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Bhadohi News: पति से अलग रह रही विवाहिता को हर महीने भरण-पोषण देने का आदेश
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ज्ञानपुर। परिवार न्यायालय के न्यायाधीश रत्नेश मणि त्रिपाठी ने पति से अलग रही विवाहिता की याचिका पर सुनवाई करते हुए पति को प्रति महीने आठ हजार रुपये भरण पोषण देने का आदेश दिया।
सुल्तानपुर के भदैया निवासी दीपमाला ने परिवार न्यायालय में शिकायत दर्ज कराई थी कि 22 साल पहले उनकी शादी छोटाडीह ज्ञानुपर निवासी संतोष रावत से हुई थी। आरोप लगाया कि शादी के बाद से ससुराल पक्ष के लोग दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे। इस बीच उन्हें एक बेटी भी हुई। जिसकी उम्र अब 20 साल हो गई है। उसकी पढ़ाई के खर्च मायके वाले ही देते हैं। विपक्षी की ओर से उसके व उसकी बेटी के भरण पोषण के लिए खर्च नहीं दिया जाता है।
मामले की सुनवाई करते हुए न्यायाधीश रत्नेश मणि त्रिपाठी ने विवाहिता के पति संतोष को हर महीने विवाहिता के खर्च के लिए पांच हजार और उसके बेटी के खर्च के लिए तीन हजार रुपये देने के आदेश दिए। कोर्ट ने हर महीने 10 तारीख के पहले भरण पोषण की धनराशि देने का आदेश दिया।
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सुल्तानपुर के भदैया निवासी दीपमाला ने परिवार न्यायालय में शिकायत दर्ज कराई थी कि 22 साल पहले उनकी शादी छोटाडीह ज्ञानुपर निवासी संतोष रावत से हुई थी। आरोप लगाया कि शादी के बाद से ससुराल पक्ष के लोग दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे। इस बीच उन्हें एक बेटी भी हुई। जिसकी उम्र अब 20 साल हो गई है। उसकी पढ़ाई के खर्च मायके वाले ही देते हैं। विपक्षी की ओर से उसके व उसकी बेटी के भरण पोषण के लिए खर्च नहीं दिया जाता है।
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मामले की सुनवाई करते हुए न्यायाधीश रत्नेश मणि त्रिपाठी ने विवाहिता के पति संतोष को हर महीने विवाहिता के खर्च के लिए पांच हजार और उसके बेटी के खर्च के लिए तीन हजार रुपये देने के आदेश दिए। कोर्ट ने हर महीने 10 तारीख के पहले भरण पोषण की धनराशि देने का आदेश दिया।