{"_id":"69cd676e07522647f90c2b24","slug":"along-with-amangarh-tigers-are-also-seen-roaming-in-sahuwala-bijnor-news-c-27-1-smrt1004-175928-2026-04-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bijnor News: अमानगढ़ के साथ साहूवाला में भी बाघों की चहलकदमी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bijnor News: अमानगढ़ के साथ साहूवाला में भी बाघों की चहलकदमी
विज्ञापन
विज्ञापन
बिजनौर। जिले में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ा है, जहां बाघों की गणना का तीसरा चरण शुरू हो गया है। इस चरण के तहत, अमानगढ़ और नजीबाबाद डिवीज़न में कुल 130 ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों के माध्यम से बाघों की आबादी का सटीक अनुमान लगाने का प्रयास किया जाएगा।
यह गणना वन्यजीवों, विशेषकर बाघों के संरक्षण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। ट्रैप कैमरों से प्राप्त तस्वीरों का विश्लेषण भारतीय वन्यजीव संस्थान द्वारा किया जाएगा, जो इस अध्ययन की वैज्ञानिक प्रामाणिकता को सुनिश्चित करेगा। डब्ल्यूआईआई कैमरों में कैद हुई तस्वीरों का गहनता से अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट जारी करेगा। यह रिपोर्ट बाघों की वर्तमान स्थिति, उनकी आबादी के घनत्व और उनके आवास की गुणवत्ता को समझने में सहायक होगी। पहले चरण में अमानगढ़ में 90 ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। वहीं नजीबाबाद डिवजीन में 40 ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं।
अमानगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में बाघों की उपस्थिति
अमानगढ़ टाइगर रिजर्व, जो अपनी समृद्ध जैव विविधता के लिए जाना जाता है, बाघों के लिए एक महत्वपूर्ण आवास स्थल है। पिछली गणना के अनुसार, अमानगढ़ में लगभग 32 बाघों के होने का अनुमान लगाया गया था। इसके अतिरिक्त, साहूवाला रेंज में भी बाघों की उपस्थिति देखी गई है, जो इस क्षेत्र की वन्यजीव विविधता को दर्शाता है। नजीबाबाद डिवीज़न में भी बाघों की अनुमानित संख्या 06 बताई गई है। यह जानकारी इन क्षेत्रों में बाघों के संरक्षण के प्रयासों को और अधिक केंद्रित करने में मदद करेगी।
अभी गणना चल रही है। तीसरा चरण शुरू हो चुका है। पीलीभीत से भी ट्रैप कैमरे मंगाए गए हैं। डब्ल्यूआईआई ही इन कैमरे के रिकॉर्ड से डाटा जारी करेगा। -अंशुमान मित्तल, एसडीओ वन विभाग
Trending Videos
यह गणना वन्यजीवों, विशेषकर बाघों के संरक्षण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। ट्रैप कैमरों से प्राप्त तस्वीरों का विश्लेषण भारतीय वन्यजीव संस्थान द्वारा किया जाएगा, जो इस अध्ययन की वैज्ञानिक प्रामाणिकता को सुनिश्चित करेगा। डब्ल्यूआईआई कैमरों में कैद हुई तस्वीरों का गहनता से अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट जारी करेगा। यह रिपोर्ट बाघों की वर्तमान स्थिति, उनकी आबादी के घनत्व और उनके आवास की गुणवत्ता को समझने में सहायक होगी। पहले चरण में अमानगढ़ में 90 ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। वहीं नजीबाबाद डिवजीन में 40 ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमानगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में बाघों की उपस्थिति
अमानगढ़ टाइगर रिजर्व, जो अपनी समृद्ध जैव विविधता के लिए जाना जाता है, बाघों के लिए एक महत्वपूर्ण आवास स्थल है। पिछली गणना के अनुसार, अमानगढ़ में लगभग 32 बाघों के होने का अनुमान लगाया गया था। इसके अतिरिक्त, साहूवाला रेंज में भी बाघों की उपस्थिति देखी गई है, जो इस क्षेत्र की वन्यजीव विविधता को दर्शाता है। नजीबाबाद डिवीज़न में भी बाघों की अनुमानित संख्या 06 बताई गई है। यह जानकारी इन क्षेत्रों में बाघों के संरक्षण के प्रयासों को और अधिक केंद्रित करने में मदद करेगी।
अभी गणना चल रही है। तीसरा चरण शुरू हो चुका है। पीलीभीत से भी ट्रैप कैमरे मंगाए गए हैं। डब्ल्यूआईआई ही इन कैमरे के रिकॉर्ड से डाटा जारी करेगा। -अंशुमान मित्तल, एसडीओ वन विभाग