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Bijnor News: सुख समृद्धि-सांप्रदायिक सौहार्द के लिए कांवड़ ला रहे उमरारा के शिवभक्त
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महाकाल डाक कांवड़ लेकर धामपुर से होकर जाते मुरादाबाद के तहसील बिलारी के गांव उमरारा के शिव भक्त
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धामपुर। हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़ियों के जयकारों से धामपुर नगर का वातावरण शिवमय हो गया है। मुरादाबाद जिले की बिलारी तहसील के उमरारा गांव के 27 शिव भक्तों का एक जत्था तीसरी बार कांवड़ यात्रा पर है। यह जत्था घर, परिवार, देश की सुख-समृद्धि और सांप्रदायिक सौहार्द के लिए गंगाजल लेकर आ रहा है।
शिव भक्तों ने बताया कि वे तीन अगस्त को उमरारा गांव से ट्रैक्टर से हरिद्वार के लिए निकले थे। छह अगस्त को उन्होंने हरिद्वार पहुंचकर पहले नीलकंठ भगवान के दर्शन किए। इसके बाद गंगाजल भरकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गए। शिव भक्त रामकुमार, भोलू, कमल कुमार, कालू, विष्णु, सुभाष, सतीश कुमार, कुलवंश और बंटी ने बताया कि वे पिछले तीन सालों से कांवड़ ला रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें यात्रा में अब तक कोई बाधा नहीं आई है। जत्थे में शामिल सभी 27 शिव भक्त एक ही परिवार के सदस्य हैं। वे रास्ते में उचित स्थान देखकर रुकते हैं और अपने संसाधनों से भोजन तैयार करते हैं। भोजन पहले भगवान भोले को भोग लगाकर स्वयं ग्रहण करते हैं।
शिव भक्तों का कहना है कि देश में नफरत की राजनीति ने विकास को रोका है। आपसी भाईचारे में भारी गिरावट आ रही है। ऐसा न हो, इसलिए वे इस बार भगवान शंकर की कृपा से कांवड़ ला रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे नौ अगस्त को मुरादाबाद पहुंचेंगे। दस अगस्त को बिलारी के अपने उमरारा गांव पहुंचेंगे।
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ग्यारह अगस्त को वे अपने गांव के शिव मंदिर में जलाभिषेक करेंगे। गांव में एक विशाल भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा। यात्रा के दौरान शिव भक्तों ने डीजे पर जमकर नृत्य किया। इस मौके पर स्थानीय शिव भक्तों ने भी जत्थे में शामिल श्रद्धालुओं का सहयोग किया।
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शिव भक्तों ने बताया कि वे तीन अगस्त को उमरारा गांव से ट्रैक्टर से हरिद्वार के लिए निकले थे। छह अगस्त को उन्होंने हरिद्वार पहुंचकर पहले नीलकंठ भगवान के दर्शन किए। इसके बाद गंगाजल भरकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गए। शिव भक्त रामकुमार, भोलू, कमल कुमार, कालू, विष्णु, सुभाष, सतीश कुमार, कुलवंश और बंटी ने बताया कि वे पिछले तीन सालों से कांवड़ ला रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें यात्रा में अब तक कोई बाधा नहीं आई है। जत्थे में शामिल सभी 27 शिव भक्त एक ही परिवार के सदस्य हैं। वे रास्ते में उचित स्थान देखकर रुकते हैं और अपने संसाधनों से भोजन तैयार करते हैं। भोजन पहले भगवान भोले को भोग लगाकर स्वयं ग्रहण करते हैं।
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शिव भक्तों का कहना है कि देश में नफरत की राजनीति ने विकास को रोका है। आपसी भाईचारे में भारी गिरावट आ रही है। ऐसा न हो, इसलिए वे इस बार भगवान शंकर की कृपा से कांवड़ ला रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे नौ अगस्त को मुरादाबाद पहुंचेंगे। दस अगस्त को बिलारी के अपने उमरारा गांव पहुंचेंगे।
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ग्यारह अगस्त को वे अपने गांव के शिव मंदिर में जलाभिषेक करेंगे। गांव में एक विशाल भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा। यात्रा के दौरान शिव भक्तों ने डीजे पर जमकर नृत्य किया। इस मौके पर स्थानीय शिव भक्तों ने भी जत्थे में शामिल श्रद्धालुओं का सहयोग किया।