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Bijnor News: आजीविका मिशन से जुड़ेंगी 21 हजार मनरेगा जॉब कार्डधारक महिलाएं
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सतीश शर्मा
धामपुर। बीपीएल राशन कार्ड एवं मनरेगा योजना के अंतर्गत सभी जॉब कार्ड धारक महिलाओं को मिशन से जोड़ा जाएगा। सरकार की मंशा है कि ऐसी महिलाओं को आर्थिक रूप से कमजोर मानकर समूहों में शामिल किया जाए, जिससे सरकार की ओर से समूहों को मिलने वाली धनराशि से इन्हें आर्थिक रूप से मजबूत किया जाए। सरकार के आदेश पर अधिकारियों ने ऐसी सभी महिलाओं को समूहों में जोड़ने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। अप्रैल माह के अंत तक नहटौर ब्लॉक में 21,000 महिलाओं को जोड़ने का लक्ष्य है। अभी तक करीब 11 सौ महिलाओं को जोड़ा जा चुका है।
उत्तर प्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन के प्रभारी सहायक विकास अधिकारी आईएसबी दीन दयाल सिंह ने बताया कि ब्लॉक में अब ऐसी कोई भी महिला आजीविका मिशन द्वारा संचालित समूहों में शामिल होने से वंचित नहीं रह पाएगी, जिसके पास बीपीएल राशन कार्ड और मनरेगा योजना के अंतर्गत उनके जॉब कार्ड बने हुए हैं। सरकार द्वारा ऐसी सभी महिलाओं को आर्थिक रूप से कमजोर मानते हुए उन्हें समूहों में शामिल करने का आदेश दिया गया है। महिलाओं के समूहों में शामिल होने पर उन्हें सरकार द्वारा समूहों को मिलने वाली आर्थिक धनराशि से लाभान्वित कराया जाएगा। ऐसा होने से यह महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होंगी और कोई ना कोई रोजगार कर देश की तरक्की में योगदान दे सकेंगी।
96 पंचायतों के 196 गांवों में संचालित हैं 1700 समूह
सहायक विकास अधिकारी का कहना है कि नहटौर ब्लॉक में कुल 96 ग्राम पंचायतों में 196 गांव शामिल हैं। इन सभी गांवों में लगभग 1700 आजीविका मिशन के अंतर्गत समूह संचालित हैं। 18000 से अधिक महिलाएं समूहों में शामिल होकर विभिन्न क्षेत्र में रोजगार कर देश की तरक्की में योगदान दे रही है।
11 हजार महिलाओं के पास बीपीएल और 16 हजार के पास हैं मनरेगा जॉब कार्ड
अधिकारियों का कहना है कि नहटौर ब्लॉक क्षेत्र में 11 हजार महिलाओं के पास बीपीएल राशन कार्ड और 16 हजार से अधिक महिलाओं के पास मनरेगा योजना के अंतर्गत जॉब कार्ड हैं। लेकिन यह महिलाएं अभी मिशन के अंतर्गत समूहों में शामिल नहीं हैं। इन सभी महिलाओं को शामिल करने के लिए प्रयास शुरू कर दिए गए है। 11 सौ महिलाएं अब तक शामिल हो चुकी हैं। 21 हजार महिलाओं को शामिल करने का अप्रैल माह के अंत तक लक्ष्य है।
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धामपुर। बीपीएल राशन कार्ड एवं मनरेगा योजना के अंतर्गत सभी जॉब कार्ड धारक महिलाओं को मिशन से जोड़ा जाएगा। सरकार की मंशा है कि ऐसी महिलाओं को आर्थिक रूप से कमजोर मानकर समूहों में शामिल किया जाए, जिससे सरकार की ओर से समूहों को मिलने वाली धनराशि से इन्हें आर्थिक रूप से मजबूत किया जाए। सरकार के आदेश पर अधिकारियों ने ऐसी सभी महिलाओं को समूहों में जोड़ने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। अप्रैल माह के अंत तक नहटौर ब्लॉक में 21,000 महिलाओं को जोड़ने का लक्ष्य है। अभी तक करीब 11 सौ महिलाओं को जोड़ा जा चुका है।
उत्तर प्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन के प्रभारी सहायक विकास अधिकारी आईएसबी दीन दयाल सिंह ने बताया कि ब्लॉक में अब ऐसी कोई भी महिला आजीविका मिशन द्वारा संचालित समूहों में शामिल होने से वंचित नहीं रह पाएगी, जिसके पास बीपीएल राशन कार्ड और मनरेगा योजना के अंतर्गत उनके जॉब कार्ड बने हुए हैं। सरकार द्वारा ऐसी सभी महिलाओं को आर्थिक रूप से कमजोर मानते हुए उन्हें समूहों में शामिल करने का आदेश दिया गया है। महिलाओं के समूहों में शामिल होने पर उन्हें सरकार द्वारा समूहों को मिलने वाली आर्थिक धनराशि से लाभान्वित कराया जाएगा। ऐसा होने से यह महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होंगी और कोई ना कोई रोजगार कर देश की तरक्की में योगदान दे सकेंगी।
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96 पंचायतों के 196 गांवों में संचालित हैं 1700 समूह
सहायक विकास अधिकारी का कहना है कि नहटौर ब्लॉक में कुल 96 ग्राम पंचायतों में 196 गांव शामिल हैं। इन सभी गांवों में लगभग 1700 आजीविका मिशन के अंतर्गत समूह संचालित हैं। 18000 से अधिक महिलाएं समूहों में शामिल होकर विभिन्न क्षेत्र में रोजगार कर देश की तरक्की में योगदान दे रही है।
11 हजार महिलाओं के पास बीपीएल और 16 हजार के पास हैं मनरेगा जॉब कार्ड
अधिकारियों का कहना है कि नहटौर ब्लॉक क्षेत्र में 11 हजार महिलाओं के पास बीपीएल राशन कार्ड और 16 हजार से अधिक महिलाओं के पास मनरेगा योजना के अंतर्गत जॉब कार्ड हैं। लेकिन यह महिलाएं अभी मिशन के अंतर्गत समूहों में शामिल नहीं हैं। इन सभी महिलाओं को शामिल करने के लिए प्रयास शुरू कर दिए गए है। 11 सौ महिलाएं अब तक शामिल हो चुकी हैं। 21 हजार महिलाओं को शामिल करने का अप्रैल माह के अंत तक लक्ष्य है।