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Budaun News: अहमदनगर रुखाड़ा में आंबेडकर पार्क के नाम पर 49,350 रुपये का भुगतान
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बदायूं। ग्राम पंचायत अहमदनगर रुखाड़ा के आंबेडकर पार्क में मिट्टी भराव के नाम पर 49,350 रुपये का फर्जीवाड़ा सामने आया है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर अनियमितता की जांच कराने की मांग की है।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में कहा है कि विकास खंड म्याऊं क्षेत्र की ग्राम पंचायत अहमद नगर रुखाड़ा में कागजों में आंबेडकर पार्क में मिट्टी भराव कार्य दर्शाकर लगभग 49,350 रुपये का भुगतान कर दिया गया, जबकि हकीकत यह है कि पूरे गांव में कहीं भी आंबेडकर पार्क अस्तित्व में ही नहीं है। न तो पूर्व में कोई पार्क बना और न ही वर्तमान में कोई पार्क मौजूद है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी अभिलेखों में कार्य दर्शाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। बिना स्थल सत्यापन के भुगतान कर फर्जी अभिलेख तैयार किए गए, जिससे शासन की योजनाओं और सरकारी धन को क्षति पहुंची है। शिकायत पत्र में उच्च स्तरीय व निष्पक्ष जांच कराकर दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की गई है। साथ ही चेतावनी दी गई कि कार्रवाई न होने पर संगठन उच्च न्यायालय जाने को बाध्य होगा।
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मामला संज्ञान में आपके माध्यम से आया है। अगर सरकारी धन का फर्जीवाड़ा किया गया तो इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी। - सत्येंद्र सिंह, प्रभारी डीसी मनरेगा
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में कहा है कि विकास खंड म्याऊं क्षेत्र की ग्राम पंचायत अहमद नगर रुखाड़ा में कागजों में आंबेडकर पार्क में मिट्टी भराव कार्य दर्शाकर लगभग 49,350 रुपये का भुगतान कर दिया गया, जबकि हकीकत यह है कि पूरे गांव में कहीं भी आंबेडकर पार्क अस्तित्व में ही नहीं है। न तो पूर्व में कोई पार्क बना और न ही वर्तमान में कोई पार्क मौजूद है।
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ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी अभिलेखों में कार्य दर्शाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। बिना स्थल सत्यापन के भुगतान कर फर्जी अभिलेख तैयार किए गए, जिससे शासन की योजनाओं और सरकारी धन को क्षति पहुंची है। शिकायत पत्र में उच्च स्तरीय व निष्पक्ष जांच कराकर दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की गई है। साथ ही चेतावनी दी गई कि कार्रवाई न होने पर संगठन उच्च न्यायालय जाने को बाध्य होगा।
मामला संज्ञान में आपके माध्यम से आया है। अगर सरकारी धन का फर्जीवाड़ा किया गया तो इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी। - सत्येंद्र सिंह, प्रभारी डीसी मनरेगा