बदायूं दोहरा हत्याकांड: एचपीसीएल प्लांट में डीजीएम समेत दोनों पदों पर हुई तैनाती, नए सिरे से होगी कर्मचारियों
बदायूं के सैजनी गांव स्थित एचपीसीएल प्लांट में 12 मार्च को दो अफसरों की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद से यह प्लांट बंद है। घटना के बाद खाली दोनों पदों पर अफसरों की तैनाती हो गई है। प्लांट का संचालन जल्द ही शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।
विस्तार
बदायूं के सैजनी गांव स्थित एचपीसीएल प्लांट को दोबारा चालू कराने की तैयारियां लगभग पूरी होने के बीच नए उप महाप्रबंधक (डीजीएम) और सहायक मुख्य प्रबंधक (एसीएम) की तैनाती कर दी गई है। वहीं कर्मचारियों की भर्ती के लिए वेंडर भी फाइनल कर लिया गया है। इसी के साथ शुक्रवार को प्लांट खोलकर मजदूरों से साफ-सफाई कराई गई। हालांकि प्लांट संचालन की तिथि अब तक तय नहीं हो सकी है।
इस प्लांट में उप महाप्रबंधक सुधीर गुप्ता और सहायक मुख्य प्रबंधक हर्षित मिश्रा की 12 मार्च को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। तब से यह प्लांट बंद है। बीते 22 दिनों में वहां केवल जांच के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी जाते रहे। सूत्रों के अनुसार प्लांट में अब प्रबंधन स्तर से उप महाप्रबंधक और सहायक मुख्य प्रबंधक पदों की नियुक्ति कर दी गई है। कंपनी की ओर से फिलहाल उनके नामों का खुलासा नहीं किया गया है। इसके साथ ही प्लांट संचालन के लिए जिस एजेंसी के माध्यम से कर्मचारियों की भर्ती की जानी है, उस वेंडर का चयन भी कर लिया गया है।
बताया जा रहा है कि प्रारंभिक चरण में करीब 125 कर्मचारियों को नियुक्त किया जाएगा। इसके बाद आवश्यकता के अनुसार कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाएगी। हालांकि भर्ती प्रक्रिया, सुरक्षा इंतजाम और संचालन से जुड़े अन्य बिंदुओं पर अभी भी काम चल रहा है, जिसके चलते संचालन की तिथि घोषित नहीं हो पा रही है। सुरक्षा के लिए यहां पुलिस व पीएसी का पहरा है।
हर दिन 13 लाख रुपये का नुकसान, 70 टन पराली खराब होने का खतरा
कंपनी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक प्लांट के बंद रहने से कंपनी को प्रतिदिन करीब 13 लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्लांट में प्रतिदिन लगभग 70 टन पराली का उपयोग किया जाता था, जो अब खराब होने के कगार पर है। जानकारों के मुताबिक, प्लांट से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में बायो-गैस का उत्पादन होता था, जिससे न केवल ऊर्जा उत्पादन होता था बल्कि किसानों को पराली निस्तारण का भी बेहतर विकल्प मिल रहा था। प्लांट बंद होने से जहां आर्थिक नुकसान हो रहा है, वहीं पर्यावरणीय दृष्टि से भी यह चिंता का विषय बनता जा रहा है।
डीएम अवनीश राय ने बताया कि कंपनी की तरफ से तीन अप्रैल से प्लांट खोलकर सफाई कराने की जानकारी दी गई थी। प्लांट का संचालन जल्द शुरू होगा, इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया चल रही है। सुरक्षा के लिए भी कड़े प्रबंध किए गए हैं।
एसडीएम दातांगज धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि प्लांट का संचालन जल्द शुरू होने की उम्मीद है। इसको लेकर लगभग सभी औपचारिकताएं पूरी की जा चुकी है। सुरक्षा-व्यवस्था के भी कड़े प्रबंध किए गए हैं।