जालौन अधिवक्ता हत्याकांड: बदायूं में वकीलों ने किया चक्का जाम, सड़क पर थमा यातायात
जालौन जिले में कालपी बार संघ के अध्यक्ष गयादीन अहिरवार की हत्या के विरोध में सोमवार सुबह बदायूं के अधिवक्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने कलक्ट्रेट के सामने चक्का जाम किया। इससे रोडवेज बसों व अन्य वाहनों के पहिए थम गए, यात्रियों को परेशानी हुई।
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जालौन जिले में कालपी बार संघ के अध्यक्ष गयादीन अहिरवार की हत्या के विरोध में सोमवार सुबह बदायूं के अधिवक्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कलक्ट्रेट के सामने महाराणा प्रताप चौक पर चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शन के कारण रोडवेज बसों और अन्य वाहनों के पहिए थम गए, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी हुई।
जिला बार एसोसिएशन के नेतृत्व में शहरभर के अधिवक्ताओं ने यह प्रदर्शन किया। उन्होंने महाराणा प्रताप चौक पर पुलिस बैरियर और अपनी गाड़ियां खड़ी कर रास्ता अवरुद्ध कर दिया। बरेली से आने वाली और अन्य शहरों की बसों के यात्री इससे सबसे अधिक प्रभावित हुए। कई यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए संपर्क मार्गों का सहारा लेना पड़ा। अधिवक्ताओं ने करीब डेढ़ घंटे तक चक्का जाम जारी रखा। इस दौरान उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में धरना प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
अधिवक्ताओं की प्रमुख मांगें
प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं ने मृतक गयादीन अहिरवार के परिवार के लिए न्याय की मांग की। उन्होंने सरकार से मृतक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग उठाई। इसके साथ ही, अधिवक्ताओं ने पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये की सहायताराशि देने की भी मांग की। वे अपनी मांगों को लेकर काफी देर तक जिलाधिकारी को मौके पर बुलाने पर अड़े रहे।
प्रशासनिक अधिकारियों का हस्तक्षेप
सीओ सिटी सुमेध मिलिंद जाधव मौके पर पहुंचे और अधिवक्ताओं से बात करने का प्रयास किया। हालांकि, अधिवक्ता उनकी बात मानने को तैयार नहीं हुए। अपर जिलाधिकारी प्रशासन मानवेंद्र सिंह ने भी अधिवक्ताओं को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे भी सफल नहीं हो सके।
अधिवक्ताओं की लगातार नारेबाजी और यातायात जाम की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी अवनीश राय ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने कुछ अधिवक्ताओं को अपने कार्यालय परिसर में बुलाया और उनकी मांगों को सुना। इसके बाद अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी को अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा।