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Bijnor News: इस्राइल-अमेरिका और ईरान में छिड़ी जंग से हैंडीक्राफ्ट कारोबारियों में चिंता
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गौरव गोयल
नगीना। इस्राइल-अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी जंग ने नगीना के विश्वविख्यात हैंडीक्राफ्ट उद्योग से जुड़े उद्यमियों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। पिछले एक साल से अमेरिकी टैरिफ की मार झेल रहे कारोबारी पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव से बेहद चिंतित है। उन्हें डर सता रहा है कि यदि इन देशों के बीच छिड़ी जंग लंबी चली तो इसका असर यहां के निर्यात उद्योग पर पड़ेगा।
काष्ठकला नगरी के नाम से मशहूर नगीना के हैंडीक्राफ्ट कारोबारियों के कारोबार की गति हमेशा से विदेशी हालात पर निर्भर रही है। 400 करोड़ रुपये से अधिक का सालाना निर्यात कारोबार करने वाला हैंडीक्राफ्ट उद्योग दुनिया भर में तनाव पूर्ण स्थिति होते ही हिचकोले खाने लगता है। विदित है कि नगीना से हैंडीक्राफ्ट का निर्यात कारोबार सबसे ज्यादा अकेले अमेरिका से होता है। आधे से अधिक हैंडीक्राफ्ट के निर्यात कारोबार की गति अमेरिका से भारत के मधुर संबंधों व वहां के हालात पर निर्भर करती है।
पिछले दिनों अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा टैरिफ को लेकर की गई अलग-अलग घोषणाओं से नगीना के हैंडीक्राफ्ट उद्योग की गति में पहले से ही अस्थिरता बनी हुई है। अमेरिका द्वारा भारत से निर्यात होने वाली अधिकतर वस्तुओं पर लगाए गए मनमाने टैरिफ पर वहां के सुप्रीम कोर्ट द्वारा अवैध करार देते हुए निरस्त किए जाने के बाद भी अमेरिका राष्ट्रपति द्वारा वैश्विक टैरिफ 15 प्रतिशत थोप दिया था। अभी यहां के कारोबारी टैरिफ की मार से उबर भी नहीं पाए हैं कि अब खाड़ी देशों में युद्ध के बने हालात एक बार फिर इस उद्योग की गति को प्रभावित कर सकते हैं। (संवाद)
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नगीना। इस्राइल-अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी जंग ने नगीना के विश्वविख्यात हैंडीक्राफ्ट उद्योग से जुड़े उद्यमियों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। पिछले एक साल से अमेरिकी टैरिफ की मार झेल रहे कारोबारी पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव से बेहद चिंतित है। उन्हें डर सता रहा है कि यदि इन देशों के बीच छिड़ी जंग लंबी चली तो इसका असर यहां के निर्यात उद्योग पर पड़ेगा।
काष्ठकला नगरी के नाम से मशहूर नगीना के हैंडीक्राफ्ट कारोबारियों के कारोबार की गति हमेशा से विदेशी हालात पर निर्भर रही है। 400 करोड़ रुपये से अधिक का सालाना निर्यात कारोबार करने वाला हैंडीक्राफ्ट उद्योग दुनिया भर में तनाव पूर्ण स्थिति होते ही हिचकोले खाने लगता है। विदित है कि नगीना से हैंडीक्राफ्ट का निर्यात कारोबार सबसे ज्यादा अकेले अमेरिका से होता है। आधे से अधिक हैंडीक्राफ्ट के निर्यात कारोबार की गति अमेरिका से भारत के मधुर संबंधों व वहां के हालात पर निर्भर करती है।
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पिछले दिनों अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा टैरिफ को लेकर की गई अलग-अलग घोषणाओं से नगीना के हैंडीक्राफ्ट उद्योग की गति में पहले से ही अस्थिरता बनी हुई है। अमेरिका द्वारा भारत से निर्यात होने वाली अधिकतर वस्तुओं पर लगाए गए मनमाने टैरिफ पर वहां के सुप्रीम कोर्ट द्वारा अवैध करार देते हुए निरस्त किए जाने के बाद भी अमेरिका राष्ट्रपति द्वारा वैश्विक टैरिफ 15 प्रतिशत थोप दिया था। अभी यहां के कारोबारी टैरिफ की मार से उबर भी नहीं पाए हैं कि अब खाड़ी देशों में युद्ध के बने हालात एक बार फिर इस उद्योग की गति को प्रभावित कर सकते हैं। (संवाद)
