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Budaun News: घरेलू विवाद में ट्रेन से बच्चे का अपहरण करने का आरोप
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बिसौली। अलीगढ़-बरेली पैसेंजर ट्रेन से बृहस्पतिवार शाम करीब 7 बजे एक महिला ने डेढ़ वर्षीय अपने पोते के अपहरण का आरोप लगाया। हालांकि पुलिस ने इसे पारिवारिक विवाद का मामला बताया। कहा कि बच्चा उसकी मां के पास पहुंच गया है।
गांव दामरी निवासी सुनीता पत्नी प्रमोद श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि वह बीमार पोते को उपचार के लिए बरेली ले जा रही थीं। जैसे ही ट्रेन दबतोरी रेलवे स्टेशन पर पहुंची। गांव के 8-10 युवक ट्रेन में चढ़ गए। आरोप है कि उनके साथ मारपीट करते हुए कपड़े फाड़ डाले और नाती को अपने साथ ले गए।
पीड़िता ने बताया, उसके बेटे का विवाह कुछ समय पूर्व दबतोरी गांव में हुआ था। पति-पत्नी के विवाद के चलते बच्चा उनके पास रह रहा था। घटना के बाद वह दबतोरी चौकी पहुंचीं, लेकिन मामला ट्रेन के अंदर का बताकर उन्हें जीआरपी के पास भेज दिया गया। बरेली जीआरपी ने उसे स्थानीय पुलिस के पास भेज दिया।
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दबतोरी चौकी प्रभारी जितेंद्र सिंह यादव ने शिकायत मिलने पर बच्चे की मां लक्ष्मी को बच्चे समेत चौकी बुलाकर पूछताछ की। उसने बताया कि बच्चा मात्र 15 दिन का था, आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष ने उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया था और बच्चा अपने पास रख लिया था। तब से डेढ़ वर्ष तक बच्चे का पालन पोषण दादी ने किया। कानून छह वर्ष तक के बच्चे की अभिरक्षा को प्राथमिकता के आधार पर मां के पास रखने का अधिकार देता है। फिलहाल, बच्चा अपनी मां के पास सुरक्षित है। महिला द्वारा लगाए गए मारपीट और जबरन बच्चा छीनने के आरोपों की जांच संबंधित स्तर पर की जा रही है।
घटना रेल के अंदर की है, इसलिए मामले में आवश्यक कार्रवाई जीआरपी पुलिस द्वारा ही की जाएगी। स्थानीय पुलिस आवश्यक समन्वय में सहयोग कर सकती है। जैसा कि दबतोरी चौकी प्रभारी जितेंद्र सिंह यादव ने किया है। - सीओ संजीव, सीओ बिसौली
गांव दामरी निवासी सुनीता पत्नी प्रमोद श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि वह बीमार पोते को उपचार के लिए बरेली ले जा रही थीं। जैसे ही ट्रेन दबतोरी रेलवे स्टेशन पर पहुंची। गांव के 8-10 युवक ट्रेन में चढ़ गए। आरोप है कि उनके साथ मारपीट करते हुए कपड़े फाड़ डाले और नाती को अपने साथ ले गए।
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पीड़िता ने बताया, उसके बेटे का विवाह कुछ समय पूर्व दबतोरी गांव में हुआ था। पति-पत्नी के विवाद के चलते बच्चा उनके पास रह रहा था। घटना के बाद वह दबतोरी चौकी पहुंचीं, लेकिन मामला ट्रेन के अंदर का बताकर उन्हें जीआरपी के पास भेज दिया गया। बरेली जीआरपी ने उसे स्थानीय पुलिस के पास भेज दिया।
दबतोरी चौकी प्रभारी जितेंद्र सिंह यादव ने शिकायत मिलने पर बच्चे की मां लक्ष्मी को बच्चे समेत चौकी बुलाकर पूछताछ की। उसने बताया कि बच्चा मात्र 15 दिन का था, आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष ने उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया था और बच्चा अपने पास रख लिया था। तब से डेढ़ वर्ष तक बच्चे का पालन पोषण दादी ने किया। कानून छह वर्ष तक के बच्चे की अभिरक्षा को प्राथमिकता के आधार पर मां के पास रखने का अधिकार देता है। फिलहाल, बच्चा अपनी मां के पास सुरक्षित है। महिला द्वारा लगाए गए मारपीट और जबरन बच्चा छीनने के आरोपों की जांच संबंधित स्तर पर की जा रही है।
घटना रेल के अंदर की है, इसलिए मामले में आवश्यक कार्रवाई जीआरपी पुलिस द्वारा ही की जाएगी। स्थानीय पुलिस आवश्यक समन्वय में सहयोग कर सकती है। जैसा कि दबतोरी चौकी प्रभारी जितेंद्र सिंह यादव ने किया है। - सीओ संजीव, सीओ बिसौली