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Bhadohi News: 100 करोड़ खर्च के बाद भी टेढे़ और जर्जर बिजली के खंभों से हो रही आपूर्ति
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गोपीगंज के मिर्जापुर रोड पर मंदिर के पीछे जर्जर अवस्था में बिजली का पोल। संवाद
- फोटो : योगेश कुशवाहा
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ज्ञानपुर। जिले में रीवैंप योजना के 100 करोड़ खर्च करने के बाद भी जर्जर खंभों के सहारे बिजली आपूर्ति की जा रही है। गांव और नगरों के सघन इलाकों के बीच यह खंभे हादसों को दावत दे रहे हैं। जिले भर में नगरीय इलाकों में 35 और ग्रामीण इलाकों में करीब 60 खंभे नीचे से जंग खाकर छेद हो गए हैं। दो सप्ताह बाद मानसून आ जाएगा। ऐसे में अगर इन जर्जर खंभों को दुरुस्त नहीं किया गया तो हादसा हो सकता है। जिले में भदोही और ज्ञानपुर मंडल से जुड़े 29 उपकेंद्र व 98 फीडरों से दो लाख 45 हजार उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति की जाती है। गांव से लेकर नगर तक कई जगहों पर बिजली निगम की उदासीनता के कारण कहीं बांस बल्ली के सहारे बिजली आपूर्ति की जा रही है तो कहीं पर जर्जर तारों का जाल फैला है।
इनमें सबसे बड़ी समस्या बिजली के जर्जर खंभे बने हैं। सोमवार को पड़ताल में जिलेभर में जर्जर खंभों की हकीकत को देखा। जहां घोसिया जैसी सघन आबादी वाले इलाके में सदर सड़क, वार्ड नंबर छह, शहीद बाबा मजार के पास, जामा मस्जिद के पास, वार्ड नंबर एक में जर्जर खंभे दिखे। इसी तरह गोपीगंज में गणेश मंदिर सड़क पर करीब चार खंभे जर्जर दिखे। खमरिया में वार्ड नंबर 14 मुख्य बाजार, ज्ञानपुर में पुरानी बाजार, बड़ा डीह, नई बाजार मथुरापुर राजमार्ग, वार्ड नंबर 9, सुरियावां वार्ड नंबर 12 शहीद नगर के अलावा ग्रामीण इलाकों में कुरमैचा, भुर्रा, कुसौड़ा, चौरी, मानिकपुर समेत कई गांवों में जर्जर खंभे खड़े दिखे। अगर इन इलाकों की आबादी को देखा जाए तो करीब 70 से 80 हजार लोग हर दिन खतरे के बीच रहने को विवश हैं।
सघन आबादी वाले प्रमुख इलाके
केस एक : खमरिया में वार्ड नंबर चार मुख्य बाजार में कई सालों से जर्जर खंभा है। बीच बाजार में खड़े इस खंभे को हटाने के लिए कई बार पत्र लिखे गए, लेकिन नहीं हटाया गया। यहां हर दिन छह से सात हजार लोग आते-जाते रहते हैं।
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केस दो : घोसिया में नगर पंचायत कार्यालय के पास ही खंभा जर्जर है। राजमार्ग के सर्विसलेन का बाजार होने से यहां शाम के समय आठ से दस हजार लोग जुटते हैं। किसी दिन भी हादसा हो सकता है।
केस तीन : गोपीगंज बड़ा गणेश मार्ग से हर दिन चार हजार लोग आते-जाते हैं। इस मार्ग पर कई खंभे जर्जर हैं। अगर दुरुस्त नहीं हुए तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
कई बार ढह चुके हैं खंभे
जिले में जर्जर खंभे कई बार ढह चुके हैं। बीते 13 मई को आई आंधी में जिले भर में 87 खंभे ढह गए। हालांकि यह खंभे गांवों में अधिक थे। वहीं बीते साल नवंबर में गोपीगंज के खड़हट्टी मोहाल में जर्जर खंभा एक घर पर जा गिरा। इसी तरह ज्ञानपुर में शीतल पाल तिराहे पास बीते साल बारिश में हाईटेंशन तार से जुड़ा खंभा गिरकर एक मकान पर जा टिका।
गणेश मंदिर मार्ग पर लगे खंभे के लिए कई बार विभाग से शिकायत की गई है, लेकिन अब तक इसे हटाया नहीं गया है। अगर खंभा किसी दिन गिरा तो बड़ा हादसा हो सकता है। - प्रमोद कुमार, गोपीगंज।
