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Bijnor News: सड़क बनाने वाले ठेकेदार से खरीद लिए कंप्यूटर
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अमन कुमार शर्मा
बिजनौर। नजीबाबाद ब्लॉक की ग्राम पंचायत जसवंतपुर में नजीबाबाद ब्लॉक की ग्राम पंचायत जसवंतपुर में सड़क बनाने वाले ठेकेदार से कंप्यूटर खरीद कर भुगतान कर दिया गया। जबकि बर्तन खरीदने के नाम पर हाथ से लिखी पर्ची के आधार पर ग्राम प्रधान के खाते में रकम भेज दी गई। ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर भुगतान की पड़ताल में अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। ऐसे में सरकारी धन से खरीदारी और भुगतान की प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्राम पंचायत जसवंतपुर में दिसंबर 2026 में प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय के लिए छह कंप्यूटर और तकनीकी सामान खरीदा गया। इसके लिए संस्था सुबराती ठेकेदार सिविल सप्लायर को 99509 का भुगतान किया गया। बिल पर ठेकेदार की मोहर तक नहीं लगी है। साधारण बिल पर ही भुगतान कर दिया गया। इतना ही नहीं, दिसंबर माह में ही सुबराती ठेकेदार सिविल सप्लायर संस्था को लईक के घर से साबिर के घर तक नाला मरम्मत और स्लैब कार्य का 1,26,000 रुपये का भुगतान किया गया। ऐसे में निर्माण कार्य कराने वाली संस्था से ही तकनीकी सामान की खरीदारी करने पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसके अलावा 20 बेंच खरीद का 85,998 रुपये का भुगतान भी इसी संस्था को किया गया।
कहीं और का बिल लगाकर कर दिया भुगतान
ग्राम पंचायत जसवंतपुर में अक्तूबर 2026 में हेवल्स कंपनी की 45 वाट की 27 एलईडी स्ट्रीट लाइट, पाइप, तार, मजदूरी के नाम पर रणवीर कांट्रेक्टर एंड सप्लायर को 91000 रुपये का भुगतान किया गया। कच्चे बिल पर अलग-अलग जगह स्ट्रीट लगाने का बिल लगा दिया। इस पर भुगतान कर दिया है। इस पर ठेकेदार की मोहर तक नहीं लगी है।
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बिना मोहर लगे कच्चे बिलों पर कर दिया लाखों का भुगतान
पंचायत में नियमों को ताक पर रखकर कच्ची पर्ची पर लाखों का भुगतान कर दिया है। बिल पर ठेकेदार की मोहर तक नहीं लगी है। ऐसे में भुगतान प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं। नियमों की अनदेखी कर कच्चे बिलों पर ही भुगतान किया गया है। वहीं, कुछ मामलों में बिल धनराशि और भुगतान में भी भिन्नता दिखाई दे रही है।
हाथ से लिखी पर्ची पर प्रधान के खाते में किया भुगतान
पंचायत में कच्ची पर्ची पर प्रधान के खाते में बर्तन खरीद का भुगतान कर दिया। इसमें सादे कागज पर प्रधान ने 7500 रुपये में थाली, चम्मच, गिलास खरीद दिखाई। इसी पर प्रधान के खाते में भुगतान कर दिया। वेंडर के बजाय सीधे ग्राम प्रधान के खाते में पीएफएमएस ट्रांसफर किया गया है।
जिले के कई पंचायतों में निर्माण कार्य की संस्था से तकनीकी सामान खरीद के मामले पकड़ में आए हैं। फर्म पर कार्रवाई के लिए जीएसटी विभाग के लिए लिखा गया है। साथ ही सचिव का उत्तरदायित्व भी तय किया जाएगा। मामले की जांच कराकर जिम्मेदारों पर कार्रवाई करेंगे। ....डॉ. प्रीतम सिंह, डीपीआरओ, बिजनौर
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बिजनौर। नजीबाबाद ब्लॉक की ग्राम पंचायत जसवंतपुर में नजीबाबाद ब्लॉक की ग्राम पंचायत जसवंतपुर में सड़क बनाने वाले ठेकेदार से कंप्यूटर खरीद कर भुगतान कर दिया गया। जबकि बर्तन खरीदने के नाम पर हाथ से लिखी पर्ची के आधार पर ग्राम प्रधान के खाते में रकम भेज दी गई। ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर भुगतान की पड़ताल में अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। ऐसे में सरकारी धन से खरीदारी और भुगतान की प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्राम पंचायत जसवंतपुर में दिसंबर 2026 में प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय के लिए छह कंप्यूटर और तकनीकी सामान खरीदा गया। इसके लिए संस्था सुबराती ठेकेदार सिविल सप्लायर को 99509 का भुगतान किया गया। बिल पर ठेकेदार की मोहर तक नहीं लगी है। साधारण बिल पर ही भुगतान कर दिया गया। इतना ही नहीं, दिसंबर माह में ही सुबराती ठेकेदार सिविल सप्लायर संस्था को लईक के घर से साबिर के घर तक नाला मरम्मत और स्लैब कार्य का 1,26,000 रुपये का भुगतान किया गया। ऐसे में निर्माण कार्य कराने वाली संस्था से ही तकनीकी सामान की खरीदारी करने पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसके अलावा 20 बेंच खरीद का 85,998 रुपये का भुगतान भी इसी संस्था को किया गया।
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कहीं और का बिल लगाकर कर दिया भुगतान
ग्राम पंचायत जसवंतपुर में अक्तूबर 2026 में हेवल्स कंपनी की 45 वाट की 27 एलईडी स्ट्रीट लाइट, पाइप, तार, मजदूरी के नाम पर रणवीर कांट्रेक्टर एंड सप्लायर को 91000 रुपये का भुगतान किया गया। कच्चे बिल पर अलग-अलग जगह स्ट्रीट लगाने का बिल लगा दिया। इस पर भुगतान कर दिया है। इस पर ठेकेदार की मोहर तक नहीं लगी है।
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बिना मोहर लगे कच्चे बिलों पर कर दिया लाखों का भुगतान
पंचायत में नियमों को ताक पर रखकर कच्ची पर्ची पर लाखों का भुगतान कर दिया है। बिल पर ठेकेदार की मोहर तक नहीं लगी है। ऐसे में भुगतान प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं। नियमों की अनदेखी कर कच्चे बिलों पर ही भुगतान किया गया है। वहीं, कुछ मामलों में बिल धनराशि और भुगतान में भी भिन्नता दिखाई दे रही है।
हाथ से लिखी पर्ची पर प्रधान के खाते में किया भुगतान
पंचायत में कच्ची पर्ची पर प्रधान के खाते में बर्तन खरीद का भुगतान कर दिया। इसमें सादे कागज पर प्रधान ने 7500 रुपये में थाली, चम्मच, गिलास खरीद दिखाई। इसी पर प्रधान के खाते में भुगतान कर दिया। वेंडर के बजाय सीधे ग्राम प्रधान के खाते में पीएफएमएस ट्रांसफर किया गया है।
जिले के कई पंचायतों में निर्माण कार्य की संस्था से तकनीकी सामान खरीद के मामले पकड़ में आए हैं। फर्म पर कार्रवाई के लिए जीएसटी विभाग के लिए लिखा गया है। साथ ही सचिव का उत्तरदायित्व भी तय किया जाएगा। मामले की जांच कराकर जिम्मेदारों पर कार्रवाई करेंगे। ....डॉ. प्रीतम सिंह, डीपीआरओ, बिजनौर