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Bijnor News: गन्ना उत्पादन बढ़ाने को किसानों को मिलें सुविधाएं
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नगीना। कृषि विज्ञान केंद्र नगीना में बुधवार को आयोजित बैठक में बीते सीजन में गन्ना उत्पादन में आई गिरावट को लेकर मंथन किया गया। गन्ना उत्पादन कम होने के कारणों तथा आगामी सीजन में सुधार के लिए चर्चा की गई। इससे निपटने के लिए किसानों को कुछ सुझाव दिए गए।
बैठक में भाकियू अराजनैतिक के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह ने कहा कि पिछले सीजन में गन्ने की फसल में रेड रॉट व मिली बग जैसी बीमारी और कीट का प्रकोप रहा। अच्छे बीज की कमी, केवल 0238 वैरायटी पर अत्यधिक निर्भरता, सही समय पर सही उपचार की जानकारी न होना, बढ़ती लागत और मजदूरों की समस्या के कारण उत्पादन में भारी गिरावट आई है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो किसान और चीनी उद्योग दोनों संकट में आ जाएंगे।
उन्होंने चीनी मिलों से मांग की कि मजदूरों की समस्या को देखते हुए मशीनीकरण पर सब्सिडी दी जाए तथा किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र बिना ब्याज किस्तों पर उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही चीनी मिलों से निकलने वाली मैली (प्रेसमड) किसानों को निशुल्क उपलब्ध कराई जाए, ताकि खेतों की उर्वरा शक्ति बढ़ाई जा सके। जिला गन्ना अधिकारी प्रभु नारायण सिंह ने सभी चीनी मिलों को निर्देशित करते हुए कहा कि वे अपनी कार्ययोजना बनाकर तुरंत क्षेत्र में उतरें और किसानों तक योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करें। उन्होंने कहा कि मिट्टी बचेगी, तभी किसान बचेगा, इसलिए मिट्टी सुधार पर अधिक से अधिक कार्य करने की आवश्यकता है।
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. केके सिंह और डॉ. पिंटू चौधरी ने किसानों को समय पर सही जानकारी देने पर जोर दिया। उन्होंने बिंदल ग्रुप की चांदपुर शुगर मिल द्वारा किसानों को ढैंचे का मुफ्त बीज उपलब्ध कराने और हरी खाद के लिए प्रोत्साहित करने की सराहना की तथा अन्य शुगर मिलों से भी ऐसी पहल करने का आह्वान किया। बैठक में बेब ग्रुप की चांदपुर और बिजनौर चीनी मिल ने किसानों को तीन वर्ष की ब्याज मुक्त किस्तों पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराने की घोषणा की। बैठक में किसान संगठन की ओर से नितिन कुमार सिरोही, नितेंद्र कुमार, मुकुल त्यागी, राजेंद्र सिंह, राजीव कुमार, आलोक ठाकुर सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
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बैठक में भाकियू अराजनैतिक के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह ने कहा कि पिछले सीजन में गन्ने की फसल में रेड रॉट व मिली बग जैसी बीमारी और कीट का प्रकोप रहा। अच्छे बीज की कमी, केवल 0238 वैरायटी पर अत्यधिक निर्भरता, सही समय पर सही उपचार की जानकारी न होना, बढ़ती लागत और मजदूरों की समस्या के कारण उत्पादन में भारी गिरावट आई है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो किसान और चीनी उद्योग दोनों संकट में आ जाएंगे।
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उन्होंने चीनी मिलों से मांग की कि मजदूरों की समस्या को देखते हुए मशीनीकरण पर सब्सिडी दी जाए तथा किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र बिना ब्याज किस्तों पर उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही चीनी मिलों से निकलने वाली मैली (प्रेसमड) किसानों को निशुल्क उपलब्ध कराई जाए, ताकि खेतों की उर्वरा शक्ति बढ़ाई जा सके। जिला गन्ना अधिकारी प्रभु नारायण सिंह ने सभी चीनी मिलों को निर्देशित करते हुए कहा कि वे अपनी कार्ययोजना बनाकर तुरंत क्षेत्र में उतरें और किसानों तक योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करें। उन्होंने कहा कि मिट्टी बचेगी, तभी किसान बचेगा, इसलिए मिट्टी सुधार पर अधिक से अधिक कार्य करने की आवश्यकता है।
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. केके सिंह और डॉ. पिंटू चौधरी ने किसानों को समय पर सही जानकारी देने पर जोर दिया। उन्होंने बिंदल ग्रुप की चांदपुर शुगर मिल द्वारा किसानों को ढैंचे का मुफ्त बीज उपलब्ध कराने और हरी खाद के लिए प्रोत्साहित करने की सराहना की तथा अन्य शुगर मिलों से भी ऐसी पहल करने का आह्वान किया। बैठक में बेब ग्रुप की चांदपुर और बिजनौर चीनी मिल ने किसानों को तीन वर्ष की ब्याज मुक्त किस्तों पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराने की घोषणा की। बैठक में किसान संगठन की ओर से नितिन कुमार सिरोही, नितेंद्र कुमार, मुकुल त्यागी, राजेंद्र सिंह, राजीव कुमार, आलोक ठाकुर सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
