{"_id":"6a31a8135fb21f262201ed38","slug":"instructions-issued-for-action-against-arto-for-disregarding-court-order-badaun-news-c-123-1-sbly1001-166369-2026-06-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: न्यायालय के आदेश की अनदेखी पर एआरटीओ के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: न्यायालय के आदेश की अनदेखी पर एआरटीओ के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बदायूं। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने न्यायालय के आदेशों का अनुपालन न करने पर एआरटीओ (प्रवर्तन) के खिलाफ डीएम को विधि अनुसार 15 दिन में कार्रवाई कर कोर्ट को अवगत कराने के निर्देश दिए हैं।
न्यायालय के अनुसार, 14 मार्च और नौ मई 2026 को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारित चालानों को पोर्टल से हटाने के आदेश जारी किए गए थे। संबंधित आदेश एआरटीओ कार्यालय को भी प्राप्त हो चुके थे, लेकिन उनका पालन नहीं किया गया। मामले में न्यायालय ने आठ जून को नोटिस जारी कर 12 जून तक स्पष्टीकरण मांगा था।
बावजूद इसके न तो आदेशों का अनुपालन किया गया और न ही कोई संतोषजनक जवाब प्रस्तुत किया गया। ऐसे में कोर्ट ने डीएम अवनीश राय से संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई कर 15 दिनों के भीतर न्यायालय को अवगत कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं, इस संबंध में एआरटीओ हरिओम का कहना है कि कोर्ट का आदेश मिलने के बाद में न्यायालय का पोर्टल बना दिया। अब उस पोर्टल के माध्यम ही निस्तारित चालान हटा करेंगे। संवाद
विज्ञापन
न्यायालय के अनुसार, 14 मार्च और नौ मई 2026 को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारित चालानों को पोर्टल से हटाने के आदेश जारी किए गए थे। संबंधित आदेश एआरटीओ कार्यालय को भी प्राप्त हो चुके थे, लेकिन उनका पालन नहीं किया गया। मामले में न्यायालय ने आठ जून को नोटिस जारी कर 12 जून तक स्पष्टीकरण मांगा था।
विज्ञापन
विज्ञापन
बावजूद इसके न तो आदेशों का अनुपालन किया गया और न ही कोई संतोषजनक जवाब प्रस्तुत किया गया। ऐसे में कोर्ट ने डीएम अवनीश राय से संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई कर 15 दिनों के भीतर न्यायालय को अवगत कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं, इस संबंध में एआरटीओ हरिओम का कहना है कि कोर्ट का आदेश मिलने के बाद में न्यायालय का पोर्टल बना दिया। अब उस पोर्टल के माध्यम ही निस्तारित चालान हटा करेंगे। संवाद