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Bhadohi News: अब क्यूआर कोड बताएगा बीज की गुणवत्ता
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ज्ञानपुर। अब दुकानदार किसानों को नकली बीज नहीं दे सकेंगे। सरकारी और निजी बीज थैलियों पर अप्रैल से क्यूआर प्रिंट रहेगा। इसे स्कैन करके किसान जान सकेंगे कि किस बीज को वह खरीद रहे हैं, वह जांच की कितनी प्रक्रिया से गुजर चुका है। साथ ही साथी एप भी लांच किया जाएगा। नई व्यवस्था अप्रैल से लागू होगी। इससे किसान जान सकेंगे की जो बीज खरीद रहे हैं वह असली है या नकली।
जिले में दो लाख से अधिक किसान पंजीकृत हैं। रबी और खरीफ सीजन में बोआई के लिए किसान धान, गेहूं, मटर, चना समेत अन्य फसलों का बीज खरीदते हैं। सरकार की ओर से अनुदानित बीज कम मात्रा में मिलती है, जिससे किसानों को निजी दुकानों से खरीदना पड़ता है। नकली बीज की बिक्री पर रोक लगाने के लिए कृषि विभाग की टीम की तरफ से जांच की जाती है, लेकिन तब भी निजी दुकानदार किसानों को निम्न गुणवत्ता वाले बीज की थैली पकड़ा देते हैं। बीज खरीद में पारदर्शिता लाने और अवैध कारोबार पर प्रतिबंध लगाने के लिए कृषि विभाग नई व्यवस्था आरंभ करने जा रहा। इस पहल के तहत अब बाजार में मिलने वाली सरकारी और निजी कंपनियों की हर बीज थैली पर क्यूआर कोड अंकित रहेगा। नई व्यवस्था में अप्रैल माह से किसान मोबाइल से कोड स्कैन करते ही बीज की गुणवत्ता, जांच प्रक्रिया, उत्पादन एजेंसी, प्रमाणीकरण समेत पूरी जानकारी बीज लेते समय ही देख सकेंगे। विभाग का दावा है कि इससे किसानों को सही बीज चुनने में सहूलियत मिलेगी और अप्रमाणिक बीज की बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगेगा।
कृषि निदेशालय के निर्देश पर जनपद स्तर से डाटा जुटाया जा रहा। इसमें बीज उत्पादक संस्थाओं, एफपीओ, कृषि विज्ञान केंद्र, बीज कंपनियों, लाइसेंस धारक थोक कारोबारियों व फुटकर विक्रेताओं से विवरण एकत्र किया जाएगा। यह डाटा राज्य कृषि निदेशालय को भेजा जाएगा और साथी (सीड आथेंटिकेशन, ट्रेसबिलिटी एंड होलिस्टिक इन्वेंट्री) पोर्टल पर फीड होगा। जिला कृषि अधिकारी इरम मिर्जा ने कहा कि नई व्यवस्था शुरू होने से किसानों को सही बीज लेने में आसानी होगी। अप्रैल से ही इसको प्रभावी कर दिया जाएगा।
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जिले में दो लाख से अधिक किसान पंजीकृत हैं। रबी और खरीफ सीजन में बोआई के लिए किसान धान, गेहूं, मटर, चना समेत अन्य फसलों का बीज खरीदते हैं। सरकार की ओर से अनुदानित बीज कम मात्रा में मिलती है, जिससे किसानों को निजी दुकानों से खरीदना पड़ता है। नकली बीज की बिक्री पर रोक लगाने के लिए कृषि विभाग की टीम की तरफ से जांच की जाती है, लेकिन तब भी निजी दुकानदार किसानों को निम्न गुणवत्ता वाले बीज की थैली पकड़ा देते हैं। बीज खरीद में पारदर्शिता लाने और अवैध कारोबार पर प्रतिबंध लगाने के लिए कृषि विभाग नई व्यवस्था आरंभ करने जा रहा। इस पहल के तहत अब बाजार में मिलने वाली सरकारी और निजी कंपनियों की हर बीज थैली पर क्यूआर कोड अंकित रहेगा। नई व्यवस्था में अप्रैल माह से किसान मोबाइल से कोड स्कैन करते ही बीज की गुणवत्ता, जांच प्रक्रिया, उत्पादन एजेंसी, प्रमाणीकरण समेत पूरी जानकारी बीज लेते समय ही देख सकेंगे। विभाग का दावा है कि इससे किसानों को सही बीज चुनने में सहूलियत मिलेगी और अप्रमाणिक बीज की बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगेगा।
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कृषि निदेशालय के निर्देश पर जनपद स्तर से डाटा जुटाया जा रहा। इसमें बीज उत्पादक संस्थाओं, एफपीओ, कृषि विज्ञान केंद्र, बीज कंपनियों, लाइसेंस धारक थोक कारोबारियों व फुटकर विक्रेताओं से विवरण एकत्र किया जाएगा। यह डाटा राज्य कृषि निदेशालय को भेजा जाएगा और साथी (सीड आथेंटिकेशन, ट्रेसबिलिटी एंड होलिस्टिक इन्वेंट्री) पोर्टल पर फीड होगा। जिला कृषि अधिकारी इरम मिर्जा ने कहा कि नई व्यवस्था शुरू होने से किसानों को सही बीज लेने में आसानी होगी। अप्रैल से ही इसको प्रभावी कर दिया जाएगा।
