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Bijnor News: ठंड में कान जरूर ढकें, मस्तिष्क और हृदय प्रणाली रहेगी स्वस्थ
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बिजनौर। अक्सर देखने को मिल रहा है लोग ठंड में कान को ऊनी टोपी से नहीं ढकते हैं। इसके प्रभाव शरीर पर पड़ रहा है। सर्दी में कान नहीं ढकने से मस्तिष्क और हृदय प्रणाली प्रभावित हो रही है। मेडिकल अस्पताल में भी इस समस्या के रोजाना 10 मरीज तक पहुंच रहे हैं।
जिले में रात का तापमान 2.4 डिग्री सेल्सियस चल रहा है। अधिकतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। ऐसे में कड़कड़ाती सर्दी से बचाव जरूरी है। सर्दियों और अत्यधिक ठंडी हवा में कानों को बिना ढके रखना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक साबित हो रहा है। मेडिकल अस्पताल की ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. अंशु सिंह ने बताया कि ठंडी हवा सीधे कानों पर पड़ने से कान के बाहरी हिस्से की त्वचा सूख जाती है। इससे खुजली बढ़ती है। साथ ही संक्रमण, दर्द, सूजन का खतरा बढ़ गया है।
इसके अलावा विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों में सर्दी-जुकाम, साइनस और कान के अंदर के संक्रमण (मिडल ईयर इंफेक्शन) की संभावना भी बढ़ गई है। वहीं, ठंडी हवा नाक और गले की सूजन को बढ़ा रही है, जो कान और नाक के बीच की यूस्टेशियन ट्यूब में रुकावट का कारण है। जिसके चलते कान बंद लगना, सुनाई कम देना और दर्द जैसी समस्याएं हो रही हैं। इतना ही नहीं, चेहरे का लकवा एवं कान काला पड़ने जैसी परेशानी भी देखी जाती है। ,
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इसके अलावा विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों में सर्दी-जुकाम, साइनस और कान के अंदर के संक्रमण (मिडल ईयर इंफेक्शन) की संभावना भी बढ़ गई है। वहीं, ठंडी हवा नाक और गले की सूजन को बढ़ा रही है, जो कान और नाक के बीच की यूस्टेशियन ट्यूब में रुकावट का कारण है। जिसके चलते कान बंद लगना, सुनाई कम देना और दर्द जैसी समस्याएं हो रही हैं। इतना ही नहीं, चेहरे का लकवा एवं कान काला पड़ने जैसी परेशानी भी देखी जाती है। ,