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Bhadohi News: हिंदी में सबसे ज्यादा और कृषि में कम परीक्षार्थी रहे अनुपस्थित
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ज्ञानपुर। यूपी बोर्ड परीक्षा बृहस्पतिवार को समाप्त हो गई। बृहस्पतिवार को हाईस्कूल की कृषि और इंटर की कंप्यूटर विषय की परीक्षा रही। इस बार सबसे ज्यादा हिंदी और सबसे कम कृषि में परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।
पहली बार परीक्षा में एक भी परीक्षार्थी अनुचित साधन के साथ नहीं पकड़ा गया है। जिले में बोर्ड परीक्षा के लिए कुल 94 केंद्र बनाए गए थे। बोर्ड परीक्षा 18 फरवरी से शुरू हुई। पहले दिन हिंदी की परीक्षा आयोजित की गई। बृहस्पतिवार को अंतिम दिन हाईस्कूल कृषि में पंजीकृत 75 में दो और इंटरमीडिएट के कंप्यूटर में पंजीकृत 140 में छह अनुपस्थित रहे।
यूपी बोर्ड परीक्षा कराने के लिए जिले को तीन जोन और 12 सेक्टरों में बांटा गया था। इसके लिए तीनों एसडीएम को जोनल और 12 जिलास्तरीय अधिकारियों को सेक्टर मजिस्ट्रेट बनाया गया था। 94 केंद्रों पर चलने वाली परीक्षा पर नजर रखने के लिए 1734 कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी।
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में 55 हजार 688 परीक्षार्थी पंजीकृत रहे। इसके अलावा 94 स्टैटिक मजिस्ट्रेट और 94 अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापकों की तैनाती भी की गई थी। परीक्षा पर नजर रखने के लिए कलेक्ट्रेट के एनआईसी कक्ष में जिला स्तरीय कंट्रोल रूम बना था। इसके अलावा डीआईओएस, बेसिक शिक्षा अधिकारी, लेखाधिकारी, डायट प्राचार्य, डायट प्रवक्ता समेत कुल छह सचल दस्ते बनाए गए थे।
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पहली बार परीक्षा में एक भी परीक्षार्थी अनुचित साधन के साथ नहीं पकड़ा गया है। जिले में बोर्ड परीक्षा के लिए कुल 94 केंद्र बनाए गए थे। बोर्ड परीक्षा 18 फरवरी से शुरू हुई। पहले दिन हिंदी की परीक्षा आयोजित की गई। बृहस्पतिवार को अंतिम दिन हाईस्कूल कृषि में पंजीकृत 75 में दो और इंटरमीडिएट के कंप्यूटर में पंजीकृत 140 में छह अनुपस्थित रहे।
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यूपी बोर्ड परीक्षा कराने के लिए जिले को तीन जोन और 12 सेक्टरों में बांटा गया था। इसके लिए तीनों एसडीएम को जोनल और 12 जिलास्तरीय अधिकारियों को सेक्टर मजिस्ट्रेट बनाया गया था। 94 केंद्रों पर चलने वाली परीक्षा पर नजर रखने के लिए 1734 कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी।
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में 55 हजार 688 परीक्षार्थी पंजीकृत रहे। इसके अलावा 94 स्टैटिक मजिस्ट्रेट और 94 अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापकों की तैनाती भी की गई थी। परीक्षा पर नजर रखने के लिए कलेक्ट्रेट के एनआईसी कक्ष में जिला स्तरीय कंट्रोल रूम बना था। इसके अलावा डीआईओएस, बेसिक शिक्षा अधिकारी, लेखाधिकारी, डायट प्राचार्य, डायट प्रवक्ता समेत कुल छह सचल दस्ते बनाए गए थे।