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Bijnor News: कमिश्नर ने की सीएमओ समेत अभियंताओं पर कार्रवाई की संस्तुति
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शामली। जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी अस्पतालों में बिना टेंडर के निर्माण कार्य कराए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मामले में अब सहारनपुर मंडल आयुक्त डॉ. रुपेश कुमार ने प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य उत्तर प्रदेश को रिपोर्ट भेज दी है। रिपोर्ट में सीएमओ, अवर अभियंता, सहायक अभियंता समेत संबंधित विभागीय अभियंत्रण इकाई के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
कमिश्नर ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट कहा है कि जांच में कार्यों में अनियमितता सामने आई है और वित्तीय नियमों का पालन नहीं किया गया। उन्होंने शासन स्तर से संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कराने को कहा है।
विधायक की शिकायत पर हुई जांच
मामले की शुरुआत रामपुर मनिहारान विधायक देवेंद्र निम की शिकायत से हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि सीएमओ डॉ. अनिल कुमार ने जिले के स्वास्थ्य उपकेंद्रों में सुधार, विस्तार और नवीनीकरण के नाम पर करीब पांच करोड़ रुपये के कार्य बिना टेंडर के करा दिए।
जिलाधिकारी अरविंद कुमार के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार तिवारी की अध्यक्षता में त्रि-सदस्यीय जांच समिति गठित की गई। समिति में एडीएम सत्येंद्र कुमार, कोषाधिकारी सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।
समिति ने सीएमओ से स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। जांच में विधायक द्वारा लगाए गए आरोप बिंदुवार सही पाए गए।
रिपोर्ट में कहा गया कि सीएमओ द्वारा वित्तीय नियमों की अनदेखी करते हुए शासकीय धन का व्यय किया गया, जो वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है।
जांच में उठे कई सवाल
स्वास्थ्य उपकेंद्रों में कहां-कहां और कौन-कौन से कार्य कराए गए, इसका स्पष्ट विवरण सीएमओ द्वारा उपलब्ध नहीं कराया गया। बिना टेंडर के कार्य कराए जाने के लिए पुराने टेंडर का आधार क्यों लिया गया।
नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया क्यों नहीं अपनाई गई।
नियमानुसार कराए कार्य, सभी सबूत मौजूद
सीएमओ डॉ. अनिल कुमार का कहना है कि सभी कार्य नियमानुसार कराए गए हैं। उन्होंने बताया कि पहले जिस फर्म को कार्य दिया गया था, उसके काम शुरू न करने पर दूसरी फर्म को उसी दर पर कार्य सौंपा गया। उन्होंने किसी भी तरह की गड़बड़ी से इन्कार करते हुए कहा कि सभी साक्ष्य अधिकारियों को सौंप दिए जाएंगे। सभी सुबूत मेरे पास हैं।
कार्रवाई नहीं हुई तो शासन में करेंगे शिकायत
विधायक देवेंद्र निम ने कहा कि अब कमिश्नर की रिपोर्ट में भी अनियमितता की पुष्टि हो चुकी है। यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वह शासन स्तर पर शिकायत करेंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी हालत में पीछे नहीं हटेंगे। हर हाल में कार्रवाई कराई जाएगी।
यह है मामला
जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के कई सरकारी अस्पतालों में मरम्मत कार्य के नाम पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा करीब पांच करोड़ रुपये खर्च किए गए। विधायक देवेंद्र निम ने 27 फरवरी को आरोप लगाया था कि ये कार्य बिना टेंडर के कराए गए। विधानसभा में भी मामले को प्रमुखता से उठाया था। जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार तिवारी की अध्यक्षता में गठित समिति ने जांच की, जिसमें बिना टेंडर के कार्य होने की बात सामने आई। जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान का कहना है कि जांच में सीएमओ द्वारा अनियमितता की बात सामने आई हैं। रिपोर्ट अधिकारियों को भेजी दी गई है।
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कमिश्नर ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट कहा है कि जांच में कार्यों में अनियमितता सामने आई है और वित्तीय नियमों का पालन नहीं किया गया। उन्होंने शासन स्तर से संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कराने को कहा है।
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विधायक की शिकायत पर हुई जांच
मामले की शुरुआत रामपुर मनिहारान विधायक देवेंद्र निम की शिकायत से हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि सीएमओ डॉ. अनिल कुमार ने जिले के स्वास्थ्य उपकेंद्रों में सुधार, विस्तार और नवीनीकरण के नाम पर करीब पांच करोड़ रुपये के कार्य बिना टेंडर के करा दिए।
जिलाधिकारी अरविंद कुमार के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार तिवारी की अध्यक्षता में त्रि-सदस्यीय जांच समिति गठित की गई। समिति में एडीएम सत्येंद्र कुमार, कोषाधिकारी सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।
समिति ने सीएमओ से स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। जांच में विधायक द्वारा लगाए गए आरोप बिंदुवार सही पाए गए।
रिपोर्ट में कहा गया कि सीएमओ द्वारा वित्तीय नियमों की अनदेखी करते हुए शासकीय धन का व्यय किया गया, जो वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है।
जांच में उठे कई सवाल
स्वास्थ्य उपकेंद्रों में कहां-कहां और कौन-कौन से कार्य कराए गए, इसका स्पष्ट विवरण सीएमओ द्वारा उपलब्ध नहीं कराया गया। बिना टेंडर के कार्य कराए जाने के लिए पुराने टेंडर का आधार क्यों लिया गया।
नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया क्यों नहीं अपनाई गई।
नियमानुसार कराए कार्य, सभी सबूत मौजूद
सीएमओ डॉ. अनिल कुमार का कहना है कि सभी कार्य नियमानुसार कराए गए हैं। उन्होंने बताया कि पहले जिस फर्म को कार्य दिया गया था, उसके काम शुरू न करने पर दूसरी फर्म को उसी दर पर कार्य सौंपा गया। उन्होंने किसी भी तरह की गड़बड़ी से इन्कार करते हुए कहा कि सभी साक्ष्य अधिकारियों को सौंप दिए जाएंगे। सभी सुबूत मेरे पास हैं।
कार्रवाई नहीं हुई तो शासन में करेंगे शिकायत
विधायक देवेंद्र निम ने कहा कि अब कमिश्नर की रिपोर्ट में भी अनियमितता की पुष्टि हो चुकी है। यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वह शासन स्तर पर शिकायत करेंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी हालत में पीछे नहीं हटेंगे। हर हाल में कार्रवाई कराई जाएगी।
यह है मामला
जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के कई सरकारी अस्पतालों में मरम्मत कार्य के नाम पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा करीब पांच करोड़ रुपये खर्च किए गए। विधायक देवेंद्र निम ने 27 फरवरी को आरोप लगाया था कि ये कार्य बिना टेंडर के कराए गए। विधानसभा में भी मामले को प्रमुखता से उठाया था। जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार तिवारी की अध्यक्षता में गठित समिति ने जांच की, जिसमें बिना टेंडर के कार्य होने की बात सामने आई। जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान का कहना है कि जांच में सीएमओ द्वारा अनियमितता की बात सामने आई हैं। रिपोर्ट अधिकारियों को भेजी दी गई है।