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गैस संकट गहराया: स्कूलों में चूल्हे पर पकने लगा मिड-डे मील

संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं Updated Sun, 05 Apr 2026 01:41 AM IST
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Gas crisis deepens: Schools start cooking mid-day meals on stoves
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बदायूं। जिले के परिषदीय स्कूलों में इन दिनों गैस संकट ने मिड-डे मील (एमडीएम) व्यवस्था को प्रभावित कर दिया है। कई विद्यालयों में गैस सिलिंडर खत्म हो चुके हैं। इसके चलते रसोइयों को मजबूरी में पारंपरिक चूल्हों पर भोजन तैयार करना पड़ रहा है। इससे न केवल भोजन बनने में अधिक समय लग रहा है, बल्कि धुएं के कारण रसोइयों और बच्चों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है।
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जिले में 2157 परिषदीय स्कूल है। अब धीरे-धीरे स्कूलों में सिलिंडर खत्म होने लगे। हालात यह है अब गैस सिलिंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। आपूर्ति में देरी और एजेंसियों पर बढ़ते दबाव के चलते शिक्षक खुद गैस एजेंसियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। कई जगहों पर शिक्षक घंटों लाइन में खड़े होकर सिलिंडर लेने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन फिर भी समय पर सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है।
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मुजरिया क्षेत्र के ढकापुर मीरापुर के कंपोजिट विद्यालय के प्रधानाध्यापक राम प्रताप सिंह का कहना है कि तीन पहले सिलिंडर खत्म हो गया। अभी तक नहीं मिल पाया है। उम्मीद है कि रविवार को मिल जाए। इसकी वजह से मजबूरी में मिड-डे मील बंद करना पड़ा है। इसी तरह कंपोजिट विद्यालय रफीनगर, प्राथमिक विद्यालय ज्वालापुर भी शामिल हैं।
कादरचौक में उच्च प्राथमिक विद्यालय मुस्कारा, उच्च प्राथमिक विद्यालय कटिना बरुचऊ, संविलियन विद्यालय बोंदरी, प्राथमिक विद्यालय कादरबाड़ी, प्राथमिक विद्यालय चौड़ा आदि में भी सिलिंडर खत्म हो गया है। ऐसे में अब इन लोगों ने दोबारा से चूल्हे का उपयोग करना शुरू कर दिया है।
यहीं हाल सहसवान क्षेत्र के शिवहरी कन्या प्राथमिक विद्यालय का है। यहां पर भी सिलिंडर खत्म हो गया है। इस संकट का सीधा असर मिड-डे मील की गुणवत्ता और समय पर वितरण पर पड़ रहा है। जहां पहले गैस पर जल्दी भोजन तैयार हो जाता था, वहीं अब चूल्हे पर खाना बनाने में अधिक समय लगने से बच्चों को भोजन देर से मिल रहा है। इससे बच्चों की पढ़ाई का समय भी प्रभावित हो रहा है। कई रसोइयों ने बताया कि लंबे समय तक धुएं में काम करना मुश्किल हो रहा है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
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एजेंसी वाले लगवा रहे चक्कर
-शिक्षकों का कहना है कि उनके पास पहले से गैस कनेक्शन है। सिलिंडर खत्म होने पर वह सिलिंडर लेने के लिए एजेंसी पहुंच रहे हैं, तो एजेंसी संचालक केवाईसी न होने की बात कह रहे हैं। ऐसे में उनकी ओर से शिक्षकों को एक फार्मेंट दिया जा रहा है। जिसको भरने के बाद में उनके साथ कही प्रधानाध्यापक की आईडी, एमडीएम रजिस्टर की फोटो कॉपी लगवाई जा रही है। साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी से सत्यापित करवा कर जमा करने के लिए कह रहे हैं। वहीं, जिनकी पहले ही केवाईसी हो रखी है। उनको सिलिंडर लेने के लिए एजेंसी के चक्कर कटाने पड़ रहे हैं, लाइन में लगाना पड़ा है। कई बार नंबर न आने पर दूसरे दिन आना पड़ रहा है। इससे स्कूल में पढ़ाई काम प्रभावित हो रहा है।
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इसको लेकर डीएसओ से वार्ता की जाएगी। ताकि स्कूलों को समय पर सिलिंडर उपलब्ध हो सकें। जिससे शिक्षकों को परेशानी न हो।
-वीरेंद्र कुमार सिंह, बीएसए
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