UP News: इकलौते भाई की लाश देख चित्कार पड़ी तीन बहनें, मां बेहोश; दर्दनाक हादसे से सहमे लोग
Bhadohi News: गंगा में डूबने से युवक की माैत की जानकारी मिलते ही माैके पर औराई कोतवाली की पुलिस भी पहुंच गई। स्थानीय लोगों से जानकारी लेने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
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UP News: औराई कोतवाली क्षेत्र के जेठूपुर गांव में बृहस्पतिवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। गांव निवासी श्यामसुंदर मिश्रा का 14 वर्षीय पुत्र मृदुल मिश्रा गंगा में नहाते समय डूब गया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया, वहीं गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृदुल मिश्रा बृहस्पतिवार की सुबह करीब आठ बजे अपने एक मित्र के साथ मिर्जापुर जनपद के थाना चील्ह क्षेत्र स्थित भोगांव घाट पर गंगा स्नान करने गया था। बताया जा रहा है कि नहाते समय वह अचानक गहरे पानी में चला गया और खुद को संभाल नहीं सका। देखते ही देखते वह पानी में डूबने लगा। उसके साथ मौजूद साथी ने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे और उसे बचाने का प्रयास शुरू किया।
स्थानीय लोगों ने तत्काल जाल की मदद से किशोर को बाहर निकालने की कोशिश की। काफी मशक्कत के बाद उसे गंगा से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उसे जीवित नहीं किया जा सका।
परिजनों में मचा कोहराम
घटना की सूचना मिलते ही परिजन भी मौके पर पहुंच गए। बेटे की हालत देखकर मां और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मृदुल तीन बहनों का इकलौता भाई था। उसकी मां और बहनें (नेहा, कृतिका और हर्षिता) भाई को खोने के सदमे में बार-बार बेहोश हो जा रही थीं। परिवार के इस इकलौते चिराग के बुझने से पूरे घर में मातम पसरा हुआ है।
मृदुल मिश्रा घोसिया स्थित एक कान्वेंट स्कूल में कक्षा आठ का छात्र था और पढ़ाई में भी अच्छा बताया जा रहा है। उसके असमय निधन से स्कूल और गांव के लोगों में भी गहरा दुख है।
घटना की जानकारी मिलते ही थाना चील्ह की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस आगे की आवश्यक कार्रवाई में जुटी हुई है। नवरात्रि के पहले ही दिन हुए इस हृदयविदारक हादसे ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया है। हर किसी की जुबान पर यही सवाल है कि आखिर इतनी छोटी सी लापरवाही ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां क्यों छीन लीं?