{"_id":"69dbecdf2fc19fe0a107f5b7","slug":"the-road-was-blocked-in-chandpur-to-see-asha-bhosle-bijnor-news-c-27-1-bij1007-176845-2026-04-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bijnor News: आशा भोसले को देखने के लिए चांदपुर में कर दी थी सड़क जाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bijnor News: आशा भोसले को देखने के लिए चांदपुर में कर दी थी सड़क जाम
विज्ञापन
विज्ञापन
विवेक गुप्ता
कोतवाली देहात/बिजनौर। प्रसिद्ध गायिका आशा भोसले का 92 वर्ष की आयु में मुंबई में निधन हो गया। वे सत्तर के दशक में दो बार चांदपुर में आईं थीं। एक बार प्रशंसकों ने उन्हें देखने के लिए सड़क जाम कर दी थी तब उन्होंने गाड़ी से निकलकर सभी का अभिवादन स्वीकार किया था।
चांदपुर निवासी नईम परवेज बताते हैं कि मोहल्ला कटारमल निकट बाजार ढाली निवासी गोपाल शर्मा रेडियो के बड़े उद्घोषकों में से एक थे। उनके परिवार में एक नामकरण कार्यक्रम में आशा भोसले चांदपुर आईं थीं। उनकी मुलाकात आशा भोसले से हुई थी। दूसरी बार भी आशा भोसले गोपाल शर्मा के घर पर ही आईं थीं।
इस दौरान शहर भर में उनके आने की खबर फैल गई थी। स्टेशन रोड पर महिला अस्पताल के पास स्थित चाय की दुकान वालों ने अपनी दुकानों की कुर्सियां निकालकर सड़क पर रख दीं थीं। जब आशा भोसले की गाड़ी स्टेशन रोड पर पहुंची तो उन्होंने गाड़ी से निकलकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया था। तब जाकर लोगों ने सड़क खाली की थी। नईम परवेज बताते हैं कि आशा भोसले बेहद मृदुभाषी थीं और चांदपुर में वह बेहद शालीनता के साथ लोगों से मिलीं थीं।
Trending Videos
कोतवाली देहात/बिजनौर। प्रसिद्ध गायिका आशा भोसले का 92 वर्ष की आयु में मुंबई में निधन हो गया। वे सत्तर के दशक में दो बार चांदपुर में आईं थीं। एक बार प्रशंसकों ने उन्हें देखने के लिए सड़क जाम कर दी थी तब उन्होंने गाड़ी से निकलकर सभी का अभिवादन स्वीकार किया था।
चांदपुर निवासी नईम परवेज बताते हैं कि मोहल्ला कटारमल निकट बाजार ढाली निवासी गोपाल शर्मा रेडियो के बड़े उद्घोषकों में से एक थे। उनके परिवार में एक नामकरण कार्यक्रम में आशा भोसले चांदपुर आईं थीं। उनकी मुलाकात आशा भोसले से हुई थी। दूसरी बार भी आशा भोसले गोपाल शर्मा के घर पर ही आईं थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस दौरान शहर भर में उनके आने की खबर फैल गई थी। स्टेशन रोड पर महिला अस्पताल के पास स्थित चाय की दुकान वालों ने अपनी दुकानों की कुर्सियां निकालकर सड़क पर रख दीं थीं। जब आशा भोसले की गाड़ी स्टेशन रोड पर पहुंची तो उन्होंने गाड़ी से निकलकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया था। तब जाकर लोगों ने सड़क खाली की थी। नईम परवेज बताते हैं कि आशा भोसले बेहद मृदुभाषी थीं और चांदपुर में वह बेहद शालीनता के साथ लोगों से मिलीं थीं।