{"_id":"69d1705adbdc520a6d012baf","slug":"35-women-disaster-friends-ready-to-face-disasters-badaun-news-c-123-1-bdn1037-160880-2026-04-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: आपदाओं से मुकाबले के लिए 35 महिला आपदा मित्र तैयार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: आपदाओं से मुकाबले के लिए 35 महिला आपदा मित्र तैयार
विज्ञापन
विज्ञापन
बदायूं। जनपद में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ‘आपदा मित्र’ योजना के तहत महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसमें 35 महिलाओं को लखनऊ में 12 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण देकर तैयार किया गया है। जो अब आपातकालीन परिस्थितियों में अहम भूमिका निभाएंगी।
जिले में अब कुल 100 आपदा मित्र हैं। इनमें 35 महिलाएं शामिल हैं। इन महिलाओं को विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत बाढ़, अग्निकांड और अन्य आपदाओं के दौरान राहत व बचाव कार्यों की बारीकियां सिखाई गईं। प्रशिक्षण के दौरान प्राथमिक उपचार, घायलों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाना, आग बुझाने के शुरुआती उपाय, आपदा के समय संचार व्यवस्था बनाए रखना और लोगों को सुरक्षित निकालने जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
प्रशिक्षण का उद्देश्य यह है कि आपदा आने पर शुरुआती समय में ही स्थानीय स्तर पर त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा सके। जिससे नुकसान को कम किया जा सके। अक्सर देखा जाता है कि किसी भी आपदा के दौरान शुरुआती कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में प्रशिक्षित ‘आपदा मित्र’ मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों को तुरंत शुरू कर सकते हैं।
प्रशिक्षित महिला आपदा मित्र अब अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करने का काम भी करेंगी। वे गांवों और मोहल्लों में जाकर लोगों को आग से बचाव, बाढ़ के समय सावधानियां और आपातकालीन स्थिति में अपनाए जाने वाले उपायों की जानकारी देंगी। इससे लोगों में जागरूकता बढ़ेगी और वे किसी भी आपदा के लिए पहले से तैयार रह सकेंगे।
आपात स्थिति में ये महिलाएं फर्स्ट रिस्पॉन्डर के रूप में कार्य करेंगी। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि आपदा प्रबंधन में महिलाओं की भागीदारी से कार्यों में संवेदनशीलता और प्रभावशीलता दोनों बढ़ेंगी। आने वाले समय में इन प्रशिक्षित ‘आपदा मित्रों’ की मदद से जिले में आपदा से निपटने की क्षमता और अधिक सुदृढ़ होगी।
Trending Videos
जिले में अब कुल 100 आपदा मित्र हैं। इनमें 35 महिलाएं शामिल हैं। इन महिलाओं को विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत बाढ़, अग्निकांड और अन्य आपदाओं के दौरान राहत व बचाव कार्यों की बारीकियां सिखाई गईं। प्रशिक्षण के दौरान प्राथमिक उपचार, घायलों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाना, आग बुझाने के शुरुआती उपाय, आपदा के समय संचार व्यवस्था बनाए रखना और लोगों को सुरक्षित निकालने जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रशिक्षण का उद्देश्य यह है कि आपदा आने पर शुरुआती समय में ही स्थानीय स्तर पर त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा सके। जिससे नुकसान को कम किया जा सके। अक्सर देखा जाता है कि किसी भी आपदा के दौरान शुरुआती कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में प्रशिक्षित ‘आपदा मित्र’ मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों को तुरंत शुरू कर सकते हैं।
प्रशिक्षित महिला आपदा मित्र अब अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करने का काम भी करेंगी। वे गांवों और मोहल्लों में जाकर लोगों को आग से बचाव, बाढ़ के समय सावधानियां और आपातकालीन स्थिति में अपनाए जाने वाले उपायों की जानकारी देंगी। इससे लोगों में जागरूकता बढ़ेगी और वे किसी भी आपदा के लिए पहले से तैयार रह सकेंगे।
आपात स्थिति में ये महिलाएं फर्स्ट रिस्पॉन्डर के रूप में कार्य करेंगी। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि आपदा प्रबंधन में महिलाओं की भागीदारी से कार्यों में संवेदनशीलता और प्रभावशीलता दोनों बढ़ेंगी। आने वाले समय में इन प्रशिक्षित ‘आपदा मित्रों’ की मदद से जिले में आपदा से निपटने की क्षमता और अधिक सुदृढ़ होगी।