{"_id":"69f3a72d2629f456090ca2e2","slug":"action-resumes-in-chit-fund-scam-agent-arrested-badaun-news-c-123-1-bdn1036-162797-2026-05-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: चिटफंड घोटाले में फिर शुरू हुई कार्रवाई, एजेंट गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: चिटफंड घोटाले में फिर शुरू हुई कार्रवाई, एजेंट गिरफ्तार
विज्ञापन
विज्ञापन
बदायूं। दो सौ करोड़ रुपये की ठगी करने वाली अमर ज्योति चिटफंड कंपनी के खिलाफ पुलिस ने फिर से कार्रवाई तेज कर दी है। आरोपियों की गिरफ्तारी पर दिए गए स्थगनादेश को हाईकोर्ट के निरस्त करने के बाद बुधवार को पुलिस ने एक और एजेंट गिरफ्तार कर लिया। अलापुर क्षेत्र के उनौला निवासी एजेंट विजय वर्मा को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद जेल भेज दिया गया। इससे पहले इस चिटफंड घोटाले में आठ एजेंटों को जेल भेजा जा चुका है। अब मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी जल्द होने की संभावना बढ़ गई है।
बरेली के तीन भाइयों शशिकांत मौर्या, सूर्यकांत और श्रीकांत ने मिलकर बदायूं में अमर ज्योति चिटफंड कंपनी की स्थापना की थी। पुलिस के मुताबिक इन शातिर भाइयों ने एजेंटों के माध्यम से हजारों लोगों से रुपये निवेश कराए गए। इस तरह उन्होंने 200 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि एकत्र की। जब निवेशकों को उनके रुपये लौटाने का समय आया, तो कंपनी के मालिक सारी रकम लेकर भाग गए। इस धोखाधड़ी के बाद जिले के लोगों ने उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस ने इस मामले में अब तक चार केस दर्ज दर्ज किए हैं। मुख्य आरोपित शशिकांत मौर्या, सूर्यकांत और श्रीकांत अभी हाथ नहीं आ सके हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
बुधवार को चेकिंग अभियान के दौरान शहर कोतवाली पुलिस ने एजेंट विजय को अलापुर थाना क्षेत्र से पकड़ा। कोतवाल संजय सिंह ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
चिटफंड कंपनी का जाल और ठगी का तरीका
अमर ज्योति चिटफंड कंपनी में एजेंटों का एक बड़ा नेटवर्क बनाया गया था। 200 से अधिक एजेंटों के माध्यम से हजारों आम लोगों और सैकड़ों वकीलों को निवेश के लिए प्रेरित किया गया। इन एजेंटों ने निवेशकों को आकर्षक प्रतिफल का लालच देकर 200 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जमा कराई।
मुख्य आरोपितों पर कार्रवाई के लिए लगातार हो रहे प्रदर्शन
इस बड़े चिटफंड घोटाले के सामने आने के बाद जिले भर में लोगों ने विरोध प्रदर्शन किए और पुलिस से कार्रवाई की मांग की। निवेशकों की ओर से बरेली में कटरा चांद खां में स्थित आरोपियों के घर का घेराव और एसएसपी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन के बाद बरेली और बदायूं में दोनों के खिलाफ 10 से ज्यादा रिपोर्ट दर्ज की गई थीं।
शशिकांत और सूर्यकांत पर घोषित है 50-50 हजार का इनाम
अमर ज्योति कंपनी के निदेशक शशिकांत मौर्य और उसके भाई सूर्यकांत मौर्य की गिरफ्तारी पर दिए गए स्थगन आदेश को हाईकोर्ट ने 10 अप्रैल को निरस्त किया था। दोनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर गिरफ्तारी के लिए एसआईटी बना दी गई थी। सूर्यकांत भाजपा का महानगर उपाध्यक्ष था। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भाजपा ने उसे निष्कासित कर दिया था।
आरोपियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट की शरण ली थी। कोर्ट ने निवेशकों की रकम वापस करने की शर्त पर गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। इसके बाद भी आरोपियों ने निवेशकों के रुपये नहीं लौटाए। बदायूं कोतवाली में दर्ज एक मामले में गिरफ्तारी को लेकर पीड़ितों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने स्थगन आदेश को निरस्त करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी का आदेश दिया है। हालांकि, शशिकांत मौर्या, सूर्यकांत और श्रीकांत अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। वहीं विजय कुमार वर्मा की गिरफ्तारी के साथ ही इस मामले में कुल नौ एजेंटों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
Trending Videos
बरेली के तीन भाइयों शशिकांत मौर्या, सूर्यकांत और श्रीकांत ने मिलकर बदायूं में अमर ज्योति चिटफंड कंपनी की स्थापना की थी। पुलिस के मुताबिक इन शातिर भाइयों ने एजेंटों के माध्यम से हजारों लोगों से रुपये निवेश कराए गए। इस तरह उन्होंने 200 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि एकत्र की। जब निवेशकों को उनके रुपये लौटाने का समय आया, तो कंपनी के मालिक सारी रकम लेकर भाग गए। इस धोखाधड़ी के बाद जिले के लोगों ने उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस ने इस मामले में अब तक चार केस दर्ज दर्ज किए हैं। मुख्य आरोपित शशिकांत मौर्या, सूर्यकांत और श्रीकांत अभी हाथ नहीं आ सके हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुधवार को चेकिंग अभियान के दौरान शहर कोतवाली पुलिस ने एजेंट विजय को अलापुर थाना क्षेत्र से पकड़ा। कोतवाल संजय सिंह ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
चिटफंड कंपनी का जाल और ठगी का तरीका
अमर ज्योति चिटफंड कंपनी में एजेंटों का एक बड़ा नेटवर्क बनाया गया था। 200 से अधिक एजेंटों के माध्यम से हजारों आम लोगों और सैकड़ों वकीलों को निवेश के लिए प्रेरित किया गया। इन एजेंटों ने निवेशकों को आकर्षक प्रतिफल का लालच देकर 200 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जमा कराई।
मुख्य आरोपितों पर कार्रवाई के लिए लगातार हो रहे प्रदर्शन
इस बड़े चिटफंड घोटाले के सामने आने के बाद जिले भर में लोगों ने विरोध प्रदर्शन किए और पुलिस से कार्रवाई की मांग की। निवेशकों की ओर से बरेली में कटरा चांद खां में स्थित आरोपियों के घर का घेराव और एसएसपी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन के बाद बरेली और बदायूं में दोनों के खिलाफ 10 से ज्यादा रिपोर्ट दर्ज की गई थीं।
शशिकांत और सूर्यकांत पर घोषित है 50-50 हजार का इनाम
अमर ज्योति कंपनी के निदेशक शशिकांत मौर्य और उसके भाई सूर्यकांत मौर्य की गिरफ्तारी पर दिए गए स्थगन आदेश को हाईकोर्ट ने 10 अप्रैल को निरस्त किया था। दोनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर गिरफ्तारी के लिए एसआईटी बना दी गई थी। सूर्यकांत भाजपा का महानगर उपाध्यक्ष था। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भाजपा ने उसे निष्कासित कर दिया था।
आरोपियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट की शरण ली थी। कोर्ट ने निवेशकों की रकम वापस करने की शर्त पर गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। इसके बाद भी आरोपियों ने निवेशकों के रुपये नहीं लौटाए। बदायूं कोतवाली में दर्ज एक मामले में गिरफ्तारी को लेकर पीड़ितों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने स्थगन आदेश को निरस्त करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी का आदेश दिया है। हालांकि, शशिकांत मौर्या, सूर्यकांत और श्रीकांत अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। वहीं विजय कुमार वर्मा की गिरफ्तारी के साथ ही इस मामले में कुल नौ एजेंटों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