घोसिया में प्राथमिक विद्यालय के पास ही खंभा जर्जर है। नगर पंचायत और बिजली निगम दोनों से शिकायत किया जा चुका है, लेकिन खंभा बदला नहीं गया। - सत्या, वार्ड छह घोसिया।
जामा मस्जिद के पास स्थित जर्जर खंभे को बदलने के लिए कई बार नगर पंचायत में शिकायत की। मस्जिद के कारण बड़ी संख्या में लोग इधर से आते हैं। कभी भी हादसा हो सकता है। - सलीम, वार्ड 10, घोसिया।
खमरिया के मुख्य बाजार में जर्जर खंभा खड़ा है। पास में कई व्यापारियों की दुकान है, लोग भी आते हैं। अगर किसी दिन बड़ा हादसा होगा तो इसका दोषी कौन होगा। - राजीव मोदनवाल, वार्ड 14, खमरिया।
इनमें सबसे बड़ी समस्या बिजली के जर्जर खंभे बने हैं। सोमवार को पड़ताल में जिलेभर में जर्जर खंभों की हकीकत को देखा। जहां घोसिया जैसी सघन आबादी वाले इलाके में सदर सड़क, वार्ड नंबर छह, शहीद बाबा मजार के पास, जामा मस्जिद के पास, वार्ड नंबर एक में जर्जर खंभे दिखे। इसी तरह गोपीगंज में गणेश मंदिर सड़क पर करीब चार खंभे जर्जर दिखे। खमरिया में वार्ड नंबर 14 मुख्य बाजार, ज्ञानपुर में पुरानी बाजार, बड़ा डीह, नई बाजार मथुरापुर राजमार्ग, वार्ड नंबर 9, सुरियावां वार्ड नंबर 12 शहीद नगर के अलावा ग्रामीण इलाकों में कुरमैचा, भुर्रा, कुसौड़ा, चौरी, मानिकपुर समेत कई गांवों में जर्जर खंभे खड़े दिखे। अगर इन इलाकों की आबादी को देखा जाए तो करीब 70 से 80 हजार लोग हर दिन खतरे के बीच रहने को विवश हैं।
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सघन आबादी वाले प्रमुख इलाके
केस एक : खमरिया में वार्ड नंबर चार मुख्य बाजार में कई सालों से जर्जर खंभा है। बीच बाजार में खड़े इस खंभे को हटाने के लिए कई बार पत्र लिखे गए, लेकिन नहीं हटाया गया। यहां हर दिन छह से सात हजार लोग आते-जाते रहते हैं।
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केस दो : घोसिया में नगर पंचायत कार्यालय के पास ही खंभा जर्जर है। राजमार्ग के सर्विसलेन का बाजार होने से यहां शाम के समय आठ से दस हजार लोग जुटते हैं। किसी दिन भी हादसा हो सकता है।
केस तीन : गोपीगंज बड़ा गणेश मार्ग से हर दिन चार हजार लोग आते-जाते हैं। इस मार्ग पर कई खंभे जर्जर हैं। अगर दुरुस्त नहीं हुए तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
कई बार ढह चुके हैं खंभे
जिले में जर्जर खंभे कई बार ढह चुके हैं। बीते 13 मई को आई आंधी में जिले भर में 87 खंभे ढह गए। हालांकि यह खंभे गांवों में अधिक थे। वहीं बीते साल नवंबर में गोपीगंज के खड़हट्टी मोहाल में जर्जर खंभा एक घर पर जा गिरा। इसी तरह ज्ञानपुर में शीतल पाल तिराहे पास बीते साल बारिश में हाईटेंशन तार से जुड़ा खंभा गिरकर एक मकान पर जा टिका।
गणेश मंदिर मार्ग पर लगे खंभे के लिए कई बार विभाग से शिकायत की गई है, लेकिन अब तक इसे हटाया नहीं गया है। अगर खंभा किसी दिन गिरा तो बड़ा हादसा हो सकता है। - प्रमोद कुमार, गोपीगंज।
घोसिया में प्राथमिक विद्यालय के पास ही खंभा जर्जर है। नगर पंचायत और बिजली निगम दोनों से शिकायत किया जा चुका है, लेकिन खंभा बदला नहीं गया। - सत्या, वार्ड छह घोसिया।
जामा मस्जिद के पास स्थित जर्जर खंभे को बदलने के लिए कई बार नगर पंचायत में शिकायत की। मस्जिद के कारण बड़ी संख्या में लोग इधर से आते हैं। कभी भी हादसा हो सकता है। - सलीम, वार्ड 10, घोसिया।
खमरिया के मुख्य बाजार में जर्जर खंभा खड़ा है। पास में कई व्यापारियों की दुकान है, लोग भी आते हैं। अगर किसी दिन बड़ा हादसा होगा तो इसका दोषी कौन होगा। - राजीव मोदनवाल, वार्ड 14, खमरिया।