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छह की मौत: मंगल गीत नहीं अब रुदन... शहनाइयों की जगह गूंज रहीं सिसकियां; परिवार को जिंदगी भर का गम दे गया हादसा

अमर उजाला नेटवर्क, बदायूं Published by: Sharukh Khan Updated Thu, 18 Jun 2026 12:12 PM IST
सार

बदायूं में  बरेली-मथुरा हाईवे पर बुधवार दोपहर रेस लगा रहे दो ट्रैक्टरों की चपेट में आकर ई-कार्ट सवार छह महिलाओं की मौत हो गई। इनमें से चार एक ही परिवार की हैं। महिलाएं  मंगल गीत गाते हुए निकली थीं। अब चीख-पुकार मची है।

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Budaun Accident Two tractors racing on highway ran over e-rickshaw accident left family with lifetime of grief
Budaun Accident - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
बदायूं में हुआ भीषण सड़क हादसा डालचंद्र के परिवार को जिंदगीभर का गम दे दिया। एक ही परिवार की चार महिलाओं की मौत ने पूरे कुनबे को झकझोर दिया है। हादसे ने परिवार की रीढ़ मानी जाने वाली महिलाओं को ही छीन लिया। अब परिवार के सामने सिर्फ अपनों को खोने का दुख ही नहीं, बल्कि शादी की रस्मों को पूरा करने की चुनौती भी खड़ी हो गई है।  


एक साल पहले बनी थी दुल्हन, अब उठी अर्थी
एक साल पहले डालचंद्र के दूसरे नंबर के बेटे भोजराज से शादी कर डोली में बैठकर आई सरला भी देवर कुमरपाल की शादी को लेकर बहुत उत्साहित थीं, लेकिन शादी के एक साल बाद ही अब सरला की अर्थी उठेगी। 

Budaun Accident Two tractors racing on highway ran over e-rickshaw accident left family with lifetime of grief
हादसे के बाद मुरावननगला मोहल्ले की गली में पसरा सन्नाटा। - फोटो : संवाद
तीन बच्चों के सिर से उठा गया मां का साया
हादसे में डालचंद्र की बेटी नारायणी देवी की भी मौत हो गई। नारायणी देवी की शादी कासगंज जिले के सोरों थाना क्षेत्र के गुलाबगढ़ी में हुई थी। उसके तीन बच्चे हैं। हादसे में नारायणी देवी की मौत होने के बाद तीनों बच्चों के ऊपर से मां का साया उठ गया। बच्चे अभी यह समझ भी नहीं पा रहे हैं कि उनकी मां अब कभी लौटकर नहीं आएगी। 

 
Budaun Accident Two tractors racing on highway ran over e-rickshaw accident left family with lifetime of grief
राजकीय मेडिकल कॉलेज में मृतकों और घायलों की जानकारी करती पुलिस - फोटो : संवाद
डालचंद्र के बड़े बेटे वीरपाल की पत्नी गंगाश्री उर्फ आरती की भी हादसे में जान चली गई। उनके दो बेटे हैं। दोनों बच्चों की पढ़ाई और परवरिश को लेकर अब गंभीर चिंता बन गई है। बच्चे अपनी मां के बारे में पूछ रहे हैं तो वहां मौजूद हर किसी के आंखों के आंसू नहीं रुक रहे हैं। 
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Budaun Accident Two tractors racing on highway ran over e-rickshaw accident left family with lifetime of grief
इसी ट्रैक्टर से हुआ हादसा - फोटो : संवाद
घटनास्थल पर पड़ी रह गई ढोलक  
भात की रस्म पूरी करने के लिए ई-कार्ट से जाते वक्त राजकुमारी गोद में रखकर ढोलक बजा रही थीं। हादसे के बाद वह ढोलक उनके शव के पास पड़ी दिखी।
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Budaun Accident Two tractors racing on highway ran over e-rickshaw accident left family with lifetime of grief
उझानी सीएचसी में पुलिस और पीड़ित परिजन। - फोटो : संवाद
मंगल गीत नहीं अब रुदन... शहनाइयों की जगह गूंज रहीं सिसकियां
बदायूं के उझानी के कछला के मुरावन नगला निवासी डालचंद्र के जिस घर से 12 दिन बाद शहनाइयों की गूंज के साथ बेटे कुमरपाल की बरात जानी थी, हादसे के बाद वहां सिसकियां गूंज रही हैं। खुशियों की जगह मातम पसरा है। मंगल गीतों की जगह करुण क्रंदन गूंज रहा है। भात मांगने की रस्म भी अधूरी रह गई। भीषण हादसे में कुमरपाल की मां, बहन, दो भाभियों समेत छह महिलाओं की मौत से हर कोई स्तब्ध है। मोहल्ले की गलियों में सन्नाटा छाया हुआ है।
 
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