हो गई। अभी तक इस घटना का खुलासा न होने से पीड़ित परिवार सदमे में है।
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कोतवाली क्षेत्र के रौतापार मोहल्ले में हुई फायरिंग की घटना को लेकर पुलिस सक्रिय है। आरोपियों को पकड़ने के लिए चार टीमें गठित की गई है। अन्य मामलों में छानबीन की जा रही है। बहुत जल्द सफलता मिलेगी।
सत्येंद्र भूषण त्रिपाठी, सीओ सिटी।
मंडल मुख्यालय होने के नाते कोतवाली पुलिस की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। मगर समूचे शहर में ग्रामीण अंचल के थानों जैसी भी सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। यहीं वजह हैं कि शहर में आपराधिक गतिविधियां बढ़ती जा रही है। इसको लेकर आम नागरिकों में भय भी है। सुरक्षा की दृष्टि से कोतवाली थाने की शहर एवं पॉस इलाकों की सुरक्षा के लिए दस चौकियां स्थापित है। नागरिकों का कहना हैं कि इन चौकी पर तैनात चीता एवं पुलिस की टीम क्षेत्र में रात्रिकालीन गश्त से तौबा कर ली है। चौकियों पर तैनात जिम्मेदार उपनिरीक्षक भी शाम ढलने के बाद ड्यूटी पर नहीं दिखते हैं। किसी तरह की वारदात होने पर हल्का सिपाही या होमगार्ड को फोन पर सूचना देकर उन्हें बुलाना पड़ता है। शहर के विस्तार क्षेत्र में अराजकतत्वों का जमावड़ा सूनी गलियों एवं खाली मैदान में रोजाना हो रहा है। रौतापार चौकी क्षेत्र के मंगला कॉलोनी के शिव प्रकाश बताते हैं कि शाम ढलने के बाद से रात 11 बजे तक युवक युवतियां मालवीय रोड से मंगला कॉलोनी जाने वाली सड़क के किनारे खाली जगहों पर खड़े होकर मस्ती करते हैं। इसके अलावा रात में चोर भी घूमते रहते हैं। इस मोहल्ले में आधा दर्जन चोरी की घटनाएं एक साल के भीतर हो चुकी है। चौकी से लेकर कोतवाली तक प्रार्थना पत्र पड़े हैं। बावजूद इसके पुलिस गश्त करने कभी नहीं आती है। यहीं हाल सिविल लाइंस, बड़ेवन, पटेल चौक, अस्पताल, सोनूपार, जेल रोड चौकी क्षेत्र में भी है। इसी वजह से अराजकतत्वों का मनोबल बढ़ा हुआ है। जानकार तो यहां तक बताते हैं कि कोतवाली पुलिस शाम ढलने के बाद रोडवेज, अस्पताल चौराहा, पटेल चौक के आसपास और हाईवे के ढाबों पर कुछ देर तक सक्रिय दिखती है। यहां गिमटियों, ढाबों, रेस्टोरेंट की आड़ में बार जैसी सुविधा देने वालों संचालकों से मनमाफिक मुराद पूरी करने के बाद पुलिस चलती बनती है।
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घर पर फायरिंग करने वाले युवक को नहीं ढूंढ सकी पुलिस
एक दिन पहले रौता पुलिस चौकी से तीन सौ मीटर की दूरी पर स्थित मुकेश श्रीवास्तव के घर पर सुबह कुछ युवक बाइक से पहुंचे और उनके गेट को निशाना बनाकर लगातार दो फायर किए। जब तक लोग आवाज सुनकर घर से बाहर निकलते मनबढ़ युवक भाग निकले। परिजनों का कहना हैं कि उनके घर पर दूसरी बार इस तरह की वारदात हुई है। पहली बार बम फेंकने का मामला सामने आया था। इसके बाद भी पुलिस ने कोई रूचि नहीं दिखाई। दूसरी बार फायरिंग का मामला सामने आने के बाद परिवार के सदस्य सौरभ श्रीवास्तव की तहरीर पर युवराज सिंह निवासी महारानी होटल के बगल, प्रिंस चौधरी निवासी विवेकानंद कॉलोनी, प्रिंस यादव निवासी ब्लाॅक रोड के खिलाफ जान से मारने की नीयत से हमला करने की प्राथमिकी दर्ज की गई है। मगर 24 घंटे बीतने के बाद भी कोतवाली पुलिस एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। पीड़ित मुकेश बताते हैं दूसरी बार घटना होने के बाद से उनका पूरा परिवार दहशत में है। मनबढ़ युवक कभी भी किसी बड़ी घटना को अंजाम दे सकते हैं।
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सत्येंद्र भूषण त्रिपाठी, सीओ सिटी।