यूपी चुनाव परिणाम 2022: बिजनौर के तीन विधायकों ने लगाई जीत की हैट्रिक, तीन दशक से नजीबाबाद में नहीं खिला कमल
उत्तर प्रदेश के बिजनौर में तीन विधायकों ने इस बार विधानसभा चुनाव में जीत की हैट्रिक लगाई है। इनमें दो सपा और एक भाजपा विधायक शामिल हैं। वहीं जिले की एक विधानसभा सीट ऐसी है जिस पर पिछले तीन दशक से कमल नहीं खिला है। पढ़ें ये खास रिपोर्ट: -
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के तीन विधायक जीत की हैट्रिक लगाने में कामयाब हो गए हैं। नजीबाबाद, नगीना और नहटौर सीट पर तीनों ही विधायकों का गढ़ मजबूत हो चुका है। इन विधायकों के समर्थकों में खुशी की लहर है।
गुरुवार को विधानसभा चुनाव की मतगणना हुई। नजीबाबाद और नगीना सीट फिर से सपा के खाते में चली गई। नजीबाबाद सीट पर सपा के हाजी तसलीम अहमद ने जीत दर्ज कराई है। तसलीम अहमद तीसरी बार विधायक बने हैं। साल 2012 में तसलीम अहमद पहली बार नजीबाबाद सीट से बसपा के टिकट पर विधायक चुने गए थे।
साल 2017 में तसलीम अहमद ने पाला बदल लिया और सपा में पहुंच गए। भाजपा की प्रचंड लहर में भी सपा के टिकट पर तसलीम अहमद ने दूसरी बार जीत दर्ज कराई। अब साल 2022 के चुनाव में सपा के टिकट पर तसलीम अहमद ने जीत की हैट्रिक लगा दी। तीसरी बार में यह उनकी सबसे ज्यादा मतों से हुई है।
साल 2012 में बसपा के टिकट पर ओमकुमार विधायक बने थे, साल 2017 में भाजपा के टिकट पर दूसरी बार विधायक चुने गए और अब फिर से तीसरी बार चुनाव जीते हैं। तीनों ही विधायक जिले में ऐसे विधायक है जोकि हैट्रिक लगाने में कामयाब रहे।
यह भी पढ़ें: UP Election Result: पश्चिमी यूपी की छह सीटों पर रहा जबरदस्त मुकाबला, सरधना में अतुल प्रधान ने संगीत सोम को किया चित
तीन दशक से नजीबाबाद में नहीं खिला कमल
विधानसभा क्षेत्र नजीबाबाद में करीब तीन दशक से भाजपा को जीत नहीं मिली है। विधानसभा क्षेत्र नजीबाबाद से वर्ष 1991 में भाजपा से राजेंद्र सिंह चुनाव जीते थे। मध्यवर्ती चुनाव में वर्ष 1993 में माकपा के मास्टर रामस्वरूप सिंह जनता दल गठबंधन से चुनाव जीते थे। मास्टर रामस्वरूप सिंह लगातार तीन बार विधायक रहे। वर्ष 1996 में माकपा के रामस्वरूप सिंह सपा गठबंधन से चुनाव जीते थे। वर्ष 2002 में भी सपा गठबंधन में माकपा के रामस्वरूप सिंह को तीसरी बार चुनाव जीतने का मौका मिला था।
विधानसभा वर्ष 2007 के चुनाव में बसपा के शीशराम सिंह, वर्ष 2012 में बसपा से ही हाजी तसलीम अहमद ने चुनाव जीता था। वर्ष 2017 में सपा सिंबल पर हाजी तसलीम अहमद दूसरी बार विधानसभा चुनाव जीते थे। समाजवादी पार्टी ने एक बार फिर तसलीम अहमद पर विश्वास रखते हुए उन्हें टिकट दिया। रालोद गठबंधन के साथ तसलीम अहमद ने अब तक की 23803 मतों से सबसे बड़ी जीत हासिल की है।