{"_id":"699f4ffd98065bd71104ee85","slug":"confused-farmers-purchase-centers-closed-17-days-ago-4500-quintals-of-paddy-dumped-bhadohi-news-c-191-1-svns1015-139517-2026-02-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"उलझन में किसान : 17 दिन पहले बंद कर दिए गए क्रय केंद्र, 4500 क्विंटल धान डंप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उलझन में किसान : 17 दिन पहले बंद कर दिए गए क्रय केंद्र, 4500 क्विंटल धान डंप
विज्ञापन
डोमनपुर के साधन सहकारी समिति में डंप पड़ा धान। संवाद
विज्ञापन
ज्ञानपुर। अधिकारियों की उदासीनता कहें या सचिवों की लापरवाही। अंतत: किसान अब खामियाजा भुगत रहे हैं। तय समय से 17 दिन पहले यानी 11 फरवरी से पीसीएफ के क्रय केंद्रों पर धान की खरीद बंद कर दी गई है। खरीद बंद होने से पहले क्रय केंद्रों पर जिन किसानों ने धान जमा किया है अब उनके लिए समस्या खड़ी हो गई है। खरीद बंद होने से 200 किसानों का साढ़े चार हजार क्विंटल धान केंद्रों पर डंप है। रबी और खरीफ सीजन में शासन गेहूं और धान की खरीद करता है। इसके बाद किसानों को समर्थन मूल्य उनके खाते में ऑनलाइन भेजा जाता है। जिले में इस बार धान खरीद के लिए पहले 30 क्रय केंद्र बनाए गए थे। दिसंबर में केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 37 कर दिया गया। 28 फरवरी तक खरीद होनी है। इससे पहले पीसीएफ सहित निजी एजेंसियो के 23 क्रय केंद्रों पर खरीद 11 फरवरी से ही बंद कर दी गई। बुधवार को अमर उजाला ने धान क्रय केंद्रों की पड़ताल की तो बंद 23 केंद्रों पर बोरे में भरा धान रखा मिला। इसकी न तो खरीद हो रही है और न ही इसे अन्यत्र भेजा जा रहा है। इस कारण किसान चिंतित हैं। विभाग का दावा है कि खाद्य विभाग के सभी केंद्र चल रहे हैं। किसान उन केंद्रों पर धान बेच सकते हैं। खरीद का सीजन खत्म होने में दो दिन शेष है। ऐसे में किसान उलझन में हैं कि वह धान लेकर कहां जाएं। या तो वे व्यापारियों को औने-पौने दामों पर बेच दें या खाद्य विभाग के सेंटरों पर ले जाएं। यदि मौसम खराब हुआ तो उनकी मेहनत पर पानी फिर जाएगा।
खरीद माफिया के चक्रव्यूह में फंस गए किसान
जिले में धान की खरीद के लिए खरीद माफियाओं का जाल फैला है। जानकारों का कहना है कि कुछ केंद्रों से सांठगांठ कर खरीद माफिया 50 से 100 क्विंटल धान को मंगवा लिए हैं। खरीद पर रोक होने के बाद भी उनकी तरफ से धान को डंप किया गया। अब किसानों को दिक्कत हो रही है।
सपा विधायक भी कर चुके डीएम से शिकायत
भदोही के सपा विधायक जाहिद बेग ने मंगलवार को जिलाधिकारी शैलेश कुमार को पत्रक सौंपकर खरीद शुरू कराने की मांग कर चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि 300 किसानों से 6000 क्विटंल धान की खरीद बाकी है। पीसीएफ के क्रय केंद्र चालू कराकर किसानों की धान का खरीद सुनिश्चित की जाए।
- सचिव की तरफ से धान खरीद बंद होने की जानकारी नहीं दी गई। उनसे धान को केंद्र पर लाने के लिए कहा गया। अब धान को लेकर कहां जाएं- मनोज शुक्ला, किसान
- शादी-विवाह का सीजन चल रहा है। बिना नोटिस के ही पीसीएफ के केंद्रों पर खरीद को बंद कर दिया गया। इससे परेशानी बढ़ गई है। - दिलीप सिंह, किसान
- धान की खरीद बंद करना था तो किसानों को सूचना देनी चाहिए थी। बिना किसी नोटिस या सूचना के खरीद बंद करना ठीक नहीं है।- बृजराज दूबे
- खरीद अचानक बंद करने से समस्या खड़ी हो गई है। अब किसान औने-पौने दाम पर अपनी उपज बेचेंगे। सरकार की मंशा के विपरित काम हो रहा है। - महेंद्र यादव, किसान
पीसीएफ के केंद्र शासनस्तर से ही बंद है। खाद्य विभाग के केंद्रों पर खरीद 28 फरवरी तक चलेगी। किसान वहां पर अपनी उपज को बेच सकते हैं।
- कुंवर वीरेंद्र मौर्य, एडीएम एवं नोडल धान खरीद।
Trending Videos
खरीद माफिया के चक्रव्यूह में फंस गए किसान
जिले में धान की खरीद के लिए खरीद माफियाओं का जाल फैला है। जानकारों का कहना है कि कुछ केंद्रों से सांठगांठ कर खरीद माफिया 50 से 100 क्विंटल धान को मंगवा लिए हैं। खरीद पर रोक होने के बाद भी उनकी तरफ से धान को डंप किया गया। अब किसानों को दिक्कत हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सपा विधायक भी कर चुके डीएम से शिकायत
भदोही के सपा विधायक जाहिद बेग ने मंगलवार को जिलाधिकारी शैलेश कुमार को पत्रक सौंपकर खरीद शुरू कराने की मांग कर चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि 300 किसानों से 6000 क्विटंल धान की खरीद बाकी है। पीसीएफ के क्रय केंद्र चालू कराकर किसानों की धान का खरीद सुनिश्चित की जाए।
- सचिव की तरफ से धान खरीद बंद होने की जानकारी नहीं दी गई। उनसे धान को केंद्र पर लाने के लिए कहा गया। अब धान को लेकर कहां जाएं- मनोज शुक्ला, किसान
- शादी-विवाह का सीजन चल रहा है। बिना नोटिस के ही पीसीएफ के केंद्रों पर खरीद को बंद कर दिया गया। इससे परेशानी बढ़ गई है। - दिलीप सिंह, किसान
- धान की खरीद बंद करना था तो किसानों को सूचना देनी चाहिए थी। बिना किसी नोटिस या सूचना के खरीद बंद करना ठीक नहीं है।- बृजराज दूबे
- खरीद अचानक बंद करने से समस्या खड़ी हो गई है। अब किसान औने-पौने दाम पर अपनी उपज बेचेंगे। सरकार की मंशा के विपरित काम हो रहा है। - महेंद्र यादव, किसान
पीसीएफ के केंद्र शासनस्तर से ही बंद है। खाद्य विभाग के केंद्रों पर खरीद 28 फरवरी तक चलेगी। किसान वहां पर अपनी उपज को बेच सकते हैं।
- कुंवर वीरेंद्र मौर्य, एडीएम एवं नोडल धान खरीद।

डोमनपुर के साधन सहकारी समिति में डंप पड़ा धान। संवाद
